स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

ग्रहों को शांत करने वाली मौनी अमावस्या 24 को, यह उपाय चमका सकते हैं किस्मत

Sachin Mathur

Publish: Jan 22, 2020 18:57 PM | Updated: Jan 22, 2020 18:57 PM

Sikar

माघ महीने की मौनी अमावस्या शुक्रवार को है।

सीकर. माघ महीने की मौनी अमावस्या शुक्रवार को है। इस दौरान मंदिरों में धार्मिक आयोजनों के साथ तीर्थ स्थानों पर स्नान व दान पुण्य का दौर चलेगा। पंडित दिनेश मिश्र ने बताया कि इस अमावस्या को द्वापर युग की शुरुआत व मनु ऋषि का जन्म दिवस माना जाता है। मौन रहने के साथ तीर्थ स्थान पर ध्यान- स्नान के साथ किया गया दान इस दिन कई गुना ज्यादा फलदायी होता है। कमजोर ग्रहों की पूजा कर उन्हें भी इस दिन अपने पक्ष में किया जा सकता है। इस बार अमावस्या पर शनि 29 साल बाद चाल बदलकर अपनी राशि मकर में भी प्रवेश करेगा।शनि बढ़ायेगा व्यापार मौनी अमावस्या पर सुबह 9.51 बजे शनि का राशि परिवर्तन होगा। 29 साल बाद माघ मास की मौनी अमावस्या पर यह धनु से मकर राशि में प्रवेश करेगा। पङ्क्षडत मिश्रा ने बताया कि शनि इसी राशि के स्वामी हैं। जिसमें वह ढाई साल रहेंगे। इसके बाद शनि का कुंभ राशि में प्रवेश होगा। शनि का मकर में प्रवेश न्याय प्रणाली व व्यापार को मजबूती देने वाला माना जा रहा है। हालांकि निर्माण कार्यों में मंदी रहेगी। मकर राशि के लिए शुभ शनि की चाल मकर राशि वालों के लिए शुभ होगी। साढे साती शुरू होने पर यह कुंभ राशि वालों को मिश्रित फल देगी। साढ़े साती से मुक्त होने पर वृश्चिक राशि वालों के लिए यह विशेष लाभदायी है। वृषभ व कन्या ढैय्या से मुक्त होंगे। मिथुन व तुला पर शनि की ढैय्या रहेगी। अमावस्या पर यूं शांत होंगे ग्रह सूर्य: जन्मकुंडली में सूर्य कमजोर होने पर मौनी अमावस्या पर सूर्योदय के समय तांबे के कलश से सूर्य को पानी से अघ्र्य देने, लाल चंदन का तिलक करने व जरुरतमंद को लाल कपड़े में गेहूं दान करने का विधान है।चंद्रमा: चंद्रमा की कमजोरी मानसिक परेशानी का सबब होता है। ऐसे में खीर का भोग लगाकर बांटना, सफेद चंदन का टीका लगाने व जरुरतमंद को सफेद कपड़े में चावल दान करना शुभ है।मंगल: कमजोर मंगल कर्जदार बनाने के साथ अपनों से धोखा, पुलिस व कोर्ट कचहरी के चक्कर लगवा सकता है। इसके लिए अमावस्या पर सवा किलो मसूर की दाल तांबे के बर्तन में भरकर दान करने या हनुमान मंदिर में भेंट करने का विधान है। मसूर की दाल खाने से बचें व शाम को पीपल के पेड़ के नीचे दीप जलायें।बुध: अशुभ होने पर बौद्धिक क्षमता कम कर बिजनेस को प्रभावित करने वाले बुध ग्रह के लिए गाय को हरा चारा खिलाएं। मिट्टी के कलश में मूंग दान करने के साथ भगवान गणेश को 1008 दूर्वां अर्पित करें। गुरु: विपरीत बृहस्पति वैवाहिक, पारिवारिक व आर्थिक संकट बढ़ाता है। पके हुए पीले चावल बनाकर 21 बच्चों को खिलाना, गाय को पके हुए केले खिलाना, स्वच्छ सोना रख जल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए।शुक्र: शुक्र की कमजोरी दांपत्य जीवन व भौतिक सुख सुविधाओं पर बुरा असर डालती है। अमावस्या पर चीनी की जगह मिश्री डालकर बनाई गई खीर का मां लक्ष्मी के भोग लगाकर कन्याओं को बांटना अच्छा होता है।शनि: शनि की पीड़ा सबसे खतरनाक मानी गई है। इससे मुक्ति के लिए शनि स्तवराज से शनिदेव का तैलाभिषेक करें। काले तिल और काले उड़द का दान करें। हनुमान मंदिर में शाम के समय आटे से बने 11 दीपक लगाएं और दीपक में तिल का तेल भरें।राहु: राहु की बाधा दूर करने के लिए अमावस्या पर कुत्ते को घी-गुड़ की रोटी खिलायें।केतु : केतु की पीड़ा भी कष्टकारी होती है। पंछियों को दाना व मछलियों को आटे की गोलियां खिलाना बेहतर होता है।

[MORE_ADVERTISE1]