स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जानिए कहां रेलवे महाप्रबंधक के दौरे के लिए कटवा दिए हरे पेड़!

Gaurav Saxena

Publish: Dec 05, 2019 17:49 PM | Updated: Dec 05, 2019 17:49 PM

Sikar

हैरिटेज पेंङ्क्षटग हटाने के बाद अब दी गई हरे पेड़ों की बलि। 180 हरे पेड़ पर चली आरी। औषधीय पेड़ भी हुए धराशायी।

सीकर. रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर हैरिटेज पेंटिंग हटा प्लास्टर करने के बाद अब रेलवे ने स्टेशन के पीछे स्थित जमीन पर 180 से अधिक हरे पेड़ों की बली दे दी है। 20 वर्ष पुराने बड़े हरे पेडकऱ काटकर रेलवे यहां पर पार्क बनाने जा रहा है। यह सब फरवरी माह में होने वाले रेलवे के महाप्रबंधक के दौरे की तैयारियों को लेकर किया जा रहा है। पेड़ों की टहनियों को एक तरफ एकत्र कर दिया गया है। तने गायब हैं।
हजारों पक्षियों का उजाड़ दिया आशियाना
रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित जिस जमीन पर रेलवे पार्क बनाने जा रहा है। वह जगह पहले से हरी भरी है। यहां पर औषधीय पेड़ो के साथ झींझा, देशी बबूल, रींगस के बेर की झाङ्क्षडय़ां, देशी कीकर चार सौ से ज्यादा पेड़ लगे हुए थे। जानकार बताते हैं कि यह पेड़ करीब 18 वर्ष पहले लगाए गए थे। इन पर हजारों पक्षियों ने आशियाना बना रखा था। जो अब वह भी उजाड़ दिया है।
पहले पुलिया बनने के नाम पर काटे थे वृक्ष
रेलवे ने गेज परिवर्तन के बाद रेलवे स्टेशन के विकास के लिए पहली बार पेड़ों की बली नहीं दी है। रेलवे ने स्टेशन पर दूसरे पुलिया के निर्माण के लिए दस बड़े पेड काट दिए थे। उस दौरान सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध भी किया था। संगठनों की मांग थी कि पुलिया को पीछे खिसकाकर पेड़ों को बचाए जाए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और पेड़ो को काटकर पुलिया का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। हालांकि इस जद्दोजहद में प्लेटफार्म नंबर चार पर कुछ पेड़ बचा भी लिए गए।

[MORE_ADVERTISE1]