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जानिए ‘छोटा सहवाग’ की पूरी कहानी... अब खेलेंगे रणजी

Gaurav Saxena

Publish: Dec 05, 2019 18:41 PM | Updated: Dec 05, 2019 18:41 PM

Sikar

आदित्य सीकर जिले के पहले रणजी खिलाड़ी बन गए हैं। नौ दिसम्बर से शुरू होने वाले रणजी सीजन की घोषित 15 सदस्यीय टीम में आदित्य गढ़वाल को जगह मिली है। आदित्य गढ़वाल यहां छोटा सहवाग के नाम से पुकारा जाता है।

सीकर. यदि लक्ष्य पर नजर रखकर मेहनत की जाए तो सफलता की राह वक्त के साथ खुल जाती है। यह साबित कर दिखाया है सीकर के क्रिकेटर आदित्य गढ़वाल ने। कई सफलताएं हासिल करने के बाद गढ़वाल के नाम एक और रेकार्ड दर्ज हो गया है। आदित्य सीकर जिले के पहले रणजी खिलाड़ी बन गए हैं। नौ दिसम्बर से शुरू होने वाले रणजी सीजन की घोषित 15 सदस्यीय टीम में आदित्य गढ़वाल को जगह मिली है।
इस बार की रणजी टीम में आदित्य ही एकमात्र नया चेहरा है। आदित्य के चयन के पीछे बड़ा आधार अंडर-23 सीके नायडू प्रतियोगिता के आठ मैचों में 747 रन बनाना रहा। इससे पहले आदित्य अंडर-19 व अंडर-23 टीम की कप्तानी संभाल चुके हैं। आदित्य के चयन की खुशी में एचजी क्रिकेट एकेडमी में आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया। इस दौरान हितेन्द्र सहारण, महेन्द्र काजला, देवेन्द्र शेखावत, राजेन्द्र गढ़वाल व अंशुल सहित अन्य मौजूद रहे।
मम्मी-पापा रोल मॉडल: आदित्य
पत्रिका से खास बातचीत में आदित्य ने बताया कि खिलाड़ी के जीवन में कई दौर के आते हैं। इस दौर में नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास रखना बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने सफलता का श्रेय जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुभाष जोशी, पिता इंजी. नरेंद्र गढ़वाल व माता प्राध्यापक सविता गढ़वाल को दिया है।
हमारा लाल अब भारतीय टीम से एक कदम दूर
सीकरवासियों के लिए अच्छी खबर यह है कि उनका लाड़ला अब भारतीय टीम के लक्ष्य से महज एक कदम दूर है। एक्सपर्ट का कहना है कि यदि रणजी टीम के मैचों में आदित्य अच्छा प्रदर्शन करता है तो भारतीय टीम में चुने जाने की राह खुल सकती हैं।
पत्रिका फ्लैश: गली में कराता अभ्यास
सीकर में पहले प्रोफेशनल क्रिकेट का माहौल काफी कमजोर था। ऐसे में इनके पिता ने ही बचपन में कोच की जिम्मेदारी निभाई। इनके पिता ऑफिस से आने के बाद सुबह-शाम आदित्य को क्रिकेट का अभ्यास कराते। इस बीच आरसीए की विभिन्न प्रतियोगिताओं में शामिल होने का मौका मिला तो उन्होंने अपने प्रदर्शन के आधार पर अपनी मंजिल को तलाश लिया। आदित्य के छोटे भाई अंशुल भी सीकर की टीम से ही क्रिकेट खेलते है।
तीन दोहरे शतक के बाद चमके
सीकर के लाल आदित्य ने कूच बिहार ट्रॉफी में तीहरा शतक जमाकर पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थी। इसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने आइपीएल में आदित्य को खरीदा था। इस बीच चोटिल होने की वजह से डेढ़ वर्ष तक काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने अपने करियर के लिए नियमित अभ्यास को नहीं छोड़ा। लगभग एक साल बाद सीके नायडू प्रतियोगिता में 316 रन बनाकर चयनकत्र्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। इसके बाद उनको कई प्रतियोगिताओं में राजस्थान की कप्तानी करने का मौका मिला।

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