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सर्दी ने छीन ली थाली की मटर

Puran Singh Shekhawat

Publish: Jan 22, 2020 12:54 PM | Updated: Jan 22, 2020 12:54 PM

Sikar

जनवरी में मटर 50-60 रुपए किलो
किसान बोले पहली बार 15 जनवरी के बाद भावों में तेजी

आठ साल बाद इस बार शीतलहर और ओलावृष्टि के कारण 1250 बीघा में सब्जियां प्रभावित

सीकर. जिले में इस बार कड़ाके की सर्दी ने थाली से सर्दी के सीजन की प्रमुख फसल मटर को छीन लिया है। हाल यह है कि जनवरी माह के पहले पखवाड़े में बरसों बाद पहली बार मटर के खुदरा भाव 55 से 60 रुपए प्रति किलो तक बोले जा रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह पिछले दिनो शेखावाटी में पाळा गिरना और शीतलहर को माना जा रहा है। इस कारण सब्जी उत्पादक भूमिपुत्रों की आर्थिक रूप से कमर टूट गई है। कई मटर उत्पादकों के सामने तो रोजी रोटी का संकट हो गया है। किसानों की माने तो सीकर जिले में करीब 1250 बीघा में मटर की फसल तबाह हो चुकी है। कृषि उपज मंडी में मटर की आवक 30 प्रतिशत तक ही रह गई है। सर्वाधिक नुकसान टमाटर में 90 प्रतिशत तक हो चुका है। जिसका नतीजा है कि सब्जी उत्पादन से आजीविका कमाने वाले कई किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट हो गया है। जिससे सब्जियों के भावों में उछाल आ रहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के दायरे में जिले में उद्यानिकी की फसलें नहीं आने से अब किसानों को केवल आपदा प्रबंधन के तहत ही राहत मिल सकती है।

इन फसलों में नुकसान

जिले में पाळा पडऩे के बाद नुकसान सामने आने लगा है। जिले में प्याज और मैथी को छोडकऱ 3464 हेक्टेयर में सब्जियां की बुवाई हुई है। कृषि विभाग के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर, बैंगन, चप्पन टिंड़ा, पालक में हुआ है। किसानों के अनुसार इनमें पहला फाल और दूसरा फाल सर्दी की चपेट में आया गया और अब केवल तीसरा फाल ही बाजार में आ रहा है। इसके अलावा मटर की अगेती फसल मंडावरा, कुंडलपुर, कदमा का बास, बेरी, तारपुरा, गुंगारा, कुशलपुरा, रामनगर, पिपराली दादिया, कोलिडा व बेरी सहित क्षेत्र के कई गांवों में प्रमुखता से बोई जाती है। करीब ढाई हजार से ज्यादा किसान इससे सीधे जुड़े हैं। जिन्हे सीधे तौर पर नुकसान हुआ है।
इनका कहना है

सर्दी के कारण जिले में पहली बार जनवरी माह में हरी मटर के भाव दो गुना से ज्यादा चल रहे हैं। फिलहाल मटर की तीसरी खेप तैयार हो रही है जिसके बाजार में फरवरी माह के पहले पखवाड़े तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ही भावों में कमी आएगी।
- शिशुपाल सिंह, प्रगतिशील किसान, बेरी
जिला मुख्यालय के पास हर्ष मंडावरा, कुंडलपुर आदि क्षेत्र में मटर की बम्पर पैदावार होती है। लेकिन इस बार इन क्षेत्रो में मटर की फसल में खासा नुकसान हुआ है। यही कारण ही जनवरी माह में भावो में बढ़ोतरी हुई है।

- शेर सिंह, प्रगतिशील किसान, खोरी

सर्दी के कारण सबसे ज्यादा नुकसान सब्जियों में हुआ है। इसकी रिपोर्ट कृषि पर्यवेक्षकों से लेकर जिला प्रशासन को भेजी गई है। अब आपदा प्रबंधन के जरिए किसानों को राहत मिल सकती है।
- बनवारी लाल, सहायक निदेशक उद्यान

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