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शायद ही सुना होगा ऐसा किस्सा...कबाब की आड़ में नकली शराब!

Gaurav Saxena

Publish: Jan 21, 2020 20:30 PM | Updated: Jan 21, 2020 20:30 PM

Sikar

मुर्गी फार्म हाउस में हो रहा था सारा खेल।

सीकर. खेत में बने मुर्गी फार्म हाउस में स्प्रिट से नकली शराब बनाकर चार हजार से अधिक पेटी शराब गांवों व ठेकों पर ले जाकर बेच दी गई। बेची गई नकली शराब की कीमत करीब 32 लाख से अधिक की बताई जा रही है। जल्द अमीर बनने के लालच में तीन संचालकों ने मिलकर प्लांट लगाया। शराब तस्करों के साथ मिलकर कई गावों में नकली शराब के सौदागर बना दिए गए। पांचों आरोपियों ने किन गांवों में ले जाकर शराब बेची और कहां पर नेटवर्क बना लिए थे। इन सभी बातों के रहस्य की जानकारी ले रही है।


डीएसपी ग्रामीण राजेश आर्य ने बताया कि राजेंद्र उर्फ राजू सरपंच, ताराचंद व मुकेश कुमार को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं रामचंद्र उर्फ आरसी व हरीसिंह को पांच दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रहे है। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मिलकर चार हजार से अधिक शराब की पेटी गांवों व शराब के ठेकों पर ले जाकर बेच दी है। नकली शराब की कीमत करीब 32 लाख बताई जा रही है। सभी सहयोगियों की शराब बनाने से लेकर बेचने तक की जिम्मेदारी तय की गई थी। लोसल थानाधिकारी घासीराम ने 10 जनवरी को बलदेवाराम जाट के खेत में बने मुर्गी फार्म में दबिश देकर तीन ड्रमों में भरी 650 लीटर अवैध शराब, दो पेटी सादा देशी शराब, तीन कॉर्टून खाली ढक्कन, तीन गड्डी लेबल सादा देशी शराब, पांच बंडल गत्ता कॉर्टून के लिए मशीन, ढक्कन पैंकिग मशीन, एक मशीन टेप चिपकाने वाली व 6500 खाली पव्वे प्लास्टिक के बरामद किए थे।


इस तरह रचा खेल
कमीशन के खेल में तीन संचालकों बलदेवाराम, राजेंद्र व कुलदीप सिंह का अहम रोल है। धोद थानाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि तीनों ने मिलकर पूरी साजिश बनाई। धोद थाने के हिस्ट्रीशीटर ताराचंद को भी साथ मिलाया। गिरोह में शामिल तीन लोग जयपुर से खाली बोतलों व रैपर लेकर आते थे। इन्होंने नकली शराब को खपाने के लिए जगह-जगह संपर्क कर लिए थे। इनके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है। तीसरा पार्टनर कुलदीप सिंह अभी फरार है।


ये हैं साजिश के सूत्रधार
बलदेवाराम जाट : डेढ़ महीने पहले राजेंद्र व कुलदीप सिंह के साथ मिलकर खुद के ही खेत में प्लांट लगाया। खेत में ही नकली शराब बनानी शुरू की। काम इतनी शातिर तरीके से कर रहे थे कि पड़ोसियों को भी भनक नहीं लगी। वह चार महीने पहले ही दुबई से आया।
राजेंद्र उर्फ राजू सरपंच : पूर्व में सरपंच रहा है। धोद के नेतड़वास का रहने वाला है। उसके खिलाफ मौलासर नागौर, सदर सीकर, लक्ष्मणगढ़, सीकर कोतवाली में चार मुकदमें दर्ज है। बलदेवाराम के साथ मिलकर प्लांट में नकली शराब बनाने की योजना बनाई।
ताराचंद : नकली शराब के प्लांट में सहयोगी था। यह फतेहपुरा का रहने वाला है। शराब बेचने से लेकर सामान लाने तक की योजना में शामिल था। तारांचद धोद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ अवैध शराब तस्करी, मारपीट के कोतवाली, सीकर, नेछवा, लोसल, रींगस, मौलासर थाने में करीब आठ मुकदमे दर्ज है।
मुकेश सैनी : श्रीमाधोपुर में रूपावली तन हांसपुर ढाणी का रहने वाला है। नकली शराब बनाने के लिए कैमिकल व अन्य वस्तुओं को लेकर आता था। यह हरिसिंह को पहले से जानता था। दोनों मिलकर शराब बनाने के लिए जरूरी चीजों को लाते थे।
हरिसिंह: बालोदा वाली की ढाणी कल्याणपुरा का रहने वाला है। अभी चौमूं में एसबीआई के सामने रहता है। हरीसिंह नकली शराब बनाने के लिए खाली बोतलों व रैपर लेकर आता था।
रामचंद्र उर्फ आरसी : चूरू के सालासर का है। सालासर में एक युवक की हत्या में शामिल है। शराब तस्करी का बड़ा खिलाड़ी है। नकली शराब बनाने के बाद उसे बेचने के लिए ले जाकर जाता था। इसके खिलाफ सालासर, हमीरवास, नापासर, परबतसर नागौर, जैसलमेर में हत्या, मारपीट, शराब तस्करी के सात मुकदमे दर्ज है।

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