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एक साल पहले प्लॉटों के फर्जी पट्टे जारी करवा कर हड़पे

Ajay Sharma

Publish: Aug 14, 2019 17:31 PM | Updated: Aug 14, 2019 17:31 PM

Sikar

सोसायटी के पदाधिकारियों से मिलीभगत कर एक साल पहले प्लॉटों के फर्जी पट्टे जारी करवाकर हड़प लिए।

सीकर. सोसायटी के पदाधिकारियों से मिलीभगत कर एक साल पहले प्लॉटों के फर्जी पट्टे जारी करवाकर हड़प लिए। पीडि़त परिवार एक साल से पुलिस के पास चक्कर लगा रहे हैं। पुलिस ने एक आरोपी को तो गिरफ्तार कर लिया पर दूसरे को गिरफ्तार नहीं किया। संज्या देवी पत्नी भैरुराम निवासी खंडेला ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसने एक साल पहले खंडेला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
उन्होंने बताया कि वह एसपी से भी कई बार मिल चुके हैं। उनका कहना है कि उसका देवर रिछपाल जयपुर में हैडकांस्टेबल हैं। वह 1996 में गांव में आया था और जयपुर में प्लॉट दिलाने की बात कही। उसके पति ने 51 हजार रुपए उन्हें दे दिए। बाद में पति भैरुराम को तिरुपति विहार में 200 वर्ग गज का पट्टा बनवाकर दे गया। उसके भाई जगदीश ने भी पास में ही एक प्लॉट लिया था। जिसे वह बनाकर रहने लगा। 2009 में उसके पति की मौत हो गई। उसके बाद पट्टे कहीं पर गुम हो गए। उन्होंने पट्टों के गुम होने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।
पट्टे बाद में उन्हें मिल गए। मई 2018 में रिछपाल उनके पास आया और कहा कि तिरुपति विहार की 90बी हो गई है। उसने दोनों प्लॉटों पट्टे और एक लाख रुपए मांगे। उन्होंने कहा कि वह जेडीए से बनवाकर दे देगा। उन्होंने पट्टा नहीं लौटाया तो वह जयपुर गए। वहां पर उन्होंने प्लॉट पर कब्जा कर उन्हें भेज दिया। उन्होंने कई रिश्तेदारों को बुलाकर मीटिंग भी की। बाद में उन्होंने खंडेला थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद जगदीश को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन हैडकांस्टेबल रिछपाल से पूछताछ नहीं की। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।