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पुलिस लाठीचार्ज की जांच के लिए आए संभागीय आयुक्त के सामने छात्रा ने प्राचार्य पर लगाए गंभीर आरोप, डीएसपी, कोतवाल, एसआइ के हुए बयान

Sachin Mathur

Publish: Sep 22, 2019 11:44 AM | Updated: Sep 22, 2019 11:44 AM

Sikar

सीकर. कलक्ट्रेट पर माकपा का धरना छठे दिन भी जारी रहा। मतगणना में धांधलेबाजी और पुलिस की लाठीचार्ज की घटना की जांच को लेकर संभागीय आयुक्त केसी वर्मा शनिवार दोपहर को सीकर आए।

सीकर. कलक्ट्रेट पर माकपा का धरना छठे दिन भी जारी रहा। मतगणना में धांधलेबाजी और पुलिस की लाठीचार्ज की घटना की जांच को लेकर संभागीय आयुक्त केसी वर्मा शनिवार दोपहर को सीकर आए। उन्होंने बताया कि कॉलेज में छात्राओं व पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज कर लिए है। उन्हें 15 दिन का समय जांच के लिए दिया गया था। 28 सितम्बर तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। संभागीय आयुक्त की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार की ओर से आगे कोई कार्रवाई होगी। इस बीच माकपा की ओर कलक्ट्रेट पर धरना जारी रहा। माकपा की ओर से 11 सदस्यों ने क्रमिक अनशन किया।
छात्रसंघ चुनाव की मतगणना के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के मामले में जांच के लिए संभागीय आयुक्त केसी वर्मा एसके गल्र्स कॉलेज पहुंचे। उन्होंने एसएफआई और एबीवीपी की छात्राओं से मतगणना के दिन के हालातों की जानकारी ली। उनके लिखित बयान भी दर्ज किए। वे एडीएम जयप्रकाश नारायण व एसडीएम जूही भार्गव के साथ कॉलेज पहुंचे। संभागीय आयुक्त के सामने छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले प्रवेश रद्द होने पर छात्रा नीरज ने भी बयान दिए। नीरज ने तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डा. भूपेन्द्र दुल्लड़ पर उसे चुनाव नहीं लडऩे का दबाव बनाने और इंकार करने पर राजनीतिक कारणों से प्रवेश रद्द करने का आरोप लगाया। निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग भी रखी। आयुक्त के सामने एसएफआई की अध्यक्ष पद प्रत्याशी प्रियंका कृष्णियां, पूर्व अध्यक्ष बबीता बाजिया और लाठीचार्ज की शिकार तमन्ना कुमारी, पुष्पा, रवीना शेखावत, मनीषा कुमारी के भी बयान लिए। मतगणना के दिन कॉलेज से लेकर कलक्ट्रेट तक के घटनाक्रम पर जानकारी मांगी गई। एबीवीपी की छात्राओं से भी लाठीचार्ज के बारे में जानकारी बताने को कहा। उन्होंने मामले की सही जानकारी नहीं होने की बात कही।

28 सितम्बर तक सौंपेगे रिपोर्ट
सीकर. कलक्ट्रेट पर माकपा का धरना छठे दिन भी जारी रहा। मतगणना में धांधलेबाजी और पुलिस की लाठीचार्ज की घटना की जांच को लेकर संभागीय आयुक्त केसी वर्मा शनिवार दोपहर को सीकर आए। उन्होंने बताया कि कॉलेज में छात्राओं व पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज कर लिए है। उन्हें 15 दिन का समय जांच के लिए दिया गया था। 28 सितम्बर तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। संभागीय आयुक्त की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार की ओर से आगे कोई कार्रवाई होगी। इस बीच माकपा की ओर कलक्ट्रेट पर धरना जारी रहा। माकपा की ओर से 11 सदस्यों ने क्रमिक अनशन किया।
छात्रसंघ चुनाव की मतगणना के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के मामले में जांच के लिए संभागीय आयुक्त केसी वर्मा एसके गल्र्स कॉलेज पहुंचे। उन्होंने एसएफआई और एबीवीपी की छात्राओं से मतगणना के दिन के हालातों की जानकारी ली। उनके लिखित बयान भी दर्ज किए। वे एडीएम जयप्रकाश नारायण व एसडीएम जूही भार्गव के साथ कॉलेज पहुंचे। संभागीय आयुक्त के सामने छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले प्रवेश रद्द होने पर छात्रा नीरज ने भी बयान दिए। नीरज ने तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डा. भूपेन्द्र दुल्लड़ पर उसे चुनाव नहीं लडऩे का दबाव बनाने और इंकार करने पर राजनीतिक कारणों से प्रवेश रद्द करने का आरोप लगाया। निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग भी रखी। आयुक्त के सामने एसएफआई की अध्यक्ष पद प्रत्याशी प्रियंका कृष्णियां, पूर्व अध्यक्ष बबीता बाजिया और लाठीचार्ज की शिकार तमन्ना कुमारी, पुष्पा, रवीना शेखावत, मनीषा कुमारी के भी बयान लिए। मतगणना के दिन कॉलेज से लेकर कलक्ट्रेट तक के घटनाक्रम पर जानकारी मांगी गई। एबीवीपी की छात्राओं से भी लाठीचार्ज के बारे में जानकारी बताने को कहा। उन्होंने मामले की सही जानकारी नहीं होने की बात कही।

डीएसपी, कोतवाल, एसआइ सुनील जागिड़ के हुए बयान
संभागीय आयुक्त केसी वर्मा गल्र्स कॉलेज में जांच के बाद कलक्ट्रेट में पहुंचे। उन्होंने डीएसपी सौरव तिवाड़ी, कोतवाल श्रीचंद सिंह, एसआई सुनील जागिड़, कांस्टेबल मनोज ढाका को बुलाकर घटना के बारे में बयान लिए। प्रशासनिक अधिकारियों से भी रिपोर्ट ली गई। इस बीच कलक्ट्रेट में एसएफआई और बार एसोसिएशन ने भी ज्ञापन सौंप जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की। जिलाध्यक्ष महेश पालीवाल व सचिव विजेन्द्र ढाका ने ज्ञापन में कहा कि 28 अगस्त को पुनर्मतगणना की मांग के लिए कलक्टर के पास जाते समय बेवजह लाठीचार्ज किया गया। न्यायिक जांच कर दोषी पुलिस व कॉलेज कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।