स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जिले में पनप रहे टाइगर मच्छर

Puran Singh Shekhawat

Publish: Aug 19, 2019 20:48 PM | Updated: Aug 19, 2019 20:48 PM

Sikar

विभाग का दावा फेल, दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर एक माह से जलभराव

अभियान के कारण बढ़ी परेशानी

 

 

सीकर. सरकार ने भले ही डेंगू को अधिसूचित बीमारियों में शामिल कर लिया हो और चिकित्सा विभाग एंटी लार्वल कार्रवाई का दावा कर रहा है लेकिन हकीकत यह है कि जिले में बारिश के बाद से अब डेंगू, मलेरिया सहित मौसमी बीमारियां कहर बरपाने लगी है। जिला लैब में रोजाना एक दर्जन से मरीजों की डेंगू और मलेरिया की जांच हो रही है। चिकित्सा विभाग के आंकडों के अनुसार पिछले आठ माह के दौरान सीकर जिले में डेंगू के 26 व मलेरिया के दस रोगी सामने आ चुके हैं। सबसे खराब स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की है। जहां आठ माह में स्क्रब टाइफस के रोगी मिल चुके हैं। बारिश के बाद से अस्पताल मौसमी बीमारियों के मरीज से अटने लगे हैं और चिकित्सा विभाग अभी भी इससे मौसमी बीमारियों के फैलने को लेकर अनजान बना हुआ है। चिकित्सा विभाग के अनुसार जिले में अभी भी दो दर्जन से ज्यादा जगह पानी भर हुआ है।

 

वायरस हुआ सक्रिय

डेंगू बुखार से पीडि़त मरीज के खून में डेंगू वायरस बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। जब कोई एडीज मच्छर डेंगू के किसी मरीज को काटता है तो वह उस मरीज का खून चूसता है। खून के साथ डेंगू वायरस भी मच्छर के शरीर में चला जाता है। जब डेंगू वायरस वाला वह मच्छर किसी और इंसान को काटता है तो उससे वह वायरस उस इंसान के शरीर में पहुंच जाता है, जिससे वह डेंगू वायरस से पीडि़त हो जाता है।

 

बाद में दिखते हैं लक्षण

काटे जाने के करीब 3-5 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं। शरीर में बीमारी पनपने की मियाद 3 से 10 दिनों की भी हो सकती है। इसमें रोगी की प्लेटलेटस गिरती है।

 

इनका कहना है

स्थिति नियंत्रण में है। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार फोगिंग व एंटी लार्वल कार्रवाई की जा रही है।

डॉ. सीपी ओला, डिप्टी सीएमएचओ सीकर