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डबल लाक केंद्र से कर्मचारियों की सह पर चोरी हो गया ६८ लाख़ का तेदुपत्ता

Om Prakash Pathak

Publish: Aug 22, 2019 17:15 PM | Updated: Aug 22, 2019 17:15 PM

Sidhi

डबल लाक केंद्र से कर्मचारियों की सह पर चोरी हो गया ६८ लाख़ का तेदुपत्ता, वन विभाग ने दोषियो के खिलाफ एफआईआर के लिए कोतवाल को लिखा पत्र, तीन माह से जांच मे उलझा हुआ है तेंदुपत्ता घोटाले का खेल, सीधी तथा रीवा जिले की भंडारित तेंदुपत्ते की गई चोरी

सीधी। तेंदुपत्ता की तुड़ाई कर उसे डबल लॉक केंद्रो मे भंडारित करा दिया गया था, जिसकी छटाई की आड़ मे संविदाकार के द्वारा विभागीय कर्मचारियों की सह पर हजारो मानक बोरे तेंदुपत्ता गायब कर दिया गया। आशंका होने पर शिकायत की गई, जिसकी जांच के लिए वनमंडलाधिकारी सिंगरौली को नियुक्त किया गया। जांच दल गठित कर जॉच शुरू की गई, तब तेंदुपत्ता चोरी की घटना का खुलासा हो पाया। पत्ते के साथ सीधी जिले का बोरा चोरी कर सिंगरौली पहुंचा दिया गया। लंबे समय तक चली जांच के बाद वनमंडलाधिकारी सीधी के द्वारा सिटी कोतवाली के नाम पत्र लिखकर संविदाकार, उसके मुनीम, चौकीदार, वनरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र जारी किया गया है।
मालुम हो कि तेंदुपत्ता तुड़ाई के बाद पैगमा समिति व रीवा जिले के जड़कुड़ समिति की पत्ती डबल लॉक केंद्र हड़वड़ो सीधी मे भंडारित की गई थी। केंद्र मे दो ताला लगाया गया था, एक ताला संविदाकार का तो दूसरा ताला जिला वनोपज संघ विभाग के द्वारा लगाया था। केंद्र का ताला दोनो की सहमति से ही खोला जा सकता था। इस बीच सतना जिले के संविदाकार अनुरागिनी पांडेय पति पंकज पांडेय के द्वारा बिना विभागीय आदेश के ही तेंदु पत्ते की छटाई का कार्य छत्तीसगढ़ से करीब दो सैकड़ा लेबर मगांकर कार्य प्रारंभ करा दिया गया। जिसकी शिकायत की गई, जिस पर जांच के लिए सिंगरौली वन मंडलाधिकारी को नियुक्त किया गया। वन मंडलाधिकारी के द्वारा जॉच दल गठित कर जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान सिंगरौली जिले के लाट मे सीधी जिले की मुद्रित बोरा मिला, जिस पर अनियमितता की आशंका पैदा हुई। तब सीधी जिले के उपवनमंडलाधिकारी को जांच के लिए बुलाया गया। जांच के दौरान चोरी की पूरी कहानी सामने आ गई। संविदाकार के द्वारा ६८ लाख २२ हजार ३८१ रूपए कीमती तेंदुपत्ते की चोरी कर विक्री कर दी गई है।
अच्छे किस्म के पत्तो की कर दी गई छटाई-
संविदाकार के द्वारा एक तो बिना अधिकारियों के अनुमति के ही पत्तों की छटाई का कार्य शुरू करा दिया गया। दूसरा जो अच्छे किस्म के पत्ते थे उन्हें खराब बताकर दिन मे बाहर निकलवा देता था और रात्रि मे अज्ञात वाहन से विक्री के लिए उत्तर प्रदेश भेज देता था, जबकि खराब किस्म के पत्तो को अच्छा बताकर बोरे मे भरा दिया जाता था।
सुरक्षा के लिए इन कर्मचारियों की लगाई गई थी ड्यिुटी-
तेंदुपत्ता गोदाम हड़वड़ो की सुरक्षा के लिए प्रशासन के द्वारा कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। जहां संविदाकार के द्वारा अपने एजेंट राहुल पांडेय तो प्रशासन के द्वारा चौकीदार जय द्विवेदी, वनरक्षक शशिकुमार अग्रिहोत्री को तैनात किया गया था। इस जालसाजी मे संविदाकार के साथ ही उक्त दोनो कर्मचारियों की भी मिलीभगत पाई गई है। जिनके खिलाफ आपराधिक मामला पंजीवद्ध करने के लिए पत्र लिखा गया है।
दो संविदाकारो के द्वारा चोरी की वारदात को दिए अंजाम-
हड़वड़ो डबल लॉक केंद्र से दो संविदाकारो के द्वारा पत्ता चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। संविदाकार अनुरागिनी पांडेय पति पंकज पांडेय निवासी ४२ मास्टर प्लान सतना के द्वारा २५ लाख ५५ हजार ५६६ रूपए तथा संविदाकार प्रशांत पांडेय पिता विष्णुदेव पांडेय निवासी ४३ मास्टर प्लान सतना के द्वारा ४२ लाख ६६ हजार ८१५ रूपए कुल ६८ लाख २२ हजार ३८१ रूपए कीमत की तेंदुपत्ता की चोरी की गई है।
पुलिस को एफआईआर के लिए लिखा गया है पत्र-
तेदुपत्ता चोरी मामले मे जांच पूरी हो चुकी है। जिसकी पुष्टि हो चुकी है। पुलिस को दोषियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। दो-चार दिन मे पुलिस मामला पंजीवद्ध कर लेगी।
पीपीएस परिहार
उपवनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्र सीधी