स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

बाड़े से आजाद हुई बाघिन एसडी-21

Manoj Kumar Pandey

Publish: Nov 11, 2019 13:03 PM | Updated: Nov 11, 2019 13:03 PM

Sidhi

एक वर्ष से कैद संजय दुबरी टाईगर रिजर्व के कंजरा बाड़े में थी कैद, बांधवगढ़ से गत नवंबर माह मे लाकर संजय दुबरी टाईगर रिजर्व के बाड़े में किया गया था कैद, गतिविधि पर नजर रखने के लिए लगाई गई कालर आईडी

सीधी। पिछले करीब एक वर्ष से संजय दुबरी टाईगर रिजर्व के कंजरा बाड़े में कैद मादा बाघ एसडी-21 को वन क्षेत्र में स्वच्छंद विचरण हेतु आजाद कर दिया गया है। अब यह मादा बाघ संजय टाईगर रिजर्व के स्वच्छंद वातावरण में विचरण करेगी। कंजरा बाड़े से छोडऩे के पहले बाघिन को कालरिंग की कार्रवाई की गई।
बताते चलें कि गत नवंबर-2018 में एक मादा बाघ अपने दो शावकों के साथ जंगल से निकलकर गांवों की रूख कर लिया था, इस मादा बाघ ने कटनी जिले में दो-तीन लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिसे टाईगर एक्सपर्ट टीम द्वारा रेस्क्यू आपरेशन कर पकड़ा गया था और मादा बाघ सहित दोनो शावकों को पिंजरे में कैद कर बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व लाया गया था। क्योंकि मादा बाघ सहित दोनो शावकों के मुंह मे मानव खूल लग गया था, इसलिए इससे मानव जीवन के लिए खतरनाक माना जा रहा था।
कटनी मे पकड़े जाने के बाद लाया गया था दुबरी अभ्यारण्य-
कटनी से रेस्क्यू आपरेशन कर बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व लाए गए मादा बाघ व उसके दोनो शावकों में से एक शावक जिसे बाद में संजय टाईगर रिजर्व सीधी के अधिकारियों द्वारा एसडी-२१ का नाम दिया गया, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय पर संजय दुबरी टाईगर रिजर्व के कंजरा बाड़े मेें कैद करने का निर्णय लिया गया, और गत नवंबर माह में ही इसके विशेषज्ञों की टीम द्वारा कंजरा बाड़े में कैद कर दिया गया था।
दो दिनों तक चली कार्रवाई-
मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक मप्र भोपाल के निर्देशानुसार संजय टाईगर रिजर्व परिक्षेत्र दुबरी अंतर्गत कंजरा बाड़े में कैद मादा बाघ टी-२१ को ट्रेंकोलाइज कर कालरिंग किए जाने एवं कालरिंग उपरांत परिक्षेत्र सीधी के अंतर्गत उचित रहवास में स्वच्छंद वितरण हेतु छोडऩे हेतु 9 एवं 10 नवंबर को तिथि निर्धारित की गई थी, और इसी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बाघिन टी-21 को ट्रेंकोलाइज कर रविवार की शाम पोंड़ी रेंज में छोड़ा गया।
इन अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी-
बाड़े में कैद बाघिन को ट्रैंकोलाइज कर वन क्षेत्र में छोडऩे के लिए क्षेत्र संचालक संजय टाईगर रिजर्व द्वारा जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी उसमें मुख्य रूप से भरत सिंह गौर सहायक संचालक एवं उपवनमंडलाधिकारी मझौली, डॉ.अभय सिंह सेंगर पशु चिकित्सक संजय टाईगर रिजर्व, डॉ.अमोल रोकड़े सहायक प्राध्यापक एसडब्ल्यूएफएच जबलपुर, डॉ.प्रशांत देशमुख डब्ल्यूसीटी नागपुर, वीरभद्र सिंह परिहार परिक्षेत्राधिकारी दुबरी, मार्तंड सिंह मरावी परिक्षेत्राधिकारी वस्तुआ पोंड़ी, गणेश प्रजापति परिक्षेत्र सहायक डेवा, विनय कुमार पांडेय बीटगार्ड खैरा, सुरेश कुमार बैगा बीट प्रभारी पूर्व डेवा, रवी कुमार सिंह बीटगार्ड बडिय़ा, गगन नेतिया डॉग हैंडलर, बाबू नंदन सिंह बीटगार्ड बहेरवार, हरी प्रसाद कोल बीट गार्ड विटखुरी तथा ब्रम्हानंद रावत बीटगार्ड पेंड्राताल शामिल रहे।

[MORE_ADVERTISE1]