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कलेक्टर के तवादले के बाद ठंड पड़ा नपा टैक्स की वसूली का कार्य

Om Prakash Pathak

Publish: Sep 02, 2019 16:49 PM | Updated: Sep 02, 2019 16:49 PM

Sidhi

कलेक्टर के तवादले के बाद ठंड पड़ा नपा टैक्स की वसूली का कार्य, 15 दिन के अंदर दो करोड़ वसूली का निर्धारित किया गया था लक्ष्य, ४९ लाख वसूली के बाद फिर थम गया वसूली का सिलसिला

सीधी। नगर पालिका के द्वारा टैक्स वसूली मे रूचि नहीं दिखा पा रहा था, जिसके कारण करोड़ो का टैक्स वर्षों से बकाया पड़ा हुआ है। जिस पर तत्कालीन कलेक्टर अभिषेक सिंह के द्वारा नगर पालिका का प्रशासक बतौर प्रभार ग्रहण करने के बाद बकाया कर वसूली पर जोर दिया गया, जिसके लिए उपखंड अधिकारी गोपद बनास को नियुक्त किया गया, वहीं एक पखवाड़े के अंदर बकाया दो करोड़ का पूरा कर वसूली के निर्देश दिए गए। किंतु इस बीच अचानक उनके तवादले के बाद नगर पालिका कर वसूली पर विराम लग गया। नवागत कलेक्टर प्रभार ग्रहण करने के बाद नगर पालिका की गतिविधियों पर ध्यान देना ही मुनासिब नहीं समझ रहे हैं, जिसके कारण फिर से व्यवस्था पुराने ढर्रे पर चलने लगी है।
मालुम हो कि नगर पालिका मे शहर वासियों से आधा दर्जन कर विभिन्न मदों से वसूले जाते हैं। जिसमें संपत्तिकर, समेतिककर, शिक्षा उपकर, नगरीय विकास उपकर, दुकान का किराया व जलउपभोक्ता प्रभार के रूप मे कर की वसूली की जाती है। इस कर का उपयोग शहर के विकास के लिए लगाया जाता है किंतु लंबे समय से बकाया कर की वसूली न हो पाने के कारण विभिन्न कार्यों की मरम्मत सहित नवीन विकास के कार्य मंथर गति से हो पा रहे हैं। जिस ओर नवागत कलेक्टर बैंक का प्रशासक होने के बाद भी ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।
कलेक्टर की सख्ती से भाजपा कार्यालय का जमा हुआ किराया-
तत्कालीन कलेक्टर अभिषेक सिंह की सख्ती का नगर पालिका को ऐसा फायदा मिला जिसकी मिलने की उम्मीद न के बराबर थी, वहीं राजनीति दलो से वसूली की बात हो तो इस ओर प्रशासन इतनी हिम्मत ही नहीं जुटा पाता। किंतु कलेक्टर अभिषेक सिंह की सख्ती के कारण भाजपा को बैकफुट पर जाना पड़ा। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी का जिला कार्यालय नगर पालिका के भवन मे संचालित है, जिसके बदले भाजपा को करीब ६ हजार रूपए मासिक किराए के बतौर पर देना होता है, किंतु लंबे समय से किराए का भुगतान नहीं किया जा रहा है। किंतु सख्ती के बाद एक ही झटके मे संपूर्ण बकाया राशि का भुगतान भाजपा जिला अध्यक्ष के द्वारा कर दिया गया है।
४९ लाख ६६ हजार रूपए की हुई वसूली-
कलेक्टर के द्वारा जब बकाया कर वसूलने के लिए विशेष अभियान छेडा गया और प्रभारी उपखंड अधिकारी गोपद बनास को बनाया गया तब नगर पालिका मे कर जमा करने वालों की लाइन लगनी शुरू हो गई। एक सप्ताह मे ही नगर पालिका को ४९ लाख ६६ हजार रूपए का बकाया कर प्राप्त हुआ, किंतु कलेक्टर का तवादला होते ही नगर पालिका मे वसूली का क्रम थम गया, अब एक भी बकायेदार नगर पालिका के इर्द-गिर्द कर जमा करने के लिए नहीं दिखाए देते हैं।
राजस्व का प्रकार बकाया
संपत्तिकर ३१,८३,०२०
समेतिककर ६८,१७,७२५
शिक्षा उपकर १३,४४,४२३
नगरीय विकास उपकर ८,९३,४८८
दुकान का किराया ४९,२७,२६८
जलउपभोक्ता प्रभार ३१,९०,०८६
कुल २,०३,५१,०१०