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नाटक छोहर के मंचन ने दर्शकों को रूलाया

Manoj Kumar Pandey

Publish: Sep 05, 2019 21:20 PM | Updated: Sep 05, 2019 21:20 PM

Sidhi

बांझ महिला की पीड़ा को नाटक के माध्यम से कलाकारों ने किया बयां

सीधी। स्थानीय शहर के दक्षिण करौंदिया स्थित बैजनाथ सभागार में बुधवार की शाम नाटक छोहर की शानदार प्रस्तुत हुई। नाटक की प्रस्तुति सव्यसांची आवासीय आदिवासी कन्या शिक्षा परिसर सरेठी की बाल कन्याओं ने दिया। यह आयोजन इंद्रवती नाट्य समिति सीधी एवं उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक कंेद्र प्रयागराज उत्तरप्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। यह नाटक 15 दिवसीय लोक नाट्य कार्यशाला के दौरान तैयार कराया गया था जिसका आलेख, परिकल्पना संगीत एवं निर्देशन शहर के युवा रंगकर्मी रोशनी प्रसाद मिश्र ने किया। सहायक निर्देशन रजनीश जायसवाल, प्रस्तुति संयोजन नीरज कुंदेर, प्रस्तुति प्रबंधन नरेंद्र बहादुर सिंह, मंच प्रबंधन संतोष द्विवेदी, मंच सामग्री रूपेश मिश्र, रूप सज्जा आरती यादव एवं मीनाक्षी शर्मा, वस्त्र सज्जा करुणा सिंह व प्रजीत साकेत, प्रॉपर्टी निर्माण डेविड सोलंकी व भूपेंद्र पटेल, प्रकाश संयोजन रजनीश जायसवाल, संगीत सहयोगी प्रजीत साकेत एवं श्याम सुंदर बैगा का रहा।
नाटक छोहर की शुरुआत सैला नृत्य से हुई, नाटक की कथावस्तु मूलत: सोहर राग परंपरा पर आधारित था। पूरी कहानी एक स्त्री के इर्द गिर्द घूमती है जिसमें आदि अनादि काल से चली आ रही स्त्री समस्या बांझपन को उल्लिखित किया गया है। हलांकि इस नाटक में यह तो नहीं दिखाया गया कि बच्चा न जन्मने का कारण पुरुष की पुरुषत्व की कमी है या फिर महिला के मातृत्व में पर। अक्सर यह देखा जाता है कि चाहे कमी जिसमें भी हो लेकिन सुनना स्त्री को ही पड़ता है। बहरहाल इस नाटक को देखने के बाद यह सिद्ध हो गया कि हमारी पारंपरिक शिक्षा पद्धति चाहे वह लोकगीत हो या फिर लोकगाथा या लोककथा हो आज की शिक्षा पद्धति से ज्यादा बेहतर है। आज की शिक्षा प्रणाली में साक्षरता को ज्यादा महत्व दिया जाता है न कि शिक्षा को। नाटक की मनमोहक प्रस्तुति देख दर्शकों के आंखों में आंसू छलक और बाल कलाकारों के सम्मान में तालियों की गडग़ड़ाहट से पूरा हांल गूंज उठा।
इन बाल कलाकारों ने किया मंचन-
मंच पर संतोषी सिंह, लक्ष्मी बाई सिंह, सीता सिंह, विभा सिंह, प्रीतू सिंह, मंजू सिंह, जया सिंह, रानी सिंह, पुष्पा सिंह, शांति सिंह, सविता सिंह, रविता सिंह, अनार कली सिंह, कल्पना सिंह, सुहागबती सिंह, आकांक्षा सिंह, उर्मिला सिंह, राधा सिंह, बेला रानी बैगा ने अपने अभिनय और गायन से सभी दर्शकों का मन मोह लिया। सदर्शक दीर्घा में बतौर अतिथि राजेंद्र भदौरिया वरिष्ठ समाजसेवी, इंजी.आरबी सिंह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारत रक्षा मंच, डॉ.शिवशंकर मिश्र सरस वरिष्ठ साहित्यकार, मैथिली शरण शुक्ल वरिष्ठ साहित्यकार, इशरद मंसूरी, धर्मेंद्र सिंह प्राचार्य सव्यसांची विद्यालय, सविता विश्वकर्मा, दीपिका सिंह, अरुणा सिंह, अखिलेश पांडेय, कनिष्क तिवारी, बाबूलाल कुंदेर, राम नरेश सिंह चौहान, हरीश सिंह बघेल, आशीष पांडेय, रवि भारती सहित बड़ी संख्या में रंगप्रेमी दर्शक उपस्थित रहे।