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जिले में भवन विहिन 47 विद्यालय किराए के कमरों में हो रहे संचालित, बजट होने के बाद भी अतिक्रमण के चलते नहीं हो रहा निर्माण

Anil Singh Kushwaha

Publish: Sep 22, 2019 18:42 PM | Updated: Sep 22, 2019 18:42 PM

Sidhi

अधिकांश स्कूलों के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं

सीधी. जिलेभर में 47 स्कूल किराए या जर्जर कच्चे मकानों में संचालित हो रहे हैं। सरकारी आकड़े के मुताबिक जिन भवनविहीन स्कूलों के निर्माण के लिए बजट जारी किया गया वहां जमीन ही नहीं या फिर जमीन अतिक्रमणकारियों के चंगुल में है। इस कारण बजट होने के बाद भी भवन निर्माण नहीं हो पा रहा है। उल्लेेखनीय है कि जिले में 47 सरकारी स्कूल उधारी के भवन, छप्पर किराए के मकानों में संचालित हो रहे हैं। बालक-बालिकाओं को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे के लिहाज से सरकार ने बड़ी तादाद में स्कूल मंजूर कर दिए।

अतिक्रामकों पर नहीं हो रही कार्रवाई
जमीन आवंटन व बजट के अभाव में भवन का सपना अभी अधूरा है। बीते दो साल में जिले में करीब एक सैकड़ा स्कूलों का संविलियन किया गया, इसके बाद भी भवन की कमी बनी है। इसमें से अधिकांश स्कूलों के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। हाल ही में सर्व शिक्षा अभियान ने प्राथमिक स्कूलों के जमीन आवंटन के प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को भेज दिए। अभी तक बजट को हरी झंडी नहीं मिलने से विद्या के मंदिरों को पक्की छत का बेसब्री से इंतजार है।

बजट स्वीकृत नहीं
जिले को नए सत्र में 15 स्कूल भवन का लक्ष्य दिया गया था। इस पर 21 स्कूलों के जमीन आवंटन के प्रस्ताव तैयार कर भेज दिए। अभी तक स्वीकृति जारी नहीं हुई है। जमीन आवंटन करने में राजस्व अमला लापरवाही बरत रहा है। जिन जमीनों का चिह्नांकन किया गया है वह अतिक्रमण की चपेट में हैं, जिसके कारण निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो रहा है। राजस्व अमला अतिक्रमण हटाने आगे नहीं आ रहा है।

27 स्कूलों की कोई नहीं ले रहा सुध
47 में से कुछ स्कूलों के भवन निर्माण के लिए हद तक प्रयास तो किया गया, किंतु 27 स्कूलों के निर्माण के लिए किसी तरह का प्रयास नहीं किया जा रहा है। इन स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों का भविष्य अंधेरे में है।

सात स्कूलों के जमीन पर अतिक्रमण
जिले में भवन विहीन स्कूलों के लिए निर्माण के लिए सात गांवों में जमीन का चिह्नांकन राजस्व अमले द्वारा किया गया, किंतु जब उस स्थान का निरीक्षण किया गया तब वह जमीन पूरी तरह से अतिक्रमण की गिरफ्त में पाई गई। अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व अमले को लेख किया गया, किंतु राजस्व विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने का प्रयास ही नहीं किया गया। इससे इन सात गांवों में भवन निर्माण का भविष्य अंधेरे में फंसा है।

स्वीकृति के बाद भी निर्माण कार्य में नहीं ली जा रही रुचि
जिले में 15 स्कूल भवन निर्माण के लिए शासन द्वारा बजट स्वीकृत कर दिया गया है, जिसके निर्माण कार्य की जिम्मेदारी पंचायतों को सौंप दी गई है, किंतु पंचायतों द्वारा भवन निर्माण कार्य में रुचि नहीं दिखाई जा रही है, जिसके कारण बजट होने से बच्च खपड़ैल भवन या पेड़ के नीवे शिक्षा अर्जित करने को मजबूर हैं।

किया जा रहा प्रयास
शिक्षा मिशन के परियोजना समन्वय डॉक्टर केएन द्विवेदी ने बताया कि जिन स्कूलों के संचालन के लिए भवन नहीं है, वहां भवन निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। कुछ स्कूलों के निर्माण के लिए बजट भी मिल गया है। जमीन की समस्या सबसे ज्यादा है। प्रयास किया जा रहा है कि हर स्कूल शासकीय भवन में संचालित हो।