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किसानों के साथ धोखा कर रही प्रदेश सरकार: शरदेंदु

Manoj Kumar Pandey

Publish: Nov 03, 2019 13:43 PM | Updated: Nov 03, 2019 13:43 PM

Sidhi

किसान आंदोलन लेकर खंड्डी मंडल में तैयारी बैठक संपन्न, किसानों के बीच जाकर कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी की पोल खोल रहे भाजपा कार्यकर्ता, 4 नवंबर को होने वाले प्रदेशव्यापी किसान आक्रोश आंदोलन की तैयारियां जोरों पर

सीधी। कमलनाथ सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों की साथ की गई वादा खिलाफी, किसानों की उपेक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा किसानों के साथ प्रदेशव्यापी 'किसान आक्रोश आंदोलन किया जा रहा है। पार्टी के स्तर पर इस आंदोलन की तैयारियां जारी हैं और पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर कांग्रेस सरकार के झूठ को किसानों के सामने बेनकाब कर रहे हैं।
प्रदेश भाजपा द्वारा 4 नवंबर को प्रस्तावित 'किसान आक्रोश आंदोलनÓ को सफल और प्रभावी बनाने के लिए जोर-शोर से इसकी तैयारियां की जा रही हैं। जिले के खड्डी मंडल के ग्राम कठार में आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश मंत्री व चुरहट विधायक शरदेंदु तिवारी उपस्थित रहे। साथ ही भाजपा जिला महामंत्री डॉ.देवेंद्र त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष खड्डी नारायण तिवारी, प्रदीप शुक्ला, शशिकला द्विवेदी, गंगा पांडेय, जीवेश त्रिपाठी, राजीव लोचन तिवारी, संतोष अग्निहोत्री, व्यासमुनि पांडेय, रामार्चन तिवारी, बाबूलाल कोल, बुद्धसेन प्रजापति, रामलल्लू सिंह उपस्थित रहे। इसी प्रकार खड्डी मंडल के ही ग्राम चकड़ौर में आयोजित बैठक मे मुख्य अतिथि बतौर भाजपा जिला मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ला, रामनरेश शुक्ला उपस्थित रहे, साथ ही राजकुमार चतुर्वेदी, ज्वाला प्रसाद मिश्रा, उमाशंकर पांडेय, जयकृष्ण प्रसाद द्विवेदी, रमेश मिश्रा, वर्षा सिंह, राजेंद्र पांडेय, बैजनाथ केवट, शेषमणि वैस, जगदीश साहू, रामराज सिंह गोड़, धीरज मिश्रा उपस्थित थे। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री व चुरहट विधायक शरदेंदु तिवारी ने कमलनाथ सरकार की किसान व जनविरोधी नीतियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। कांग्रेसी पाखंडियों ने झूठ बोलकर प्रदेश में सरकार तो बना ली लेकिन वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर रहे हैं। आगामी पंचायत, समिति व नगर निकाय के चुनाव में कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता आपके पास आए तो उनसे पूछे कि बिजली के बिल इतने अधिक क्यों आ रहे हैं। किसानों को उनकी कृषि उपज का भावांतर मूल्य क्यों नहीं मिल रहा है। अब तक दो लाख रुपए की कर्जमाफी क्यों नहीं की गई है। युवाओं को बेरोजगारी भत्ता क्यों नहीं दिया जा रहा है। पूर्व में प्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार द्वारा चलाई जा रही 500 से अधिक जनकल्याणकारी योजनाएं क्यों बंद कर दी गई हैं। किसानों की फसलें बर्बाद होने के बावजूद मुख्यमंत्री कमलनाथ सीएम हाउस से बाहर क्यों नहीं निकले।

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