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अगले बरस फिर जल्दी आना....धूमधाम से हुआ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन

Manoj Kumar Pandey

Publish: Sep 12, 2019 21:26 PM | Updated: Sep 12, 2019 21:26 PM

Sidhi

गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजा शहर, ढोल नगाड़ों की थाप के साथ भक्तों भगवान गणेश की प्रतिमाओं का किया विसर्जन, डीजे व ढोल नगाड़ों की थाप खूप थिरके भक्त, रंग गुलाल के साथ निकली विसर्जन यात्रा

सीधी। विघ्रहर्ता, मंगलकर्ता भगवान गणेश की दस दिनो तक की गई पूजा अर्चना के बाद गुरूवार को हर्षोल्लास के साथ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। भक्तो ने विघ्रहर्ता को इस कामना के साथ विसर्जित किया कि अगले बरस फिर जल्दी आना। भक्तों द्वारा भगवान गणेश की प्रतिमा विसर्जन के लिए गाजे-बाजे के साथ रैली निकाली गई। सीधी शहर के प्रमुख स्थलो मे स्थापित की गई मूर्तियों सहित ग्रामीण अंचलो एवं घरों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का भक्तों द्वारा गुरूवार को विसर्जन किया गया। भक्तों ने सोन नदी के गऊघाट, डेम्हा घाट, बरिगवां घाट सहित अन्य घाटों में मूर्तियां विसर्जित की। मूर्तियां विसर्जन का स्थल प्रशासन द्वारा पहले ही चिन्हित कर दिया गया था और यहां सुरक्षा संबंधी इंतजाम किए गए थे। कुछ भक्तों द्वारा अन्य छोटी नदियों में भी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। मूर्तियां विसर्जन के लिए भक्त जब शहर से निकले तो ढोल-नगारों व रंग-गुलाल के बीच नाच गान करते हुए गणपति बप्पा मोरया के नारे लगाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
सेमरिया अंचल में गाजे-बाजे के साथ निकले गणपति-
सेमारिया में दस दिन तक चले गणेश उत्सव के बाद गुरूवार को विधि विधान से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन सोन नदी मे किया गया। विसर्जन के दौरान रंग गुलाल गाजे बाजे के साथ भगवान गणेश की सवारी निकली, इस दौरान डीजे व ढोल नगाड़ो की थाप पर भक्त गण झूमते व नाचते रहे। इसके पहले भगवान गणेश की प्रतिमाओं की झांकी का सेमरिया बाजार में भ्रमण कराया गया, इसके बाद प्रसाद वितरण करते हुए सोन नदी मे ले जाकर विसर्जन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त गण शामिल रहे।
पथरौला अंचल में धूमधाम से हुई गणपति की विदाई-
जनपद पंचायत मझौली के पथरौला अंचल में गणेश चर्तुथी के पावन पर्व में विगत सप्ताह भर से क्षेत्रवासी गणेश भक्ति के रंग में रंगे रहे, जगह-जगह पूजा, अर्चना सहित लगातार भजन संध्या के आयोजन का आनंद क्षेत्रवासियों ने लिया, खासकर ग्राम पंचायत दादर के जोगी पहाड़ी में गजानन की झांकी व पंडाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा, यहां प्रति शाम संध्या भजन का आयोजन क्षेत्र के युवाओं द्वारा किया जाता रहा, जिसका श्रद्वालुओं ने आनंद लेते हुए युवाओं की काफ ी प्रसंशा भी की। 11 सितंबर को सामूहिक भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, तत्पश्चात 12 सितंबर को श्रद्वालुओं द्वारा पूजा अर्चना कर अगले साल फिर से आने की कामना करते हुए गौरी पुत्र गणेश की विदाई की गई। पुलिस की निगरानी व व्यवस्था में मवई बांध में भगवान गणेश को जल सयन कराया गया।
हर्षोल्लास के साथ गोपद नदी में गणेश प्रतिमा का हुआ विसर्जन-
मड़वास अंचल में स्थापित की गई गणेश प्रतिमाओं का गुरूवार को गाजे बाजे के साथ विसर्जन किया गया। बुधवार को गणेश पंडालों में भंडारे का आयोजन किया गया था। भक्तों द्वारा गोपद नदी में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन गाजे बाजे के साथ किया गया। गोपद नदी में मड़वास अंचल एवं निवास अंचल की मूर्तियां विसर्जित की गईं, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निवास चौकी प्रभारी खुमान सिंह पटेल एवं भावना सिंह अपने दलबल के साथ विसर्जन स्थल पर मौजूद रहे।
भुईमाड़ के गोपद नदी मे हुआ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन-
गुरूवार को जिले विभिन्न गोपद नादियों मे गणेश जी के प्रतिमाओं का विसर्जन हर्ष और उल्लास के साथ किया गया। सीधी जिले के भुईमाड़ थाना अंतर्गत गोपद नदी जो कि सीधी और सिंगरौली जिले की सीमा बनाती है, यहां भुईमाड़ अंचल एवं सिंगरौली जिले के सरई बाजार के साथ-साथ अन्य गांव की भी मूर्तियों का विसर्जन किया गया। जिसमें सीधी जिले की भुईमाड़ पुलिस अपने दल बल के साथ मौजूद रही तो वहीं सिंगरौली जिले के सरई थाना के पुलिस मौजूद रही। विसर्जन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।