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रेत खदान पर एसडीएम की दबिश, जब्त किए आधा दर्जन वाहन

Om Prakash Pathak

Publish: Dec 05, 2019 15:00 PM | Updated: Dec 05, 2019 15:00 PM

Sidhi

तीन जेसीबी व टूटेन मशीन से हो रहा था रेत का उत्खनन, सीमांकन व उत्खनन से संबंधित नहीं मिले कोई दस्तावेज, वाहनों व मशीनों को जप्त कर किया गया बहरी पुलिस के सुपुर्द

सीधी। पट्टे की भूमि से रेत उत्खनन की अनुमति मिलने के बाद पट्टेदार के द्वारा शासन की समस्त शर्तों को तोड़ते हुए ताबड़तोड़ रेत का उत्खनन किया गया, जिसके लिए पुराने नाले का मार्ग ही बंद कर वाहन निकासी के लिए सड़क तक का निर्माण करा लिया गया, जंगल के पेड़ पौंधो को भी धराशाई कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया।

जिस पर सिहावल उपखंड अधिकारी के द्वारा दविश देकर जांच की गई, जहां नियमों का पालन करना न पाए जाने पर आधा सैकड़ा वाहन सहित अन्य मशीने जप्त की गई है। जप्तसुदा वाहनों व उपकरणों को बहरी पुलिस के सुपुर्द किया गया है। यह कार्रवाई बहरी थाना अंतर्गत संचालित मरसरहा रेत खदान मे की गई है।

पंचायती राज खनिज अधिनियम के अनुसार राम डीह ग्राम पंचायत के मरसरहा गांव रेत कि खदान मंजूर कर अरुणेंद्र तिवारी नाम के ठेकेदार को उत्खनन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, विश्वस्त सूत्रों की बात मानें तो अरूणेंद्र तिवारी नाम मात्र का मोहरा है, उसके नाम पर जिले के दो और पूंजीपतियों के द्वारा पार्टनर बन रेत खदान का संचालन कर रहे हैं।

खदान संचालक मोटी कमाई करने के चक्कर में जिस स्थान पर रेत उत्खनन करने की मंजूरी प्राप्त किए थे वहां से उत्खनन कराने के बजाय सोन नदी के किनारे से रेत का उत्खनन कर रहे थे, वहीं प्राकृतिक संसाधनों का भी दोहन करने मे कोताही नहीं बरती जा रही थी, जिस पर राजस्व व खनिज विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई है।

हजारों ट्रक रेत का खड़ा कर दिया गया पहाड़
रेत उत्खनन के लिए अनुपात अनुमति देने के दौरान निर्धारित की गई थी, किंतु इस काम मे लगे लोगों के द्वारा जेसीबी व टूटेन मशीनें लगाकर दिन रात बराबर रेत का उत्खनन महीने भर से किया जा रहा है, जिससे मरसरहा गांव मे करीब आधा किलोमीटर की दूरी मे रेत का पहाड़ खड़ा कर दिया गया है।

रात मे सोन नदी से होती है रेत की निकासी
दिन मे तो पट्टे की भूमि से रेत की निकासी का कार्य किया जाता है, किंतु पट्टे की भूमि मे जो रेत उपलब्ध उसमें मिट्टी मिली हुई है, जिससे लोग रेत खरीदने मे कोताही बरत रहे थे, जिसे देखते हुए संविदाकार के द्वारा रात मे जेसीबी मशीन से प्रतिवंधित सोन नदी से रेत का उत्खनन कर हाइवा वाहन से पट्टे की भूमि की रेत मे सोन नदी के रेत को मिलाकर रेत विक्री करने का कारोवार किया जा रहा है।

यह जब्त किए गए वाहन
उपखंड अधिकारी सिहावल व खनिज विभाग के द्वारा दविश देकर खदान से आधा सैकड़ा वाहन व मशीनें जब्त की गई है, जिसमें एक ट्रक क्रमांक यूपी 63 टी 4113, डंफर क्रमांक एमपी 53 जीए 1222, दो जेसीबी, एक टूटेन चैन वाली मशीन, एक बालू फिल्टर मशीन व इंजन, एक मानीटर, एक सीपीयू की जप्ती बनाकर बहरी पुलिस के सुपुर्द किया गया है।

अन्य पर क्यों बनी हुई है मेहरबानी
सिहावल विकासखंड अंतर्गत मरसरहा मे ही नहीं बल्कि पंचायतो को आवंटित ऐसी आधा दर्जन से ज्यादा रेत की खदानें संचालित हैं, जिसमें खुलेआम नियमों व मापदंडो का उल्लंघन किया जा रहा है। जिसमेें खुटेली, डोल पंचायत मे दो रेत खदाने, बारपान, भरूही सहित अन्य रेत खदानें संचालित हैं यहां भी नियमों की अनदेखी करते हुए खुलेआम नदी का जेसीबी व टूटेन मशीनों से सीना चीरकर रेत की निकासी की जा रही है किंतु इन खदानों पर हांथ डालने की हिम्मत प्रशासन को नहीं है, सिर्फ एक खदान पर कार्रवाई को लेकर चर्चा है कि यह कार्रवाई प्रशासन किसी के इशारे पर करने को मजबूर हुआ है।

छति का मूल्यांकन कर की जाएगी कार्रवाई
राजस्व व खनिज विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से मरसरहा मे संचालित रेत खदान का निरीक्षण किया गया, जहां अनुमति से ज्यादा रेत का उत्खनन पाया गया, साथ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया है। छति का आंकलन करने के बाद कार्रवाई की जाएगी, जप्त की गई मशीनों व वाहनों को बहरी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
आरके सिन्हा, उपखंड अधिकारी, सिहावल

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