स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

प्याज के दाम पहुंचे 120 रूपए प्रति किलोग्राम

Manoj Kumar Pandey

Publish: Dec 05, 2019 14:39 PM | Updated: Dec 05, 2019 14:39 PM

Sidhi

केवल एक थोक व्यापारी के पास प्याज की उपलब्धता, सेव से भी दोगुने दाम पर पहुंची प्याज की दर

सीधी। जिले में प्याज के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। थोक व खुदरा मार्केट में प्याज के भाव आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। शादियों के सीजन व घर के लिए प्याज का जरुरी होने से इसकी मांग बनी है। बढ़े भाव आम लोगों को परेशान कर रहे हैं। पिछले कई महीनों से शहर में प्याज के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि इस सीजन प्याज व टमाटर दोनों में ही तेजी बनी हुई थी। टमाटर के दाम पिछले करीब 15 दिनों से अब घटने शुरू हो गए हैं। प्याज के दाम नियंत्रण में आने की बजाए बढ़त की तरफ हैं। प्याज के दाम थोक मार्केट में जहां 100 रुपए किलो हैं। वहीं रीटेल में यह 120 रुपए प्रति किलो हैं। जानकारों का कहना है कि इस समय विवाह सीजन चल रहा है, जिसके कारण प्याज खरीदना लोगों की मजबूरी बनी है। इसी कारण से बाजार में सभी सब्जियां महंगी हैं।
सेव से महंगी प्याज-
इन दिनों प्याज की बढ़ती दर जहां लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही है, वहीं प्याज सेव से महंगी हो गई है। सेव इन दिनों 50 से 70 रूपए प्रति किलो बिक रहा है, वहीं प्याज 120 रूपए प्रति किलोग्राम फुटकर में बिक रही है। प्याज के बढ़े दाम सोशल मीडिया में मजाक के रूप में खूब सुर्खिया बटोर रहे हैं।
खाद्य विभाग द्वारा नहीं की जा रही जांच-
प्याज के बढ़ते दाम के कारण सरकार के द्वारा मंडी में प्याज के स्टाक चेक किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन सीधी में खाद्य आपूर्ति विभाग ओर से सब्जी मंडी में आढ़ती व मासाखोरों का स्टॉक चैक नहीं किया जा रहा है। बताया गया कि थोक व्यापारियों के यहां प्याज के नियमित स्टॉक चेक किए जाने के निर्देश दिए जा गए हैं, ताकि प्याज की कालाबाजारी न हो सके, लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा स्टाक चेक नहीं किया जा रहा है।
पिछले साल फेंकी गई थी प्याज-
विदित हो कि गत वर्ष प्याज के भावों में काफी गिरावट दर्ज की गई थी। प्याज के भावों मे गिरावट आने की वजह से व्यापारियों और किसानों को प्याज फेकना पड़ा। जिले मे बिना अनुमति के ही ट्रको मे लोड कर प्याज पहुंचा दी गई थी, जिसे रखने के लिए जगह नहीं मिल पा रही थी, कुछ दिन मे प्याज सड़ गई, जिसे सड़क पर फेंकना पड़ा था।
इसलिए बढ़ रहे भाव-
थोक सब्जी व्यापारी तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार गत वर्ष प्याज की फसल करीब डेढ़ माह पहले आ गई थी। इसके अलावा किसानों ने प्याज की पैदावार भी काफी मात्रा मे की थी, लेकिन इस बार खरीफ सीजन के दौरान महाराष्ट्र सहित प्रदेश के कई स्थानों पर हुई बारिश ने प्याज की फसल को खराब कर दिया है। फसल खराब होने की वजह से प्याज की पैदावार कम हुई है।
.....केवल एक ही थोक व्यापारी के पास प्याज की उपलब्धता है, मांग के कारण जिस दर पर उपलब्ध करवाई जा रही है, उसी से लेना पड़ रहा है। दर क्यों बढ़ी पता नहीं।
संतोष गुप्ता
व्यवसाई, सीधी
.....मंडी में थोक व्यापारी से ही महंगे दामों पर प्याज की खरीदी हम लोगो के द्वारा की जा रही है, जिसके कारण थोक मे १०० रूपए प्रति किलो मिलने के कारण फुटकर में 120 रूपए प्रति किलो बेंचना मजबूरी है।
शेषमणि गुप्ता
व्यवसाई, सीधी
........शादी विवाह के सीजन में प्याज के दाम 100 रूपए प्रति किलो से ज्यादा हो जाने से लोग परेशान हैं, अब लोग मजबूरी में ही प्याज की खरीदी कर रहे हंैं। हमे थोक में जो दर प्याज मिल रही है, उससे थोड़ा सा मूल्य बढ़ाकर हम बेंच रहे हैं।
सतीष कुशवाहा
व्यवसाई, सीधी

[MORE_ADVERTISE1]