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तहसीलदार के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने 200 लोगों के विरूद्ध दर्ज किया मामला

Manoj Kumar Pandey

Publish: Aug 19, 2019 12:55 PM | Updated: Aug 19, 2019 12:55 PM

Sidhi

कलेक्टर के स्थानांतरण का विरोध पड़ा महंगा, आंदोलनकारियों द्वारा कलेक्ट्रेट गेट में की गई थी तालाबंदी, रास्ता रोकने एवं शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने को लेकर दर्ज किया गया अपराध, आंदोलनकारियों की वीडियो फुटेज एवं फोटो के आधार पर शुरू की जा रही पहचान

सीधी। सीधी कलेक्टर रहे अभिषेक सिंह का शासन द्वारा सीधी से भोपाल के लिए किए गए स्थानांतरण के विरोध में जिले की आम जनता द्वारा स्थानांतरण निरस्त किए जाने की मांग को लेकर किया गया जन आंदोलन व विरोध प्रदर्शन मंहगा पड़ गया है। विरोध प्रदर्शन के पहले दिन कलेक्ट्रेट मुख्य द्वारा पर आंदोलनकारियों द्वारा की गई तालाबंदी को लेकर तहसीलदार गोपदबनास के द्वारा लिखे गए पत्र के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा दो सैकड़ा लोगों के विरूद्ध भादवि की धारा 186 एवं 341 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। हलांकि अभी तक किसी भी आंदोलनकारी के विरूद्ध नामजद अपराध दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया में चलाए गए लाइव व फोटो आदि के आधार पर आंदोलनकारियों की पहचान पुलिस द्वारा शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि अभिषेक सिंह ने बतौर सीधी कलेक्टर अपने महज छ: माह के कार्यकाल में ही विकास कार्यों के आधार पर सीधी जिले की आम जनता के बीच काफी लोकप्रियता हांसिल की थी, आंदोलनकारियों के अनुसार कलेक्टर की यह लोकप्रियता जिले के सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं को नागवार गुजरी और अभिषेक सिंह का स्थानांतर जिले से करवा दिया गया। उनके स्थानांतरण की जानकारी मिलते ही जिले की आम जनता सड़क पर उतर आई और भूंख हड़ताल सहित विभिन्न प्रकार से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों द्वारा जिले सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं को भी आड़े हांथ लेते हुए उनके विरूद्ध जमकर नारेबाजी की थी, जिससे कलेक्टर के स्थानांतरण में भूमिका अदा करने वाले जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर दबाव बनाकर आंदोलनकारियों पर अपराध पंजीबद्ध करा दिया।
पहले दिन जमकर विरोध, कलेक्ट्रेट गेट पर की गई थी तालाबंदी-
कलेक्टर अभिषेक सिंह के स्थानांतरण की जानकारी मिलते ही पहले तो सोशल मीडिया में कलेक्टर के स्थानांतरण का विरोध शुरू हुआ, इसी दौरान सोशल मीडिया में कलेक्टर के स्थानांतरण के विरोध में आंदोलन करने की बात वायरल हुई और 8 अगस्त की सुबह करीब दो सैकड़ा से अधिक लोग स्थानांतरण का विरोध करने कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हलांकि शांतिपूर्ण आंदोलन की रूपरेखा तय की गई थी, लेकिन जब कलेक्ट्रेट गेट में आंदोलनकारियों की भीड़ ज्यादा बढ़ गई तो कुछ लोगों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर ताला जड़ते हुए अधिकारियों का कलेक्ट्रेट के अंदर प्रवेश निषेध कर दिया। इस दौरान कुछ आंदोलनकारी परिषर में ही अनिश्चित कालीन भूंख हड़ताल पर भी बैठे हुए थे, जिसकी सूचना पूर्व में ही प्रशासन को दी गई थी, कुछ घंटे कलेक्ट्रेट गेट में तालाबंदी के बाद आंदोलकारी कलेक्टर अभिषेक सिंह का स्थानांतरण निरस्त कराने के मांग संबंधी मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम गोपद बनास को सौंपने के बाद भूूंख हड़ताल जारी रखने का ज्ञापन सौंपते हुए शहर के गांधी चौक में अनिश्चित कालीन भूंख हड़ताल पर बैठ गए। दो दिन तक चले भूंख हड़ताल के बाद कांग्रेस प्रतिनिधियों ने जाकर भूंख हड़ताल समाप्त करवाई इसके बाद आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिलने भोपाल रवाना हो गया था, जहां मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर अभिषेक सिंह का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की गई थी।
तहसीलदार के पत्र के आधार पर दर्ज हुआ अपराध-
कलेक्टर का स्थानांतरण निरस्त करने की मांग को लेकर शुरू किए गए जनआंदोलन के प्रथम दिन 8 अगस्त को कलेक्ट्रेट गेट पर की गई तालाबंदी को लेकर कार्यालय तहसीलदार गोपदबनास जिला सीधी द्वारा थाना प्रभारी कोतवाली सीधी को पत्र लिखकर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वाले लोगों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग की गई। पत्र में लेख किया गया कि दिनांक ८ अगस्त को कलेक्टर कार्यालय भवन के गेट में लगभग 200 लोगों के द्वारा बिना सूचना के ताला बंद कर धरना दिया गया। उक्त धरने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालय में आने में असुविधा हुई। अत: शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज कराना सुनिश्चित करें।
इन कार्यों को लेकर बनी थी कलेक्टर की लोकप्रियता-
अभिषेक सिंह द्वारा बतौर कलेक्टर सीधी जिले में पदस्थापना के बाद पार्किंग समस्या से जूझ रहे सीधी जिला मुख्यालय के बाजार क्षेत्र में जिला अस्पताल के सामने एवं गांधी चौक में पार्किंग स्थल विकसित करना, जिला अस्पताल भवन का जनभागीदारी से कायाकल्प करवाना, सूखा नदी का जनभागीदारी से गहरीकरण एवं अतिक्रमण हटवाना, दस्तक अभियान में जिले भर से चिन्हित किए गए एनीमिक बच्चों को भर्ती कराए जाने के लिए जगह न मिलने पर कलेक्टर बंगले में भर्ती किए जाने, बाजार क्षेत्र में सजने वाली मांस मंडी को नपा के मांस मंडी में स्थानांतरित कराए जाने, छत्रसाल स्टेडियम के पास के वाहन मिस्त्रियों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट किए जाने, सोनांचल बस स्टैंड के सामने सुदामा कांपलेक्स की दुकानों को गिरवाकर पार्किंग के लिए स्थान रिक्त कराए जाने, ग्रामीण अंचलों में सड़कों का सौंदर्यीकरण, रंगीन पीसीसी सड़के निर्माण कराए जाने सहित मानस भवन, कलेक्ट्रेट भवन का नवीनी करण का प्रस्ताव, शहर में कई पार्क विकसित कराए जाने का प्रस्ताव के अलावा सैकड़ो नवीन कार्यों की बनाई गई रूपरेखा ने कलेक्ट को आम जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया था।
की जा रही आंदोलनकारियों की पहचान-
तहसीलदार गोपद बनास के पत्र के आधार पर कलेक्ट्रेट गेट में तालाबंदी कर आंदोलन करने वाले 200 लोगों के विरूद्ध भादवि की धारा 186,341 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आंदोलनकारियों की पहचान की जा रही है।
आदित्य प्रताप सिंह
नगर निरीक्षक, सिटी कोतवाली सीधी