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वर्ष भर में एक दर्जन से अधिक वन्य प्राणियों की गई जान

Manoj Kumar Pandey

Publish: Nov 06, 2019 13:04 PM | Updated: Nov 06, 2019 13:04 PM

Sidhi

वन्य प्राणियों की सुरक्षा में सेंध, करोंड़ो खर्च के बाद भी सुरक्षा में लापरवाही, संजय टाईगर रिजर्व में सुरक्षित नहीं वन्य प्राणी, बाघ, भालू, चिंकारा, चीतल, नील गाय सहित अन्य वन्य प्राणी हो रहे शिकार

सीधी। वन्य प्राणियों के संरक्षण व संवर्धन के लिए बनाए गए संजय टाईगर रिजर्व एरिया में लगातार वन्य प्राणियों की मौत हो रही है। टाईगर रिजर्व एरिया में वन्य प्राणियों की सुरक्षा में सेंध हो गया है। यहां वन्य पा्रणियों की सुरक्षा के लिए करोड़ो रूपए तो खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन ज्यादातर राशि कागजी रिकार्डों में ही खर्च हो रही है। संजय टाईगर रिजर्व एरिया में वन्य प्राणियों की लगातार मौत के आंकड़े यह सावित कर रहे हैं कि टाईगर रिजर्व एरिया वन्य प्राणियों के लिए सुरक्षित नहीं है। विभागीय सूत्रों से मार्च-2018 से अब तक संजय टाईगर रिजर्व एरिया में हुए वन्य प्राणियों की मौत के प्राप्त आंकड़ो के अनुसार करीब डेढ़ दर्जन वन्य प्राणियों की मौत हो चुकी है। जिसमें बाघ सहित भालू, चिंकारा, चीतल, नील गाय व जैसे वन्य प्राणी असमय काल के गाल में समा चुके हैं, इनमे कई वन्य प्राणी जहां शिकारियों द्वारा फैलाए गए जाल में फंसकर मौत के शिकार हुए हैं वही कुछ के कारण बीमारी तो कुछ कटनी-चोपन रेलवे लाइन में फंसकर मौत के गाल में समा गए हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि संजय टाईगर रिजर्व के अधिकारी वन्य प्राणियों की मौत पर हमेशा से ही पर्दा डालते रहे हैं, खासकर शिकार में मौत के गाल में समाने वाले वन्य जीवों के मामले को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इन वन्य प्राणियों की हुई है मौत-
विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च-2018 से अब तक करीब एक दर्जन वन्य प्राणियों की मौत विभिन्न कारणों से संजय टाईगर रिजर्व एरिया में हुई है। जानकारी के अनुसार 11 मार्च 2018 को बस्तुआ में मादा नील गाय, 4 जुलाई 2018 को मड़वास बफर जोन में भालू, 8 अगस्त 2018 को दुबरी में भालू, 1 सितंबर 2018 को बस्तुआ में जंगली सुअर, 27 अप्रैल 2018 को बस्तुआ में चिंकारा, 7 जून 2018 को बस्तुआ में चिंकारा, 2 अगस्त 2018 को बस्तुआ में चिंकारा, 31 दिसंबर 2018 को व्योहारी में चीतल नर, 21 फरवरी 2019 को व्योहारी में चीतल नर, 3 मार्च 2019 को व्योहारी में चीतल नर, 7 मार्च 2019 को व्योहारी में भालू, 13 मार्च 2019 को व्योहारी में भालू, 16 अगस्त 2019 को बस्तुआ में चिंकारा, 16 अक्टूबर 2019 को पोंड़ी में बाघ टी-20 तथा 30 अक्टूबर 2019 को बस्तुआ में भालू की मौत हो चुकी है।
करेंट से शिकार की ज्यादा हो रही घटनाएं-
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन्य प्राणियों के शिकार के लिए शिकारियों द्वारा सबसे अधिक विद्युत करेंट का उपयोग किया जाता है। बताया जाता है कि शिकारियों द्वारा संजय दुबरी अभ्यारण्य क्षेत्र से गुजरने वाली विद्युत की 11 हजार केव्ही लाइन में कटिया फंसाकर खुले तारों का जाल विछा दिया जाता है जिसमें वन्य प्राणी फंस जाते हैं, और करेंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो जाती है। इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आने से विगत वर्षों में संजय टाईगर दुबरी अभ्यारण्य क्षेत्र से होकर गुजरने वाली विद्युत की 11 हजार केव्ही लाइन को इंसूलेटेड कराए जाने के लिए विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। जिससे इस तरह की घटनाओं में विराम नहीं लग पा रहा है।

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