स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

मस्टररोल में फ र्जीवाड़ा कर हुआ लाखों का भुगतान

Manoj Kumar Pandey

Publish: Dec 06, 2019 14:32 PM | Updated: Dec 06, 2019 14:32 PM

Sidhi

मामला मेड़ बंधान योजना का, मजदूरों की जगह जेसीबी से कराया गया कार्य, जनपद मझौली के ग्राम पंचायत जमुआ नंबर-2 का मामला

सीधी/मझौली। जनपद क्षेत्र मझौली के ग्राम पंचायत जमुआ नंबर-2 में पदस्थ सचिव विनोद गुप्ता व रोजगार सहायक राजराखन गुप्ता पर रोजगार मूलक कार्य जेसीबी मशीन से करा कर रोजगार गारंटी अधिनियम का मखौल उड़ाए जाने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव आदर्श आचार संहिता के दौरान मजदूरों को भी कार्य से वंचित कर मेड़ बंधान के कार्य जेसीबी मशीन से कराया गया जिसकी शिकायत भी ग्रामीणों द्वारा की गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
बताया गया कि स्वीकृत मेड़ बंधान के प्रकरणों में से कुछ प्रकरणों का नाम मात्र कार्य करा कर लाखों रुपए का भुगतान फ र्जी मस्टररोल तैयार कर कराया गया। इतना ही नहीं ग्रामीणों की माने तो जिन मजदूरों के नाम मजदूरी की राशि उनके खाते में भेजी गई थी उस राशि को यह कह कर कि गलती से तुम्हारे खाते में चली गई है इसलिए इसको निकलवा कर मुझे दे दो और बारी-बारी से सभी मजदूरों को ले जाकर राशि निकलवाकर सचिव व रोजगार सहायक द्वारा स्वयं ले ली गई।
टीएस के नाम पर रोजगार सहायक ने किसानों से वसूली राशि-
ग्राम पंचायत जमुआ नंबर-2 में मेड़ बंधान के नाम पर कई किसानों से आवेदन लिए गए थे, जिनके प्रकरण स्वीकृत के नाम पर भी रोजगार सहायक राज राखन गुप्ता के द्वारा प्रति व्यक्ति 1000 भी वसूले जाने की बातें किसानों ने मीडिया के सामने बताई।
मेड़ बंधान योजना बनी मजाक-
जनपद पंचायत के विभिन्न ग्राम पंचायतों में मेड़ बंधान योजना के तहत कराए गए तमाम कार्यों को रोजगार गारंटी अधिनियम का मजाक बनाते हुए जेसीबी मशीनों से कार्य कराकर मजदूरों के सामने पलायन की स्थिति पैदा की गई है। जबकि यह योजना मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से बनाई गई है। बावजूद इसके इस योजना का मखौल उड़ाया जाता रहा है, जिसका उदाहरण ग्राम पंचायत जमुआ नंबर-2 में देखने को मिला। जिसकी जांच कराए जाने की मांग की जा रही है।
.......मेरे नाम पर मेड़ बंधान योजना का प्रकरण स्वीकृत किया गया था, जिसके लिए रोजगार सहायक राज राखन गुप्ता के द्वारा 1000 टीएस के नाम पर कार्य के पूर्व लिया गया था, एवं 30 घंटे जेसीबी मशीन से कार्य कराया गया है, जिसमें एक भी मजदूर ने कार्य नहीं किया है। पोर्टल में जानकारी लिया तो 52,414 रूपए मजदूरी के नाम पर जरिए मस्टर रोल आहरण किया गया है। कार्य अधूरा कराया गया है जिसके संबंध में ऑनलाइन शिकायत एवं कलेक्टर जनसुनवाई में भी शिकायत किया हूं।
रामस्वरूप कुशवाहा, हितग्राही
.......मैंने 2 एकड़ जमीन का रिकॉर्ड मेड़ बंधान के लिए दिया था, जहां टीएस के नाम पर रोजगार सहायक द्वारा 1000 लिया गया था, वहीं मात्र 8 घंटा जेसीबी से कार्य कराया गया, एक भी मजदूर कार्य नहीं किए। अधूरे कार्य के संबंध में सचिव रोजगार सहायक से कहता हूं तो धमकी भी देते हैं कि तुम नेतागिरी करोगे तो किसी भी योजना का लाभ तुमको नहीं दिया जाएगा।
छोटेलाल मिश्रा, हितग्राही
........मैं 2 एकड़ जमीन का मेड़ बंधान के लिए कागजात दिया था, जिसमें मात्र 50 डिसमिल जमीन में जेसीबी मशीन से कार्य कराया गया है, एक बंधी अधूरी थी जिसे मैंने अलग से 500 देकर उसे पूरा कराया और मैं शिकायत भी किया हूं, दोषियों के खिलाफ जांच कार्रवाई होनी चाहिए।
देवराज मिश्रा, हितग्राही
.......पूरे ग्राम पंचायत में मनमानी का आलम है ग्राम सभा की मासिक बैठक में न तो हम पंचों को जानकारी बताई जाती है और ना ही अभिलेख दिखाए जाते हैं । कार्रवाई रजिस्टर में सिर्फ हस्ताक्षर कराते हैं और बाद में मनमानी तौर पर प्रस्ताव लेख करते हैं। वहीं तमाम रोजगार मूलक कार्यों में जेसीबी मशीन से कार्य करा कर फर्जी मस्टररोल तैयार कर राशि आहरण कर बंदरबांट की जाती है। पूरी अनियमितताओं की मेरे द्वारा शिकायत भी की गई है।
राजमणि द्विवेदी, उपसरपंच
..........इस मामले की कलेक्टर के यहां भी शिकायत की गई है, जिसके जांच की जिम्मेवारी मुझे सौंपी गई है। मैंने इसके लिए टीम गठित कर एक सप्ताह के अंदर जांच प्रदिवेदन के लिए निर्देशित किया है।
विजय कुमार श्रीवास्तव, सीईओ जपं मझौली

[MORE_ADVERTISE1]