स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

शक्ति एवं शिव की पूजा के साथ हुआ महाउर ग्रामांचल महोत्सव

Manoj Kumar Pandey

Publish: Nov 11, 2019 13:14 PM | Updated: Nov 11, 2019 13:14 PM

Sidhi

इंद्रवती लोक कला ग्राम रामपुर में रही महाउर ग्रामांचल महोत्सव की धूम, महाउर महोत्सव में लोक कलाकारों के साथ भारतीय रंगमंच विभाग पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के विद्यार्थियों ने किया नृत्य, पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने लोक कलाकारों से जाना बघेलखंड की लोक संस्कृति

सीधी। इंद्रवती नाट्य समिति सीधी द्वारा संस्कृति संचालनालय के प्रायोजकत्व में अक्षत रेसीडेंसी एवं जिला प्रशासन के विशेष सहयोग से पांच दिवसीय महाउर ग्रामांचल महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का आगाज जिले के इंद्रवती लोक कला ग्राम रामपुर में समारोह पूर्वक शुभारंभ किया गया। महोत्सव के शुभारंभ में शक्ति शिव पूजा के साथ अनुष्ठनिक परंपरानुसार कलाकारों ने विधिवत पूजन करने के बाद कार्यक्रम शुरू किया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम इंद्रवती नाट्य समिति के निदेशक नीरज कुंदेर ने कलाकारों से अतिथि विद्यार्थियों का परिचय कराया, इसके बाद समिति के निदेशक रोशनी प्रसाद मिश्र ने सभी अतिथियों एवं कलाकारों को आयोजन की संक्षिप्त जानकारी दी, तदुपरांत सजनई के कलाकारों ने सजनई नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके बाद स्थानीय लोक कलाकारों ने चमरौहीं नृत्य की प्रस्तुति दी और अंतिम प्रस्तुति अहिराई नाच की रही। प्रस्तुति के बाद समिति के निदेशक नरेंद्र बहादुर सिंह ने प्रस्तुत होने वाली लोक संस्कृति की संक्षिप्त जानकारी दी। इसके उपरांत भारतीय रंगमंच विभाग पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के छात्रों ने कलाकारों के साथ नृत्य किया और उसके बाद बघेलखंड की लोक संस्कृति और आनुष्ठनिक परंपराओं के संबंध में छात्रों ने कलाकारों से बातचीत की व पंजाब के लोकगीत भी सुनाए। पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के छात्र डॉ.नवदीप कौर के मार्गदर्शन में भ्रमण प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत इस महोत्सव में शामिल हुए हैं, जो बघेलखंड की लोककलाओं का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं।
महोत्सव के शुभारंभ के दूसरे सत्र में शहर के बैजनाथ सभागार में 7 बजे शाम से 9 बजे रात्रि तक नरेंद्र बहादुर सिंह, रोशनी प्रसाद मिश्र ने भ्रमण प्रशिक्षण के अंतर्गत आए हुए अतिथि विद्यार्थियों को बघेलखंड के लोकगीतों पर संवाद किया साथ ही लोक गीतों का प्रशिक्षण भी दिया, जिसकी प्रस्तुति कार्यक्रम के समापन समारोह में दी जाएगी। इस आयोजन में मुख्य रूप से संस्था के रजनीश जायसवाल, प्रजीत साकेत, रूपेश मिश्र, डेविड सोलंकी, कुनाल गोस्वामी, अंकुश सिंह, भारती शुक्ला, प्रहलाद मिश्र, आशीष पांडेय, धीरज सिंह की भागीदारी रही।

[MORE_ADVERTISE1]