स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

मड़रिया में लगेगा फीगल सीवर ट्रीटमेंट प्लांट

Manoj Kumar Pandey

Publish: Nov 08, 2019 12:49 PM | Updated: Nov 08, 2019 12:49 PM

Sidhi

नब्बे फीसदी ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य पूर्ण, अब इधर उधर नहीं फेंकना पड़ेगा फीगल सीवर, मैला खाद के रूम में होगा परणित, शुद्ध हो जाएगा पानी, वर्षांे से रखी वैलिंग मशीन भी की जाएगी स्थापित

सीधी। शहरी क्षेत्र के शौंचालयों के टैंक से निकलने वाली गंदगी को बैज्ञानिक ढंग से उपचारित कर उसका खाद के रूप में उपयोग करने के लिए नगर पालिका द्वारा शहर के मड़रिया में फीगल ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया जा रहा है। करीब २१ लाख रूपए की लागत से बनाए जा रहे इस फीगल ट्रीटमेंट प्लांट में गंदगी को खाद के रूप परिणत किया जाकर उसका पार्कों में उपयोग किया जाएगा। ट्रीटमेंट प्लांट का करीब 90 फीसदी कार्य पूरा किया जा चुका है। फीगल ट्रीटमेंट प्लांट बन जाने से अब शौंचालयों की टैंक से निकलने वाली गंदगी को इधर नहीं फेंका जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सीधी नगर पालिका क्षेत्र में अभी तक फीगल ट्रीटमेंट प्लांट नहीं था, जिससे शासकीय संस्थानों के साथ ही निजी शौंचालयों के टैंको के गंदगी से पट जाने के बाद निकाली गई गंदगी को इधर उधर खाली स्थानों में फेंक दिया जाता था, जिससे वातावरण तो प्रदूषित होता ही था, इसके साथ ही संक्रामक बीमारियां फैलने का भी खतरा बना रहता था, जिसके निदान हेतु नगर पालिका सीधी द्वारा फीगल ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने का निर्णय लिया गया, जिसका कार्य अब अंतिम चरण में है।
मड़रिया में हो रहा निर्माण-
नगर पालिका परिषद सीधी द्वारा शहर के वार्ड क्रमांक 24 स्थित मड़रिया में आईटीआई कॉलेज के पास खाली पड़ी शासकीय भूमि में फीगल ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लागत करीब २१ लाख रूपए बताई गई है। इसमें करीब एक दर्जन टैंक व शेड के साथ अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं।
बनेगी खाद, पानी भी होगा शुद्ध-
शौंचालयों के टैंक से निकलने वाली गंदगी को फीगल ट्रीटमेंट प्लांट में बैज्ञानिक तरीके से शुद्ध किया जाएगा। इस प्लांट में गंदगी खाद के रूप में तब्दील हो जाएगी, वहीं पानी भी शुद्ध हो जाएगा। इस खाद व शुद्ध पानी का उपयोग शहर के पार्कों के साथ अन्य आवश्यक जगह उपयोग किया जाएगा।
हर माह एक दर्जन टैंकर से ज्यादा निकलती है गंदगी-
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिमाह एक दर्जन टैंकर से ज्यादा गंदगी शौंचालयों के टैंकर से निकाली जाती है, जिससे व्यवस्थित करने के लिए कोई साधन न होने से यहां वहां फेंका जाता था, सर्वाधिक गंदगी जिला अस्पताल के शौचालय टैंक, शहर के छात्रावास, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी आदि से निकाली जाती थी, जिसका अब बैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा।
वर्षांे से रखी वैलिंग मशीन भी की जाएगी स्थापित-
नगर पालिका कार्यालय परिसर में विगत करीब पांच वर्ष से रखी प्लास्टिक वैलिंग मसीन को भी स्थापित करने के लिए वार्ड क्रमांक-२४ के मड़रिया में फीगल ट्रीटमेंट प्लांट के ठीक बगल में एक कक्ष का निर्माण किया जा रहा है, इसका भी करीब पचास फीसदी कार्य पूर्ण हो गया है। शेडनुमा इस कक्ष में प्लास्टिक वैलिंग मसीन स्थापित की जाएगी, जिसमें शहर से एकत्रित होने वाले प्लास्टिक को अलग करने के बाद मसीन के माध्यम से उसके बंडल तैयार कर बाहर भेजा जाएगा।
अतिशीघ्र चाली हो जाएगा प्लांट-
फीगल ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण का करीब नब्बे फीसदी कार्य पूर्ण किया जा चुका है, शेष कार्य भी अतिशीघ्र पूर्ण कर लिय जाएगा, इसके बाद प्लांट में शौंचालयों की गंदगी का बैज्ञानिक तरीके से उपचार कर उसको उपयोग में लाया जाएगा।
अमर बहादुर ङ्क्षसह परिहार
मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नपा सीधी

[MORE_ADVERTISE1]