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जिला पंचायत मे कर्मचारियों व अधिकारियों का टोंटा

Om Prakash Pathak

Publish: Sep 02, 2019 16:37 PM | Updated: Sep 02, 2019 16:37 PM

Sidhi

जिला पंचायत मे कर्मचारियों व अधिकारियों का टोंटा, परियोजना व सहायक परियोजना अधिकारी न होने से लिपिको को शाखा का प्रभार, छह पीओ व एपीओ की जगह पदस्थ हैं मात्र 2 अधिकारी

सीधी। जिला पंचायत मे अधिकारियों व कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। जिससे जिला पंचायत अंतर्गत पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति प्रभावित हो रही है। वहीं योजनाओं के प्रगति की सुदृढ समीक्षा भी नहीं हो पा रही है। लंबे समय से जिला पंचायत सीईओ का भी पद रिक्त पड़ा हुआ था, जिससे डिप्टी कलेक्टर को सीईओ का प्रभार देना पड़ा था, बीते करीब एक सप्ताह पूर्व नवागत सीईओ के द्वारा प्रभार ग्रहण किया गया तब से सीईओ के पद की तो पूर्ति हो पाई किंतु अभी परियोजना अधिकारी, सहायक परियोजना अधिकारी सहित अन्य पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिससे योजनाओं का सही क्रियान्वयन व मानीटरिंग नहीं हो पा रही है।
जिपं मे कितने लिपिक के पद किसी को पता ही नहीं-
सीधी से सिगरौली जिला अलग बनने के बाद जिला पंचायत सीधी मे लिपिक के कितने पद स्वीकृत हैं यह जिला पंचायत के अधिकारियों यहां तक कि राज्य शासन को भी जानकारी नहीं है। क्योंकि सिंगरौली अलग होने के बाद लिपिक के पद का निर्धारण करना उचित नहीं समझा गया। जिससे मनमानी तरीके से जो लिपिक वर्षों पूर्व पदस्थ हैं वहीं लंबे समय से डटे हुए हैं। शासन के द्वारा नवीन लिपिको की पदस्थापना व पद निर्धारण करना उचित नहीं समझा जा रहा है।
मनरेगा मे नहीं है कर्मचारी-
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत कर्मचारियों का टोटा बना हुआ है। जहां सिर्फ मनरेगा परियोजना अधिकारी के पद को छोड़ दिया जाए तो एक भी कर्मचारी पदस्थ नहीं है। लेखाअधिकारी, लेखापाल, वरिष्ठ डाटा मैनेजर के पद रिक्त पड़े हुए हैं, जबकि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया के द्वारा मनरेगा योजना के तीन पद को समाप्त कर दिया गया है। सिर्फ एक परियोजना अधिकारी के बूते जिले मे रोजगार की गारंटी देने वाली योजना मनरेगा चल रही है।
फैक्ट फाईल-
पद स्वीकृत भरा रिक्त
अतिरिक्त सीईओ ०१ ०१ ००
परियोजना अधिकारी ०३ ०० ०३
सहा. परियोजना अधिकारी ०३ ०२ ०१
कुल ०७ ०३ ०४
कर्मचारियों की कमी से काम होता है प्रभावित-
यह बात सही है कि जिला पंचायत मे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी बनी हुई है, जिससे कार्य प्रभावित होता है फिर भी उपलब्ध संसाधनो के दम पर कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
एबी सिंह
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सीधी