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जमीनी विवाद मे कुल्हाणी से बृद्ध की हत्या, छोटा भाई गंभीर

Manoj Kumar Pandey

Publish: Sep 05, 2019 20:13 PM | Updated: Sep 05, 2019 20:13 PM

Sidhi

कुसमी थाना के अमगांव की घटना, एक दिन पहले भी प्रशासनिक टीम के सामने हुआ था विवाद

सीधी/पथरौला। जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के पुलिस चौकी पोंड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत अमगांव के नवानगर मे गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे जमीनी विवाद को लेकर एक बैगा परिवार द्वारा गोंड़ परिवार के दो सगे भाइयों पर धारदार हंथियार कुल्हाड़ी से अचानक हमला कर दिया गया। जिससे बड़े भाई बृजभान सिंह की घटना स्थल पर ही मौत हो गई है। जबकि गंभीर रुप से घायल छोटे भाई केमलभान सिंह पिता शोभनाथ सिंह उम्र 46 वर्ष को जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहां उसकी हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों द्वारा संजय गांधी अस्पताल रीवा के लिए रेफर कर दिया गया है। घायल की स्थिति काफी नाजुक बताई जा रही है।
घटना के संबंध मे मृतक बृजभान सिंह पिता शोभनाथ सिंह 60 वर्ष निवासी अमगांव के परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक जिस जमीन के कारण हत्या हुई है वह जमीन मृतक की पुस्तैनी है। किंतु मृतक के पूर्वजों द्वारा हत्यारोपी गोविंद बैगा पिता बल्देव बैगा 45 वर्ष निवासी नवानगर को उसी जमीन पर घर बनाकर आबाद कर लिया गया था। लेकिन कुछ वर्षों पूर्व हत्यारोपी गोविंद बैगा उस जमीन से अपना घर वार हटाकर उसी गांव मे अन्य जगह घर बनाकर रहने लगा था। जबकि जमीन का रिकार्ड मृतक के नाम था। किंतु आरोपी गोविंद बैगा जमीन से बेदखल होने को तैयार नहीं था। जमीन का सीमांकन आदि भी मृतक द्वारा कराया गया तो जमीन उसी की ही निकली। लेकिन आरोपी बैगा परिवार किसी भी कीमत पर जमीन नहीं छोडऩा चाह रहा था। जबकि मृतक का कहना था जब तक तुम्हारे पास जमीन का अभाव था तब तक हमने अपनी जमीन पर कब्जा नहीं किया। लेकिन तुम घर दूसरी जगह बना लिए हो तो अपनी जमीन हम ले लेंगे।
एक दिन पहले भी हुआ था विवाद-
बताया गया कि आरोपी द्वारा जमीन नहीं छोडऩे पर मृतक बृजभान सिंह द्वारा एक वर्ष पूर्व न्यायालय का सहारा लेते हुए उप तहसील पोंड़ी मे बेदखली का प्रकरण चलाया गया। जिसका फैसला भी विगत मार्च माह मे मृतक के पक्ष मे करते हुए आरोपी गोविंद बैगा को उक्त जमीन से बेदखल करने का आदेश नायब तहसीलदार पोड़ी द्वारा दिया गया था। किंतु मृतक के आग्रह करने पर भी मौके से कब्जा दिलाने प्रशासनिक अमला नहीं पहुंचा। किसी तरह से 4 सितंबर का दिन हल्का पटवारी अमगांव द्वारा नियत किया गया। बताया गया कि 4 सितंबर को शाम करीब 5 बजे नायब तहसीलदार पोंड़ी मणिराज सिंह, हल्का पटवारी अमगांव तथा एक आरक्षक व एक नगर सैनिक के साथ मौके पर जमीन मे कब्जा दिलाने पहुंचे थे। तब मृतक द्वारा ट्रैक्टर मंगवाया गया और खेत की जोताई शुरु की गई। किंतु महज 10 मिनट ही ट्रैक्टर चला और इतने मे आरोपी पहुंचा और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले के सामने ही ट्रैक्टर रोकवा दिया और ट्रैक्टर ड्राइवर को जोताई करने से मना करते हुए ट्रैक्टर जमीन से बाहर कर दिया।
कोरम पूर्ति कर लौटा प्रशासनिक अमला-
परिजनों सहित ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि मौके पर उपस्थित प्रशासनिक अमला से खड़े होकर जमीन मे कब्जा दिलाने का आग्रह किया गया था। लेकिन प्रशासनिक अमला कागजी घोड़ा दौड़ाने तक ही सीमित रहा है, और मृतक के परिजनों से कहा गया कि पंचनामा बन गया है, फोटो भी खिंच गई है। अब तुम्हारी जमीन से बेदखली की कार्रवाई हो गई है। कल हल से जोताई कर लेना। जबकि आरोपी द्वारा पंचनामा मे हस्ताक्षर करने से मना कर दिया गया था। यह कह कर पुलिस और राजस्व अमला चलता बना, और 5 सितंबर की सुबह जैसे ही दोनों भाई हल लेकर जमीन जोताई करनें पहुंचे और घायल केमलभान सिंह पिता शोभनाथ सिंह हल जोतने लगा जबकि मृतक जमीन मे उगे खरपतवार की सफाई करनें लगा। इसी दरम्यान आरोपी अपने 8 सदस्यीय परिवार महिलाओं सहित दोनों भाईयों पर पीछे से हमला बोल दिया। आरोपी कुल्हाड़ी से वार करते रहे मृतक हल्ला गुहार करते भागता रहा, तकरीबन दो सौ मीटर दूर तक भागा लेकिन आरोपी द्वारा गर्दन पर वार किया गया जिससे गर्दन कट गई और मृतक गिर पड़ा और दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर कुसमी एसडीओपी पीएल प्रजापति, कुसमी टीआई विनायकनाथ योगी दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायल को जिला अस्पताल भेजते हुए स्थल पंचनामा तैयार किया गया। तत्पश्चात शव को पोस्टमार्टम के लिए पोंड़ी मर्चुरी लाया गया। पोस्टमार्टम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी परिवार सहित गांव से फरार बताया जा रहा है। जबकि पुलिस द्वारा जल्द ही आरोपियों के गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। घटना स्थल से खून से रंगी दो नग कुल्हाड़ी पुलिस द्वारा बरामद की गई है। जबकि मुख्य आरोपी गोविंद बैगा फरसा लेकर फरार हो गया है। पुलिस चौकी पोंड़ी द्वारा आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
प्रशासनिक लापरवाही आई सामने-
गांव के सरपंच व मृतक के परिजनों द्वारा बताया गया कि आरोपी द्वारा जब प्रशासनिक अमले के सामने ही ट्रैक्टर रोक दिया गया था। तभी किसी घटना की आशंका हो गई थी। जिस पर अधिकारियों से मौके पर खड़े होकर जमीन पर कब्जा दिलाने का आग्रह किया गया था। किंतु अधिकारी कागजी खाना पूर्ति करनें तक ही सीमित रहे और दूसरे दिन हल से जोताई करने को कहकर चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व अमला के द्वारा खड़े होकर कब्जा दिलाया गया होता तो ये अनहोनी नहीं होती। लेकिन अधिकारियों ने आरोपी के इरादे को भांपना उचित नहीं नहीं समझा गया और ये घटना हो गई।
प्रभारी विहीन है चौकी-
कुसमी थाना की पुलिस चौकी पोंड़ी तकरीबन दो माह से प्रभारी विहीन चल रही है। विगत 13 जुलाई को एसआई शिवम् दुबे के जाने के बाद से अभी तक बतौर प्रभारी पुलिस अधीक्षक द्वारा किसी को नियुक्त नहीं किया गया है। लिहाजा इस चौकी का प्रभार प्रधान आरक्षक बाबूलाल रावत संभाल रहे हैं।