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जिले में चार करोड़ रुपए सामग्री पर खर्च फिर भी नहीं शुरू हो पाई ई-पंचायत, पंचायत कर्मियों के लिए एलईडी बनी मनोरंजन का साधन

Anil Singh Kushwaha

Publish: Aug 21, 2019 20:11 PM | Updated: Aug 21, 2019 20:11 PM

Sidhi

सरपंच-सचिवों के घरों मे लगे हैं ई-पंचायत के उपकरण

सीधी. ग्राम पंचायतों में हाईटेक एवं अत्याधुनिक परिकल्पना साकार होती नजर नहीं आ रही है। 4 करोड़ से ज्यादा की सामग्री ई-पंचायत के लिए सचिवों के सुपुर्द की गई। इसके बाद भी जिले की लगभग किसी भी पंचायत मे ई-पंचायत परिकल्पनारूप कार्य नहीं हो रहा है। उपलब्ध कराए गए कंप्यूटर, एलईडी, इनवर्टर, स्कैनर सहित अन्य सामग्री पंचायतों के सरपंच या सचिवों के घर में लगी हैं। पंचायत कर्मियों के परिजनों के लिए एलईडी मनोरंजन का साधन बनी है।

ई-पंचायत कार्यक्रम का किया गठन
मालूम हो कि शासन द्वारा मप्र राज्य टेक ई-पंचायत सोसाइटी के माध्यम से ई-पंचायत कार्यक्रम का गठन किया गया है जिसके अंंतर्गत राज्य सहित जिले की संपूर्ण पंचायतों में ई-पंचायत कक्ष, कंप्यूटर, प्रशिक्षण, कनेक्टिविटी, एमआईएस तकनीकि को विकसित करना था। इसका उद्देश्य स्पष्ट था कि सभी पंचायतों को कंप्यूटर एवं आनलाइन से जोड़कर गांव का पारदर्शी विकास किया जाए जिसके लिए शासन द्वारा जिला पंचायत को 4 करोड़ से ज्यादा की राशि उपकरण खरीदी के लिए उपलब्ध कराई गई।

जिला प्रशासन की लापरवाही
जिसमें से जिला पंचायत द्वारा जिले की ३९६ पंचायतों के लिए 4 करोड़ 15 लाख 52 हजार ६76 रुपए की लागत से उपकरण की खरीदी की गई थी। उपकरण को पंचायतों मे भेज भी दिया गया। उसके बाद जिला प्रशासन को यह खबर लेने की फुरसत नहीं मिली थी कि उपलब्ध कराए गए उपकरण का क्या उपयोग हो पा रहा है।

ई-पंचायत कार्यक्रम का स्वरूप
बीएसएनएल द्वारा लैंडलाइन आधारित ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोडऩा सबसे पहला उद्देश्य था। उसके बाद ग्राम पंचायत के सचिवों को एवं पंचायतों के पदाधिकारियों को मूलभूत कंप्यूटर पाठ्यक्रम प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कंप्यूटर के संदर्भ में जानकारी देना था। ग्राम रोजगार सेवकों को पंचायत इंटर प्राइजेज साइट पंचायतों के उपयोग हेतु एनआईसी द्वारा विकसित 12 साफ्टवेयरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन करना था। किंतु जिले में न तो अभी तक पंचायतों को बीएसएनएल लैंडलाइन से जोड़ा जा सका है और न ही पंचायत स्तर पर पंचायतों के कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों को कंप्यूटर के संदर्भ में कोई प्रशिक्षण ही दिया गया है।