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धूमधाम से मनाई गई देव उठनी एकादशी

Manoj Kumar Pandey

Publish: Nov 09, 2019 13:31 PM | Updated: Nov 09, 2019 13:31 PM

Sidhi

शकरकंद से पटा रहा बाजार, जमकर हुई खरीददारी, घर-घर हुई पूजा, आयोजित किए गए तुलसी विवाह कार्यक्रम

सीधी। शहर सहित जिले में देव उठनी एकादशी (छोटी दीवाली) धूमधाम से मनाई गई। कार्तिक मास की प्रबोधनी एकादशी पर महिलाओं ने हर वर्ष की तरह इस बार भी अपने घरों में तुलसी पूजन किया। शुक्रवार को पूरी धार्मिक श्रद्धा के साथ पर्व को मनाया गया। खासकर महिलाओं में इस पूजन को लेकर भारी उत्साह देखा गया। सुबह से ही महिलाएं पूजा की सामग्री एकत्रित कर रही थीं। घरों में तुलसी के पौधे का पूजन किया गया। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से भी तुलसी की विशेष पूजा अर्चना के साथ ही तुलसी विवाह संपन्न कराया गया। तुलसी के पौधे को दुल्हन की तरह श्रृंगार कर सजाया गया था। जिले के कई स्थानों पर तुलसी विवाह कार्यक्रम आयोजित किए गए। तुलसी को भारतीय जनमानस में पवित्र स्थान दिया गया है। यह लक्ष्मी व नारायण दोनों को समान रूप से प्रिय है। बिना तुलसी के यज्ञ, हवन, पूजन, कर्मकांड, साधना व उपासना पूरे नहीं होते। यहा तक कि श्राद्ध, तर्पण, दान, संकल्प के साथ ही चरणामृत, प्रसाद व भगवान के भोग में तुलसी का होना अनिवार्य माना गया है। भारतीय समाज में तुलसी के पौधे को देवतुल्य मान ऊंचा स्थान दिया गया है। यह औषधि भी है और मोक्ष प्रदायिनी भी। तुलसी के बारे में अनेक पौराणिक कथाएं विद्यमान हैं। जहा तुलसी होती है वहां साक्षात लक्ष्मी का भी निवास होता है। कार्तिक मास तुलसी पूजन के लिए पवित्र माना गया है। वैष्णव पूजा विधान में तुलसी पूजन व विवाह प्रमुख है। नियमित रूप से स्नान के बाद तुलसी को प्रात: काल जल दिया जाता है और संध्याकाल में हम तुलसी के चरणों में दीपक जलाते हैं। देवउठनी एकादशी पर शकरकंद व गन्ने का विशेष महत्व है, इसलिए शुक्रवार को बाजार शकरकंद व गन्ना से गुलजार रहा। वहीं शकरकंद सुबह जहां 30 प्रति किलोग्राम बिका वहीं शाम तक उसके दाम बढ़कर 50 रूपए प्रति किलोग्राम हो गया था।

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