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सीधी में क्रशर की डस्ट बनी बहरी-मयापुर ग्रामीणों के लिए मुसीबत, मापदंडों का पालन नहीं कर रहे रसूखदार

Anil Singh Kushwaha

Publish: Sep 22, 2019 18:49 PM | Updated: Sep 22, 2019 18:49 PM

Sidhi

निर्धारित लीज से नहीं की जा रही पत्थरों की खुदाई

सीधी. जिले के तहसील बहरी अंतर्गत मयापुर क्षेत्र में संचालित करीब दो दर्जन से अधिक क्रशर शासन के निर्धारित मापदंडों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। बस्तियों के आस-पास क्रशरों के संचालन के कारण निकलने वाली डस्ट से ग्रामीण परेशान हैं, लेकिन रसूखदारों के दबाव के आगे उनकी आवाज नहीं निकल पा रही है।

क्षेत्र में चल रहे दो दर्जन से अधिक क्रशर
मयापुर के पास डढिय़ा गांव में संचालित करीब आधा दर्जन क्रशरों की डस्ट ने जीना मुहाल कर दिया है। आलम यह है कि कच्चे घरों की छतों में डस्ट की मोटी परत जम गई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां के रहवासियों का हाल क्या होगा। समय-समय पर शिकायतें भी जाती रहती हैं, लेकिन रसूखदारों के कारण कार्रवाई नहीं हो पाती है।

पहाड़ों को कर रहे खोखला
बहरी-मयापुर क्षेत्र में करीब दो दर्जन क्रशर संचालित हो रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मापदंडोंं पर खरे नहीं उतर रहे हैं। ये न तो खनिज विभाग के मापदंड का पालन कर रहे हैं और न ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग के। एनओसी जारी करते समय स्थल निरीक्षण किए बगैर ही सारी कवायद पूरी कर ली जाती है। नियमानुसार बीच-बीच में निरीक्षण भी नहीं किया जाता। लिहाजा बीच से हटकर पत्थरों की खुदाई कर पहाड़ों को खोखला करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

वन एवं राजस्व भूमि से अवैध उत्खनन
मयापुर-बहरी क्षेत्र में चलने वाले ज्यादातर क्रशर संचालक पत्थरों के अवैध उत्खनन में लिप्त हैं। यह कोई हाल का मामला नहीं, बल्कि वर्षों से यह खेल चल रहा है। क्रशर संचालन स्थल के आस-पास का क्षेत्र वनों से आच्छादित है। संचालक कागजी खानापूर्ति में लीज तो लिए हैं, लेकिन उत्खनन वन एवं राजस्व भूमि से कर रहे हैं। सूत्र बतातें है कि ग्राम मयापुर, डढिय़ा, देवरी, पिपरांव, हटवा, गोड़ाही, बहरी, दुअरा, जेठुला, सिहौलिया, पखड़ा, धूतपुरा, नकझर, खुटेली, अमहाडीह सहित आस-पास के अन्य गांव की राजस्व तथा वन भूमि से अवैध उत्खनन का दौर वर्षों से जारी है।

लीज कहीं की, उत्खनन कहीं से
सूत्र बतातें हैं कि बहरी-मयापुर क्षेत्र में चलने वाले क्रशरों की लीज कहीं की है और पत्थरों की खुदाई कहीं और हो रही है। ज्यादातर क्रशरों की लीज ग्राम देवरी, मुर्तिहा, नकझर, दुअरा, लौआ, गोड़ाही गांव में है, क्रशरों का संचालन डढिय़ा, पखड़ा और दुअरा गांव में हो रहा है।

मापदंडों की अनदेखी पर कार्रवाई होती है
जिला खनिज अधिकारीक्यू रहमान ने बताया कि मयापुर अंचल सहित जिले भर में संचालित क्रशरों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। मापदंडों की अनदेखी होने पर कार्रवाई भी की जाती है। क्रशर चलने पर प्रदूषण तो होता है, उसके लिए क्या किया जा सकता है।