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जिले के थानों से सर्वश्रेष्ठ सिपाहियों का होना था चयन, फाइलों में सिमट कर रह गई 'कांस्टेबल ऑफ द वीक योजना, जानें क्या है वजह

Anil Singh Kushwaha

Publish: Sep 22, 2019 18:29 PM | Updated: Sep 22, 2019 18:29 PM

Sidhi

पुलिस थानों के नोटिस बोर्ड पर फोटो के साथ कार्य होने थे चस्पा

सीधी. पुलिस महानिदेशक कार्यालय से थानों में तैनात सिपाहियों की हौसला अफजाई के लिए करीब एक वर्ष पूर्व जारी आदेश फाइलों में दफन होकर रह गए हैं। पुलिस थानों में तैनात सिपाहियों की ड्यूटी के दौरान किए गए बेहतर कार्यों को देखते हुए उन्हें प्रोत्साहन के साथ पुरस्कृत किया जाना था। सप्ताहभर में थाने या वृत्त स्तर पर ऐसे सिपाहियों का चयन करना था जो कांस्टेबल ऑफ द वीक बन सकें। दूसरे सिपाहियों के लिए रोल मॉडल बनकर सामने आने वाले सिपाहियों का चयन इस योजना में होना था।

पुलिस महानिर्देशक ने शुरू की थी योजना
सिपाहियों को कार्य के प्रति मुस्तैद व उनमें हौसला अफजाई के लिए यह योजना गत वर्ष शुरू की गई थी, लेकिन जिस तेजी से योजना को शुरू किया गया उसी तेजी से यह योजना फाइलों में दफन होकर रह गई। डीजीपी से लेकर एसपी व थाना अधिकारी बदलते रह गए, लेकिन किसी ने इस योजना पर गंभीरता नहीं दिखाई। इसी कारण इस योजना का लाभ उत्कृष्ट कार्य करने वाले सिपाहियोंं को नहीं मिल सका। कई सिपाहियों को इस योजना की जानकारी ही नहीं है।

थानों में लगनी थी सूचना
योजना के तहत जिले व वृत्त के थानों में सर्वश्रेष्ठ सिपाहियों का चयन करने के साथ उनकी फोटो व किए गए कार्यों को नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना था, इससे दूसरे सिपाहियों को ऐसे कार्य करने की प्रेरणा मिले। इसमें सिपाहियों को प्रशस्ति पत्र के साथ नकद इनाम भी दिया जाना था।

नहीं दिखाई गंभीरता
जिले में जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय सहित चार वृत्ताधिकारी बैठते हैं। इनके अधीन ग्यारह थाने आते हैं। एक वृत्त के अधीन कम से कम तीन थाने आते हैं। जिनमें करीब पांच सैकड़ा से अधिक आरक्षक कार्यरत हैं। इसके बावजूद सिपाहियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए शुरू कांस्टेबल ऑफ द वीक योजना को लेकर वर्षों से गंभीरता नहीं दिखाई गई है।

सोशल साइट पर होनी थी अपलोड
सिपाहियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए चयनित सिपाहियों का डाटा व उनकी ओर से किए गए कार्यों को पुलिस की वेबसाइट सहित अन्य सोशल साइट पर भी अपलोड की जानी थी, जिससे पुलिस की अलग पहचान बन सके। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटेल ने बताया किसिपाहियों का मनोबल बढ़ाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई थी। कतिपय कारणों से अभी इसका पालन नहीं हो पाया है। शीघ्र ही इसे सभी थानों में विधिवत रूप से लागू कराया जाएगा।