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हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रायोगिक कक्षाएं अनिवार्य रूप से संचालित करें

Manoj Kumar Pandey

Publish: Sep 13, 2019 21:18 PM | Updated: Sep 13, 2019 21:18 PM

Sidhi

कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के दिए निर्देश

सीधी। जिले के समस्त हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में विज्ञान संकाय से संबधित विषय का अध्यापन कराने वाले शिक्षकों (अतिथि शिक्षकों सहित) का उन्मुखीकरण सहकार्यशाला का आयोजन 11 सितंबर को उत्कृष्ट विद्यालय सीधी में किया गया। कार्यशाला में जिले के सभी प्राचार्य एवं रसायन शास्त्र विषय के शिक्षकों का उन्मुखीकरण किया गया। यह कार्यशाला जिले के अकादमिक गुणवत्ता सुधार हेतु एक अनिवार्य और महत्वपूर्ण पहल है। कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने प्राचार्यो एवं शिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रायोगिक कार्य से छात्रों की उपस्थिति बढ़ेगी और छात्रों का शिक्षकों एवं विद्यालय के प्रति रूचि विकसित होगी।
उन्मुखीकरण कार्यक्रम में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा अंजनी त्रिपाठी ने सभी प्राचार्यो को प्रायोगिक कार्य अनिवार्य रूप से कराए जाने के कड़े निर्देश दिए है। संयुक्त संचालक ने यह भी कहा है कि औचक निरीक्षण में यदि किसी विद्यालय में प्रयोगशाला अव्यवस्थित एवं प्रायोगिक कार्य बंद पाया गया तो प्राचार्य एवं संबंधित विषय शिक्षक के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। प्रायोगिक कार्य हेतु विषय विशेषज्ञ के रूप में संजय गांधी कालेज के रसायन शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ.पीके सिंह ने रसायन शास्त्र के शिक्षकों को प्रयोग करके बारीकियों को सिखाया। इसी प्रकार 15 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक शाउत्कृष्ट उमावि सीधी में कक्षा 10 वीं के विज्ञान तथा 11वीं, 1२वीं भौतिक तथा जीव विज्ञान का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी नवल सिंह, सहायक संचालक आरएस द्विवेदी, प्राचार्य उत्कृष्ट एसएन त्रिपाठी, एडीपीसी अशोक तिवारी, एपीसी डॉ.सुजीत मिश्र सहित प्राचार्य एवं रसायन शास्त्र विषय के शिक्षक उपस्थित रहे।