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सीधी में नाटक 'छोहर की रंगारंग प्रस्तुति पर खूब बजी ताली, आदिवासी लोक नृत्य को दर्शकों ने सराहा

Anil Singh Kushwaha

Publish: Aug 18, 2019 18:38 PM | Updated: Aug 18, 2019 18:38 PM

Sidhi

आदिवासी लोक नाट्य कार्यशाला का समापन

सीधी . उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज व इंद्रवती नाट्य समिति का संयुक्त में सव्यसांची आवासीय कन्या हाई स्कूल शिक्षा परिसर सरेठी में आयोजित किए गए 15 दिवसीय आदिवासी लोक नाट्य कार्यशाला का समारोह पूर्वक समापन हुआ। यह कार्यशाला 30 जुलाई से 13 अगस्त तक आदिवासी लोक संस्कृति के संरक्षण संवर्धन हेतु आयोजित की गई थी।

छोहर समाहित भावों को परिलक्षित करता है
कार्यशाला के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि आरडी सिंह, विशिष्ट अतिथि चंद्रपाल सिंह सरपंच सिलवार व कनक द्विवेदी एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र सिंह भदौरिया ने किया। समापन अवसर पर नाटक छोहर की प्रस्तुति प्रशिक्षित बच्चों द्वारा दी गई। प्रस्तुतिपरक नाटक छोहर मूलत: सोहर गीत से लिया गया है, यह गीत बालक के जन्म से मातृत्व के विविध रूप में समाहित भावों को परिलक्षित करता है।

नाटक में बांझ स्त्री के अनसुलझे पहलुओं का किया उत्कृष्ट
प्रस्तुत नाटक मे बांझ स्त्री के अनसुलझे पहलुओं पर मानवीय संवेदना के वृहद स्वरूप को स्त्री द्वारा लकड़ी के शिशु की परिकल्पना को साकार करने के लिए सूर्य देव की आराधना करना फिर वरदान पाना मातृत्व की वेदना, वात्सल्य, उमंग जैसे भावों को प्रगट करते हुए पात्रों द्वारा उत्कृष्ट प्रस्तुति हुई। सोहर राग परंपरा बघेलखंड की अमूर्त कला साहित्य के अनवरत शोध में संलग्न नरेंद्र बहादुर सिंह, लेखन और निर्देशन रोशनी प्रसाद मिश्रा, सहायक निर्देशन रजनीश जायसवाल, संगीत सहायक प्रजीत साकेत व श्याम सुंदर बैगा, जानकी, प्रस्तुति प्रबंधन शिवा कुंदेर, रूप सज्जा करुणा सिंह, मंच सज्जा रुपेश मिश्रा द्वारा किया गया।

आदिवासी नादक ने लोगों का मनमोह लिया
नाटक में संव्यसाची आवासीय आदिवासी कन्या हाईस्कूल शिक्षा परिसर सरेठी की बालिकाओं की उत्कृृष्ट प्रस्तुति से संपन्न नाटक में पात्रो की सहज व सरल भावों की अभिव्यक्ति से लोक विधा व आदिवासी शैली का मनमोहक रूप दिखा। कला, साहित्य, संस्कृति परंपरा के संवाहक लोक कलाओं को विशिष्ट स्थान के संरक्षण संवर्धन में प्रयासरत नीरज कुंदेर के सतत् कार्यों से बघेली कलाओं को वैश्विक मंच की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में आयोजित कार्यक्रम मील का पत्थर है।