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नगरवासियों ने पीसीसी सड़क को बनाया गौ-शाला

Manoj Kumar Pandey

Publish: Sep 08, 2019 20:53 PM | Updated: Sep 08, 2019 20:53 PM

Sidhi

पीसीसी सड़क में बांधे जाते हैं पालतू मवेशी, आधे से अधिक सड़क पर रहता है मवेशियों का कब्जा, मवेशियों के वजह से होते रहते हैं सड़क हादसे, शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नहीं की जा रही कार्रवाई, मामला नगर पंचायत क्षेत्र मझौली का

सीधी/मझौली। नगर परिषद मझौली के विभिन्न वार्डों में आवागवन के लिए बनाई गई पीसीसी सड़कें गौ-शाला में तब्दील होती जा रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा अपने घर के पास बनी पीसी ी सड़कों में अपने पालतू मवेशियों को बांध देने से वहां से निकलने वाले अन्य राहगीरों का आवागवन प्रभावित हो रहा है। कई बार तो रात्रि के समय सड़क में बंधे मवेशियों के कारण सड़क हादसे भी होते रहते हंैं, क्योंकि संकरी सड़कों के करीब आधे भाग में पालतू मवेशियों का कब्जा रहता है, और रात्रि के अंधेरे में मवेशी स्पष्ट नजर न आने से दो पहिया चालक उनसे टकराकर गिर कर घायल हो जाते हैं। इस परेशानी से निजात के लिए स्थानीय लोगों द्वारा कई बार मुख्य नगर पालिका अधिकारी से शिकायत की जा चुकी है, इसके बाद भी न तो मवेशी बांधने वाले अपनी इस हरकत से बाज आ रहे हैं और न ही परिषद द्वारा ही इस ओर कोई ठोस पहल की जा रही है।
इन वार्डों में ज्यादा समस्या-
वैसे तो नगर परिषद के ज्यादातर वार्डों में बनाई गई पीसीसी सड़ेकों में लोगों द्वारा पालतू मवेशियों को बांधा जा रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा समस्या नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 08, 12 व 13 में है। जहां बनी पीसीसी सड़क पर निवासियों द्वारा अपने पालतू जानवरों को दिन व रात में बांध दिया जाता है, जिस कारण वहां से लोगों को वाहन निकालने व पैदल तक चलने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है, वहीं जानवरों का गोबर नजदीक बनी नालियों में फेंक देने से काफी गंदगी व बदबू रहती है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। जिसको लेकर कई बार राहगीरों द्वारा समझाईस देने के बाद भी नहीं मानने पर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को 27 अगस्त को आवेदन देकर समस्या से निजात दिलाने की मांग नगर पंचायत के कुछ लोगों द्वारा की गई, लेकिन आज दिनांक तक परिषद के जिम्मेवारो द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
घट चुकी हैं बड़ी घटनाएं-
लोंगों द्वारा सड़कों के किनारे जानवरों को बांधने पर अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। सड़क पर बांधे गए मवेशी कई बार वहां से निकलने वाले लोगों के लिए जानलेवा बन चुके हैं। जिसका ताजा उदाहरण 7 सितंबर को मोटर साइकल सवार नव युवक हो चुका है जिसकी मौत भैंस से टकराने पर हो चुकी है। इसके बाद भी न तो मवेशी पालक इस ओर ध्यान दे रहें हैं और न ही परिषद के जिम्मेवार इस पर कोई ठोस कदम उठा रहे हैं।
लोगों ने सुनाई समस्या-
..........सड़क में पालतू जानवर बांध देने पर वहां से पैदल निकलना मुश्किल हो जाता है, वहीं सड़क पर ही गोबर फंेक देने से दिन भर गंदगी फैली रहती है। यहां तक की सांस लेने में दिक्कत होती है। इसकी शिकायत 27 अगस्त को मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पास वार्ड के अन्य लोगों द्वारा की गई है, लेकिन आज तक कुछ नही किया गया।
राकेश रजक, निवासी वार्ड नं.-8
........वार्ड नंबर 12 व 13 में निवासरत लोंगों द्वारा सड़कों पर मवेशी बांध दिया जाता है, जिस कारण वहां से निकलने में काफी परेसानी होती है। वहीं उनका गोबर व अन्य कचड़ा वहीं बनी नालियों में डाल देने से पूरा वातावरण दूषित रहता है।
संजीव सिंह, निवासी वार्ड नं.-11
नोटिस जारी कर की जाएगी कार्रवाई-
सड़क पर मवेशी बांधे जाने संबंधी मेरे पास शिकायती आवेदन आया था, मैंने मौके पर जाकर लोगों को समझाईस भी दी है। कुछ लोगों द्वारा घरों के आस-पास पानी भर जाने का हवाला देकर कुछ दिनों का समय मांगा है। पानी निकासी के बाद जल्द ही नोटिस जारी कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।
लालजी सिंह, प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी नप मझौली