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बारिश के अभाव में पिछड़ रही जिले में बोनी

Manoj Kumar Pandey

Publish: Jul 19, 2019 21:21 PM | Updated: Jul 19, 2019 21:21 PM

Sidhi

निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध अब तक ६ प्रतिशत हुई बोनी, खेतों की तैयारी करने के बाद बारिश का दौर थमने से बोनी को लेकर चिंतित दिख रहे जिले के किसान, उमड़ घुमड़ रहे बदरा, लेकिन नहीं हो रही अच्छी बारिश

सीधी। अषाढ़ का महीना बीत चुका है, लेकिन जिले के किसान अभी तक खरीफ फसलों के बोनी की शुरूआत नहीं कर पाए हैं। कारण जिले में अब तक अच्छी बारिश न होना है, किसान अब भी आसमान की तरफ टकटकी लगाएं हैं, लेकिन आसमान में बादल तो नजर आते हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही है, होती भी है तो छिटपुट जो बोनी के अनूकूल नहीं है। जो किसान धान की बेहन डाल चुके हैं, वो रोपा लगाने के लिए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बारिश की स्थिति यह है कि बेहन भी सूखने की कगार पहुंच चुकी है, ऐसे में बोनी पिछड़ती जा रही है। कृषि विषेशज्ञों के अनुसार धान की बोनी के लिए उत्तम समय १५ जून से १५ जुलाई के बीच माना जाता है, इसके बाद यदि बोनी होती है तो वह पिछड़ी बोनी मानी जाती है और इसका उत्पादन पर भी असर पड़ता है, लेकिन अच्छी बारिश न होने के कारण अभी तक जिले में बोनी काफी पिछड़ी हुई है, कृषि विभाग के आंकड़े के अनुसार जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध महज 6 प्रतिशत ही बोनी हो पाई है, जो चिंताजनक मानी जा रही है, जिले मेें अब तक अच्छी बारिश न होना किसान सूखे के संकेत मान रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष के मानसून में अभी एक बार भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है। जबकि प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अब तक अच्छी बरसात हो चुकी है। बरसात के लिए उपयुक्त माने जाने वाले अषाढ़ मास में बारिश का क्रम टूटा हुआ था, कहीं तेज तो कहीं कम बारिश हुई, इस बीच किसानों ने उड़द एवं अरहर की बोनी कर डाली, जो उनके लिए घाटे का सौदा सावित हो सकता है। क्योंकि बीच में बरसात को ब्रेक लगा और बोई गई फसलों का अंकुरण ठीक तरीके ने नहीं हो पाया। बता दें कि विगत वर्षों में बारिश के मौषम के दौरान बारिश के लिए जुलाई माह मेें अच्छी बारिश हो जाती थी, जिसके कारण किसान फसलों की बोनी कर लेते थे, लेकिन इस वर्ष जुलाई का पहला पखवाड़ा भले ही उपयुक्त रहा हो लेकिन मात्र 4-5 दिन ही ऐसे रहे जिसमें कुछ ठीक बारिश हुई, लेकिन बारिश इतनी भी नहीं हुई की किसान धान का रोपा आदि लगा सकें, इतना जरूर रहा है कि इस बारिश के कारण किसान खेतों की तैयारी पूरी कर ली। जिले में पिछले करीब दस दिनों से मानसून ब्रेक होने व तापमान बढऩे के कारण खेती गड़बड़ाने लगी है। अषाढ़ का मास तो बीत गया, अब किसान श्रावण मास में अच्छी बारिश की आस लगाए बैठे हैं।
रोपा के लिए अच्छी बारिश की आवश्यकता-
धान का रोपा लगाने के लिए अच्छी बारिश की आवश्यकता है, लेकिन जिले में पिछले करीब दस दिन से बारिश का दौर थमा हुआ है, किसानों की धान की बेहन तैयार हो चुकी है, और अब किसान रोपा के लिए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अच्छी बारिश न होने के कारण किसानों की धान की बेहन भी सूखने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी एक सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो बोनी पिछड़ जाएगी, साथ ही सूखे के भी हालात निर्मित हो जाएंगे।
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खरीफ फसलों के बोनी की स्थिति-
फसल -लक्ष्य -बोनी की स्थिति
धान -70.50- 2.34
ज्वार -12.00- 4.17
मक्का -10.25- 10.73
कोदो कुटकी -11.50- 10.87
अरहर- 21.80- 7.11
मूंग -6.60- 17.42
उड़द- 7.60- 17.76
तिल -12.60- 5.95
सोयाबीन -2.20-11.36
अन्य तिलहन- 0.65- 15.38
नोट-इकाई रकवा हजार हेक्टेयर में।
बोनी का लक्ष्य-155.70 हजार हेक्टेयर
अब तक बोनी- 6.20 हजार हेक्टेयर
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बारिश की स्थिति-
तहसील -1 जून से अब तक बारिश
रामपुर नैकिन- 138.0
चुरहट -189.1
गोपदबनास -158.6
सिहावल -370.7
बहरी -337.1
मझौली -269.2
कुसमी -274.0
कुल -248.1 मिमी
-जिले की सामान्य औषत वर्षा-1141.5 मिमी