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चुनाव हारने के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर संबोधित किए अजय

Om Prakash Pathak

Publish: Sep 14, 2019 12:42 PM | Updated: Sep 14, 2019 12:42 PM

Sidhi

चुनाव हारने के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर संबोधित किए अजय, लोकसभा चुनाव हार का ब्यक्त किए दर्द, हड़वडो मे किए सभा को संबोधित, काग्रेस भवन मे सदस्यता अभियान का किए शुभारंभ

सीधी। लोकसभा चुनाव हारने के बाद अजय सिंह पहली बार सार्वजनिक मंच पर सामने आए हैं। हड़वड़ो मे आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन मे अजय सिंह ने चुनाव हार का दर्द बया किए। उनके द्वारा कहा गया कि मेरे भाग्य मे नहीं लिखा था कि मैं लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद निर्वाचित हूं, इस लिए चुनाव नहीं जीता। किंतु जनता की सेवा हार के बाद भी मैं करता रहूंगा। हार के बाद स्वाभाविक हैं कि दुख होता है, जिससे उबरने मे समय लगता है अब मैं उस गम से भी उबर चुका हूं। अब सिर्फ जनता, गरीबों की सेवा धर्म का पालन करना ही काम बचा हुआ है, जिसे मैं १९८५ से अनवरत निभा रहा हूं।
संघर्ष ही मेरी किस्मत में-
अजय सिंह ने कहा कि मेरी किस्मत मे ही पूरे राजनीतिक सफर मे संघर्ष ही लिखा है, जिससे मैं कभी पीछे नहीं हटा हूं। १९८५ से संघर्ष शुरू हुआ, १९९३ मे पटवा के खिलाफ चुनाव लड़ा, प्रदेश मे कांग्रेस की सरकार बनी किंतु मैं सरकार से दूर चुनाव हारने के कारण रहा। कुछ समय के लिए १९९८ मे पंचायत मंत्री बनने का अवसर मिला, उसके बाद २००३ से शिवराज मामा के खिलाफ संघर्ष करता रहा, उसके बाद फिर कांग्रेस की सरकार बनी तो मैं विधायक ही नहीं बन पाया, इस तरह पूरा राजनीतिक सफर संघर्ष मे ही बीता।
कांग्रेसियो को दिए नसीहत-
अजय सिंह ने हड़वड़ो मे आयोजित सभा में कांग्रेसियो को नसीहत देने मे भी पीछे नहीं हटे, उनके द्वारा कहा गया कि कांच बंद कर एसी वाहन मे फर्राटे भरने व पानी की गुमटी मे सरबार करने से कांग्रेस मजबूत नहीं होने वाली है। गांव, गरीब के पास जाना होगा, तब वह आप पर विश्वास करेगा, यदि ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो फिर राजनीति छोड़ दें, ऐसे लोग न तो कांग्रेस के हैं और न मेरे।
कार्यकर्ता कोई नहीं सब नेता हैं-
अजय सिंह ने कटाक्ष करते हुआ कहा कि आज कल विडंबना खड़ी हो गई है कि कोई अपने आप को कार्यकर्ता मानने को तैयार ही नहीं है, बल्कि सभी अपने आप को नेता मान बैठे हैं, कोई छोटा नेता तो कोई बड़ा नेता खुद को समझता है। ऐसी स्थिति मे यह कार्यकर्ता सम्मेलन नहीं इसे नेता सम्मेलन नाम देना चाहिए।
काम न करने वालों को पद से हटाया जाए-
प्रदेश महामंत्री महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बहुत से ऐसे पदाधिकारी हैं जो पद लेकर पार्टी का काम नहीं कर रहे हैं, सिर्फ नेता के आने पर महगे वाहनो मे सवार होकर आगे पीछे घूमते हैं, ऐसे लोगो को पद से हटाकर काम करने वाले कार्यकर्ता को पद दिया जाए।
पदेश मे सीधी जिले मे सबसे ज्यादा सदस्य बनाने का आह्वान-
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह व महामंत्री महेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओ से आह्वान करते हुए कहा यह कुंवर अर्जुन सिंह, इंद्रजीत कुमार, कमलेश्वर पटेल का गृह जिला है, जिसके कारण प्रदेश मे अपना नाम रोशन करने के लिए सीधी जिले मे प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा सबसे ज्यादा सदस्य बनाया जाए, उन्होनें यह भी कहा कि इस बार सदस्यता शुल्क अजय सिंह नहीं जमा करेंगे, जिसको जितना फार्म दिया जाए उससे ही शुल्क की वसूली की जाए।