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बारिश बाद बाड़े से आजाद होगी मादा बाघ एसडी-21

Manoj Kumar Pandey

Publish: Jul 19, 2019 21:33 PM | Updated: Jul 19, 2019 21:33 PM

Sidhi

कटनी में मां के साथ रेस्क्यू करने के बाद पकड़ा गया था, बांधवगढ़ से गत नवंबर माह मे लाकर संजय दुबरी टाईगर रिजर्व के बाड़े में किया गया था कैद, गतिविधि पर नजर रखने के लिए लगाई जाएगी कालर आईडी

सीधी। पिछले आठ माह से संजय दुबरी टाईगर रिजर्व के बाड़े में कैद मादा बाघ एसडी-21 को आजाद करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अब यह मादा बाघ संजय टाईगर रिजर्व के स्वच्छंद वातावरण में विचरण करेगी। बारिश के बाद इसको बाड़े से बाहर छोड़े जाने की तैयारी की जा रही है।
बताते चलें कि गत नवंबर माह में एक मादा बाघ अपने दो शावकों के साथ जंगल से निकलकर गांवों की रूख कर लिया था, इस मादा बाघ ने कटनी जिले में दो-तीन लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिसे टाईगर एक्सपर्ट टीम द्वारा रेस्क्यू आपरेशन कर पकड़ा गया था और मादा बाघ सहित दोनो शावकों को पिंजरे में कैद कर बांधवगढ़ा टाईगर रिजर्व लाया गया था। क्योंकि मादा बाघ सहित दोनो शावकों के मुंह मे मानव खूल लग गया था, इसलिए इससे मानव जीवन के लिए खतरनाक माना जा रहा था।
कटनी मे पकड़े जाने के बाद लाया गया था दुबरी अभ्यारण्य-
कटनी से रेस्क्यू आपरेशन कर बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व लाए गए मादा बाघ व उसके दोनो शावकों में से एक शावक जिसे बाद में संजय टाईगर रिजर्व सीधी के अधिकारियों द्वारा एसडी-21 का नाम दिया गया, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय पर संजय दुबरी टाईगर रिजर्व के कंजरा बाड़े मेें कैद करने का निर्णय लिया गया, और गत नवंबर माह में ही इसके विशेषज्ञों की टीम द्वारा कंजरा बाड़े में कैद कर दिया गया।
मानवभक्षी बाघ के रूप में चिन्हित है बाघिन-
जंगल से निकलकर गांव की ओर पलायन करने के दौरान मादा बाघ सहित दोनो शावकों ने मानव शिकार किया था, इनके मुंह में मानव खून लग जाने से टाईगर एक्सपर्ट टीम यह मान रही थी कि यह मानवभक्षी बाघ हो सकती है, इसलिए बाड़े मेें कैद रहने के दौरान इसका लगातार आब्जर्वेशन किया जाए, और बाड़े से छोड़े जाने से इसका व्यवहार परीक्षण किया जाए, व्यवहार में परिवर्तन होने के बाद ही इसे बाड़े से बाहर छोड़ा जाए। संजय टाईगर रिजर्व की टीम द्वारा सात माह तक लगातार बाड़े में कैद मादा बाघ के व्यवहार का परीक्षण किया जाता रहा, और अब इसके व्यवहार में परिवर्तन होने के बाद रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजी गई, जहां से मादा बाघ के कॉलर आईडी लगाने के बाद बाड़े से छोड़ जाने की अनुमति प्रदाय कर दी गई है।
स्थल का चुनाव कर रहे अधिकारी-
तीन वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी इस मादा बाघ को बाड़े से बाहर छोड़े जाने के लिए विभागीय अधिकारी उपयुक्त क्षेत्र का चुनाव कर रहे हैं, ऐसा क्षेत्र ढूंढा जा रहा है जहां गांव की संख्या कम हो, क्योंकि यदि यह मादा बाघ ग्रामीण अंचल में उतर गई तो एक बार फिर मानव जीवन के लिए संकटापन्न सावित हो सकती है। अभी फिलहाल स्थल का चिन्हांकन नहीं किया जा सका है।
बारिश के बाद छोड़े जाने की तैयारी-
मादा बाघ एसडी-21 को बाड़े से बाहर छोड़े जाने की अनुमति मिल चुकी है, बारिश का मौषम उचित नहीं है, इसलिए अभी बाहर नहीं छोड़ा गया है, बारिश के बाद मादा बाघ के पहले कॉलर आईडी लगाई जाएगी इसके बाद ऐसे जंगली क्षेत्र में छोड़ा जाएगा जहां काफी दूर तक गांव न हों। कॉलर आईडी के माध्यम से इसकी गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी।
बिसेंट रहीम
क्षेत्र संचालक, संजय टाईगर रिजर्व सीधी