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जिलाधिकारी ने पहले दिन वजन दिवस की जानी हकीकत, कही ये बात

Abhishek Gupta

Publish: Sep 01, 2019 22:23 PM | Updated: Sep 01, 2019 22:23 PM

Shravasti

प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिले में सितम्बर माह से पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है।

श्रावस्ती. प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिले में सितम्बर माह से पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। पोषण माह के प्रथम दिवस को वजन दिवस एवं लाभार्थियों के यहाँ गृहभ्रमण के रूप में आयोजित किया गया है। जिसका शुभारम्भ जिलाधिकारी ओ0पी0 आर्य ने विकासखण्ड हरिहरपुररानी के अन्तर्गत आगंनबाडी केन्द्र पटना खास से किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि उम्र के हिसाब से बच्चे का वजन कम या ज्यादा है तो उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। सही वजन बच्चों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ कई बीमारियों से भी दूर रखता है। इसलिए उम्र के मुताबिक सही वजन की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। जन्म के समय जिन बच्चों का वजन 2 किलोग्राम से कम रहता है, उन बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसकी वजह से संक्रमण तेजी से फैलता है एवं कई प्रकार के रोगों से बच्चे को खतरा बना रहता है।

सामान्य स्थिति में जन्म के समय ढाई किलोग्राम से लेकर साढ़े तीन किलोग्राम तक के वजन वाले बच्चों को स्वस्थ माना जाता है। डीएम ने आम जनमानस से अपील किया कि हर कोई कम से कम एक कुपोषित बच्चे को कुपोषण से बाहर निकालने में योगदान करें। बच्चों में कुपोषण की व्यापकता छह माह से दो वर्ष के मध्य तेजी से बढ़ती है।

दरअसल छह माह के बाद प्रत्येक बच्चे को सही पोषण के लिये मां के दूध के अलावा पूरक आहार की भी जरूरत होती है। इस अवधि में शिशु को डायरिया और निमोनिया का खतरा अधिक होता है। ऐसे में बच्चा सुपोषित होता है तो उसकी प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है।


आगंनवाडी केन्द्र पटना खास में जिलाधिकारी ने अपने सामने कई बच्चों का वजन कराया। जिलाधिकारी द्वारा अंशिका पुत्री दिनेश आयु 3 वर्ष वजन 11.60 किलोग्राम, प्रतिमा पुत्री साधु आयु 2 वर्ष 9 माह वजन 9.90 किलोग्राम, रचना पुत्री दिनेश आयु 1 माह वजन 2.00 किलोग्राम का वजन किया गया। रचना का वजन अत्यधिक कम होने के कारण जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देष दिया गया कि बच्चे को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराते हुए समुचित इलाज कराया जाये।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने भंगही में आगंनबाडी केन्द्र में बच्चों का वजन अपने समक्ष कराया तथा आगंनबाडी केन्द्र की जर्जर भवन की मरम्मत हेतु प्रस्ताव भेजने हेतु बाल विकास परियोजना अधिकारी, हरिहरपुररानी को निर्देशित भी किया।