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64 करोड़ खर्च के बाद भी युवाओं को नहीं मिल रहा एनपीटीआई का लाभ

Rakesh shukla

Publish: Oct 04, 2019 22:57 PM | Updated: Oct 04, 2019 22:57 PM

Shivpuri

नेशनल पॉवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में दी जाएगी ऊर्जा से संबंधित ट्रेनिंग

 

शिवपुरी. इंजीनियरिंग में दिलचस्पी रखने वाले शिवपुरी के युवाओं को एक साल पूर्व बनकर तैयार हुए एनपीटीआई (नेशनल पॉवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) के शुरू होने का इंतजार है। 64.23 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुए इस कॉलेज में युवाओं को ऊर्जा से संबंधित ट्रेनिंग दी जाएगी । शिवपुरी के युवाओं का भविष्य बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कॉलेज तो अक्टूबर 2018 में बनकर तैयार हो गया, लेकिन इसमें एडमीशन प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई। लोकसभा चुनाव से पूर्व कॉलेज विजिट के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एनपीटीआई के अधिकारियों के बीच मीडिया से चर्चा में कहा था कि जल्द ही एडमीशन शुरू हो जाएंगे, लेकिन प्रक्रिया भी अधर में ही अटकी है।

गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री थे, तब उन्होंने शिवपुरी के लिए एनपीटीआई व एनटीपीसी कॉलेज स्वीकृत करवाए। ग्वालियर रोड पर सतनबाड़ा थाने के पास कॉलेज के लिए जमीन आवंटित की गई और कॉलेज का निर्माण शुरू किया। कॉलेज केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से संबद्ध कॉलेज है, इसलिए काम की गति तेज रही और कॉलेज अक्टूबर 2018 में बनकर तैयार हो गया।

नेशनल पॉवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में 120 बिस्तरीय बॉय हॉस्टल व 20 बिस्तरीय गल्र्स हॉस्टल के अलावा 4 गेस्ट हाउस भी बनाए गए। कॉलेज की यह बिल्डिंग दूर से ही खूबसूरत नजर आती है। 64 करोड़ 23 लाख रुपए की राशि खर्च होने के बाद भी युवाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।

इंस्टीट्यूट में ये कोर्स
नेशनल पॉवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में युवाओं को हाइड्रो, थर्मल, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन से संबंधित डिप्लोमा कोर्स करवाए जाएंगे। बताया जाता है, इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा व कोर्स करने के बाद युवाओं को ऊर्जा के क्षेत्र में जॉब भी मिल जाएगा। लेकिन उनका यह सपना तो तब पूरा होगा, जब कॉलेज शुरू हो।

अभी तक नहीं लिया एनपीटीआई ने हैंडओवर
कॉलेज भवन बने हुए भले ही एक साल हो गया, लेकिन अभी तक एनपीटीआई (नेशनल पॉवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) ने इसे हैंडओवर नहीं लिया। कॉलेज भवन में प्रोफेसर व स्टूडेंट्स की बजाय कंस्ट्रक्शन करने वाली कंपनी के इंजीनियर व कर्मचारी रह रहे हैं। वे भी इस इंतजार में हैं कि एनपीटीआई जितनी जल्दी हैंडओवर ले और वे यहां से रवानगी डालें। इंस्टीट्यूट में एडमिशन प्रक्रिया व स्टाफ की भर्ती ऑनलाइन होनी है।


यह बात सही है कि बिल्डिंग को बने हुए एक साल हो गया है। अगले माह एनपीटीआई इसे हैंडओवर लेने जा रही है। जब वो हैंडओवर करेगी, उसके बाद ही यहां पर स्टाफ व स्टूडेंट्स आएंगे। इस देरी में कहीं न कहीं राजनीतिक कारण भी लग रहा है।
बीके वर्मा, जेई कंस्ट्रक्शन कंपनी एनपीटीआई शिवपुरी

एनपीटीआई शिवपुरी के स्टेट्स की जानकारी मुझे अभी नहीं है। मैं पता करवाता हूं कि आखिर इसके शुरू होने में क्यों देरी हो रही है। वैसे यह केंद्रीय ऊर्जा विभाग से संबंधित है।
प्रियव्रत सिंह, ऊर्जा मंत्री मप्र शासन