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स्कूल वाहन पेड़ से टकराया, पांच बच्चे घायल

Rakesh shukla

Publish: Aug 31, 2019 15:57 PM | Updated: Aug 31, 2019 15:57 PM

Shivpuri

स्टेयरिंग फेल होने से हादसा, शहर में कंडम वाहनों में ढो रहे बच्चे

शिवपुरी. शहर से लगभग 10 किमी दूर करमाजकलां गांव के पास शुक्रवार की सुबह एक तेज रफ्तार स्कूल वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया। हादसे में वाहन में सवार 5 बच्चे घायल हो गए, जिनके सिर में चोट लगी है। घायल बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यह बच्चे वनस्थली स्कूल शिवपुरी में पढ़ते हैं और जब वे वाहन में सवार होकर स्कूल जा रहे थे तो स्टेयरिंग फेल होने की वजह से यह हादसा हो गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों को ढोने के लिए अधिकांश स्कूलों में पुराने कंडम वाहनों को रंगाई-पुताई करके लगा दिया है, जिसके चलते स्कूली बच्चों की जान के लिए यह वाहन खतरा बने हुए हैं।


शुक्रवार की सुबह 7.45 बजे जब वनस्थली स्कूल का मैजिक वाहन करमाजकलां गांव से बच्चों को लेकर स्कूल की ओर आ रहा था, तभी गांव से निकलते ही उसकी स्टेयरिंग फेल हो गई और तेज रफ्तार में वाहन सडक़ किनारे उतरकर एक पेड़ से जा टकराया। वाहन के पेड़ से टकराते ही उसमें सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में वाहन में सवार में नीरज (6 ) पुत्र रामरतन यादव निवासी खोईया, राजा (11) पुत्र रामगोपाल यादव, प्रदीप (9) पुत्र भीम यादव, राजेंद्र (10) पुत्र शंकर यादव, घनश्याम (5) पुत्र वीरेंद्र यादव निवासीगण करमाजकलां घायल हो गए। वाहन हरप्रसाद पुत्र लक्ष्मणलाल ओझा निवासी सेसई सडक़ चला रहा था। हादसे के समय वाहन में 11 बच्चे सवार थे, जबकि नियमानुसार 9 से ज्यादा बच्चों को नहीं बिठा सकते। वाहन के पेड से टकराते ही आसपास के ग्रामीणों ने घायल बच्चों को बाहर निकाला और निजी साधनों से उन्हेंं लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सभी बच्चों के सिर में चोट लगी है। पुलिस ने इस मामले में वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।


बिना भौतिक सत्यापन के बन रहे फिटनेस कार्ड
जिला परिवहन विभाग द्वारा बिना भौतिक सत्यापन किए, सिर्फ मोटी फीस वसूल कर फिटनेस बना दिया जाता है। शिवपुरी शहर के निजी स्कूलों में कई ऐसे वाहन हैं, जो जब शहर के रास्तों से निकलते हैं, तो उनमें से निकलने वाले धुएं से पूरी सडक़ पर अंधेरा सा छा जाता है। लेकिन जब इन वाहनों के कागजात देखो तो सभी के पास फिटनेस सर्टिफिकेट मिलता है। यही वजह है कि स्कूलों में बेरोकटोक कंडम वाहन चलाए जा रहे हैं, जिसमें बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है।


टायमिंग के फेर में रहती है अधिक रफ्तार
स्कूली वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं, लेकिन शिवपुरी में चल रहे अधिकांश स्कूली वाहनों में स्पीड गवर्नर सिर्फ कार्रवाई से बचने के लिए लगाए गए हैं। हर रोज सुबह जब यह स्कूल वाहन बच्चों को लेने जाते हैं, तो उनकी रफ्तार बहुत तेज होती है। बीते वर्ष चेकिंग के दौरान इन वाहनों के स्पीड गर्वनर चेक किए थे, तो सभी वाहन तेज रफ्तार दौड़ते मिले थे।