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शहर की 47 खुदी पड़ी सडक़ों को बनाए बिना ही कर दिया 3.09 करोड़ का भुगतान

Rakesh shukla

Publish: Jul 19, 2019 07:05 AM | Updated: Jul 18, 2019 22:51 PM

Shivpuri

सडक़ बनाने के नाम पर पीएचई ने किया घोटाला

ईई बोले: डाली सडक़ें, नपा उपाध्यक्ष बोले: एक भी नहीं बनाई सडक़, कॉलोनी के लोगों ने दिए शपथ पत्र

शिवपुरी. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) शिवपुरी के कर्ताधर्ताओं ने 3 करोड़ से अधिक राशि का वो भुगतान कर दिया, जो काम शहर में हुआ ही नहीं। यह पूरा खेल कागजों में सडक़ निर्माण करके खेला गया, जबकि वो यह भूल गए कि शहर की जनता इसकी सबसे बड़ी गवाह है, क्योंकि वो अभी तक ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर घर पहुंच पा रही है। शहर की खोदी गईं 47 सडक़ों को कागजों में डब्ल्यूबीएम कर दिया गया, जबकि धरातल पर ऐसा कुछ हुआ ही नहीं। अब जब मामला उजागर हो गया तो पीएचई के ईई यह सफाई दे रहे हैं कि सडक़ तो बनी, लेकिन लोग उसे समझ नहीं पाए। वहीं इसके उलट नगरपालिका उपाध्यक्ष का कहना है कि एक भी सडक़ पीएचई द्वारा सीवर प्रोजेक्ट का काम कर रही कंपनी ने नहीं बनवाई गई।
शिवपुरी शहर के लिए स्वीकृत सीवर प्रोजेक्ट की जब खुदाई की गई, तो यह तय किया गया था कि प्रोजेक्ट का काम कर रही जैन एंड राय कंपनी को सीवर की पाइप लाइन डालने के बाद खोदी गई सडक़ को डब्ल्यूबीएम रोड बनाकर देना होगा। डब्ल्यूबीएम में गिट्टी, मुरम व कंकरीट का मिक्चर मिलाकर उस पर रोड-रोलर चलाना था। शहर में खोदी गईं कॉलोनी-मौहल्लों की सडक़ों को उसी कंपनी द्वारा बनाया जाना था, लेकिन कंपनी ने एक भी सडक़ नहीं बनाई। यह बात पीएचई के जिम्मेदार अधिकारी भी जानते थे, बावजूद इसके उन्होंने जैन एंड राय कंपनी को दो किश्तों में 3 करोड़ 06 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। यह घोटाला तब सामने आया, जब आरटीआई के तहत जानकारी निकलवाई गई।

इन सडक़ों को बनाने के बदले में निकाली राशि
शहर की जिन सडक़ों को कागजों में डब्ल्यूबीएम करके पीएचई ने 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया है, उनमें विवेकानंद कॉलोनी, संजय नगर, महल कॉलोनी, दर्पण कॉलोनी, हरिजन थाना रोड, लक्ष्मीबाई कॉलोनी, एसडीएम स्कूल वाली गली, लुहारपुरा, हनुमान नगर, हनुमान नगर तोमर पब्लिक स्कूल वाली गली, रेलवे स्टेशन रोड, अंबेडकर कॉलोनी, जाधव सागर से नीलगर चौराहा, कालीमाता मंदिर से नीलगर चौराहा, वर्मा कॉलोनी, दर्पण कॉलोनी गली नंबर 2, भूत पुलिया से दो बत्ती रोड, माधव नगर कॉलोनी नंबर-2, स्टेशन रोड, न्यू पुलिस लाइन, कृष्णपुरम कॉलोनी, महावीर कॉलोनी, आरके पुरम, श्रीराम कॉलोनी, विजयपुरम कॉलोनी, हाथीखाना, विजयपुरम नंबर-2, हनुमान नगर नंबर-2, लक्ष्मीबाई कॉलेनी नंबर-2 शामिल हैं। इसके अलावा शहर की फतेहपुर रोड, ओबीसी से जलमंदिख् नवाब साहब रोड, हंस बिडिंग से एबी रोड, कस्टम गेटसे अस्पताल चौराहा, व्हीआईपी पान भंडार, टोलनाका से तिकोनिया पार्क, टोंगरा रोड, सिटी सेंटर, विष्णु मंदिर से आईस फैक्ट्री, राजेश्वरी रोड, लाल कॉलेज से हंस बिल्डिंग, नारियल वालों से गुरुद्वारा चौराहा, अनाज मंडी से वीआईपी रोड, हंस बिल्डिंग से अनाज मंडी, कस्टम गेट से अस्पताल चौराहा नंबर-2 व इमामबाड़ा से बड़ा बाजार, सडक़ें शामिल हैं।

इन दो किश्तों में ऐसे भुगतान
पीएचई ने जैन एंड राय कंपनी को सडक़ें बनाने का पहला भुगतान वर्ष 2014 में एमबी क्रमांक 456 पर 1 करोड़ 97 लाख रुपए का किया गया। उस समय पीएचई के ईई वीके छारी हुआ करते थे।
दूसरा भुगतान 7 अप्रैल 2017 को बिल क्रमांक 25, एमबी बुक क्रमांक 105 के माध्यम से 1 करोड़ 12 लाख रुपए का भुगतान शहर की सडक़ों को बनाए जाने का किया गया।

रोड तो दूर समतलीकरण तक नहीं किया
पीएचई सीवर की खुदाई तो करवाई, लेकिन हमारी कॉलोनी में समतलीकरण तक नहीं किया गया, डब्ल्यूबीएम रोड तो बहुत दूर की बात है। बरसात में हमारा घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। हमारी कॉलोनी में कोई सडक़ नहीं बनाई गई।
शंकरलाल सोनी, दर्पण कॉलोनी

नहीं बनाई कोई सडक़
हमारी कॉलोनी में सीवर लाइन की खुदाई तो की गई, लेकिन उसके बाद वहां पर खोदी गई सडक़ को बराबर तक नहीं किया, डब्ल्यूबीएम सडक़ तो बहुत दूर की बात है। कॉलोनी में कोई सडक़ निर्माण पीएचई ने नहीं करवाया।
केआर शर्मा, विवेकानंद कॉलोनी

खोदने के बाद ऐसे ही छोड़ दी सडक़
हमारी कॉलोनी में पीएचई ने कोई भी सडक़ नहीं बनवाई। खोदने के बाद पाइप लाइन डालकर ऐसे ही छोड़ दिया था, जो हमारे लिए परेशानी का कारण बनती रही।
अनूप जाट, माधव नगर कॉलोनी

पीएचई ने सीवर की खुदाई करने के बाद किसी भी सडक़ का ठीक से भराव तक नहीं कराया, डब्ल्यूबीएम तो बहुत दूर की बात है। यदि सडक़ बनाई होती, तो शहर की जनता इतना परेशान नहीं होती। सडक़ें हमने बनवाई हैं और कुछ सडक़ें जो बरसात में बदहाल हो गईं, वहां पर मुरम डलवा रहे हैं।
अनिल शर्मा, उपाध्यक्ष नपा शिवपुरी

शहर में डब्ल्यूबीएम सडक़ें तो बनाई गईं, लेकिन उसे लोग समझ नहीं पा रहे। हमें पूरी सडक़ नहीं बनानी थी, बल्कि उतनी ही बनानी थी, जितनी खोदी गई थी। सडक़ निर्माण की एमबी आदि भी भरी गई है। सभी काम नियम से किया गया।
एसएल बाथम, ईई पीएचई शिवपुरी