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आठ माह बाद फिर सामने आए पांच फर्जी बीपीएल कार्ड

Rakesh shukla

Publish: Jul 20, 2019 07:00 AM | Updated: Jul 19, 2019 22:06 PM

Shivpuri

फर्जी बीपीएल कार्ड मिले : जांच के बाद एफआईआर के आदेश, न हुआ प्रकरण दर्ज, न गिरफ्तारी

शिवपुरी. सस्ते खाद्यान्न के कूपन न आने से परेशान झांसी तिराहा क्षेत्र की पांच महिलाएं बीपीएल राशन कार्ड लेकर शुक्रवार को नगरपालिका में उपाध्यक्ष के पास आईं। नपा उपाध्यक्ष ने शाखा में जब खाद्यान्न कूपन न मिलने का पता करवाया तो मालूम हुआ कि यह बीपीएल कार्ड भी आठ माह पूर्व बनाए गए सैकड़ों राशन कार्डों की तरह फर्जी हैं। तत्समय फर्जी राशन कार्ड मामले में चार कर्मचारी निलंबित भी किए गए थे। महत्वपूर्णबात यह है कि प्रशासन ने तत्समय जांच के उपरांत चारों कर्मचारियों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ धारा 420 के तहत एफआईआर के आदेश दिए, लेकिन मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया। इतना ही नहीं नपा का बीपीएल शाखा का रिकार्ड भी अभी तक प्रशासन के पास जमा होने से हितग्राही परेशान हो रहे हैं। जब उपाध्यक्ष ने एसडीएम सहित डिप्टी कलेक्टर से जांच के परिणाम के बारे में पूछा, तो वे स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।


झांसी तिराहा निवासी शारदा नामदेव, अनीता ओझा, राजकुमारी, भगवती व रुक्मणी ने नगरपालिका के उन कर्मचारियों से ही बीपीएल कार्ड बनवाए थे, जो इस फर्जीबाड़े में निलंबित हो चुके हैं। कार्ड बनने के कुछ समय बाद चुनाव की आचार संहिता लग गई थी, जिसके चलते महिलाओं ने यह सोचा कि चुनाव बाद उनके सस्ते अनाज के कूपन आ जाएंगे। लेकिन जब महीनों तक कूपन नहीं आए, तो यह महिलाएं आज नगरपालिका उपाध्यक्ष अनिल शर्मा के पास पहुंचीं। महिलाओं ने कहा कि हमें अभी तक खाद्यान्न के कूपन नहीं मिले। उपाध्यक्ष ने जब नगरपालिका के बीपीएल शाखा प्रभारी से उन कार्डों के बारे में पता करने के लिए कहा, कुछ देर बाद कर्मचारी ने जांच के बाद बताया कि यह कार्ड भी उन्हीं कार्डों की तरह फर्जी बनाए गए, जो पूर्व में पकड़े गए थे। जब नगरपालिका में बीपीएल शाखा का रिकार्ड पता करवाया, तो बताया गया कि वो तो अभी प्रशासन के पास जांच के लिए ही रखा है।


रिकार्ड भी जब्त, नहीं बन पा रहे नए कार्ड
नगरपालिका में बीपीएल शाखा का रिकार्ड प्रशासन ने जांच के नाम पर पिछले आठ महीने से अपने पास रखा हुआ है। जिसके चलते शहर के जिन पात्र हितग्राहियों को बीपीएल कार्ड बनवाने हैं, वे भी नपा के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हैं, लेकिन उन्हें एक ही जवाब दिया जाता है कि अभी रिकार्ड जब्त है, इसलिए नहीं बन पाएंगे। ऐसे में नए हितग्राही कार्ड न बनने से परेशान हैं और जिन पात्र हितग्राहियों के पैसे लेकर फर्जी बीपीएल कार्ड बना दिए, उन्हें शासन की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा, क्योंकि उनके कार्ड जांच में फर्जी पाए गए।


सिर्फ सस्पेंड तक हुई कार्रवाई
नपा में फर्जी बीपीएल कार्ड बनाए जाने का मामला जब तूल पकड़ा था, तो आनन-फानन में इस मामले की जांच प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर व एसडीएम को सौंप दी थी। चूंकि नकद पैसा लेकर सैकड़ों की संख्या में नकली बीपीएल कार्ड बना दिए गए थे, इसलिए नपा ने बिना देर किए अपने चार कर्मचारी मोहन शर्मा, नीरज श्रीवास्तव, रामचंद्र तोमर व हन्नाम कुर्रेशी को सस्पेंड कर दिया था। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर नपा के उक्त कर्मचारियों के खिलाफ धारा 420 के तहत एफआईआर के आदेश जारी किए गए। लेकिन उस आदेश का अभी तक पालन नहीं हो सका। जिसके चलते न दोषियों को सजा मिली और न हितग्राहियों को राहत।


आज जब पांच महिलाएं कूपन न मिलने की बात कहने आईं तो हमने उनके कार्ड की जांच करवाई, लेकिन वो भी फर्जी बनाए गए थे। मैंने एसडीएम व डिप्टी कलेक्टर को फोन लगाकर मामले के बारे में पता किया, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। हमारा नपा का रिकार्ड भी वहां जब्त है, जिसके चलते नए कार्ड नहीं बन पा रहे।
अनिल शर्मा, उपाध्यक्ष नपा शिवपुरी