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विकास कार्य न होने से नाराज पार्षद नगर पालिका में धरने पर बैठे

Rakesh shukla

Publish: Oct 03, 2019 23:00 PM | Updated: Oct 03, 2019 23:00 PM

Shivpuri

नपाध्यक्ष बोले: थोड़े दिन रुक जाएं, परिषद बुलाकर करेंगे समस्या का हल
पार्षदों ने कहा: हमारे वार्ड में बदहाल सडक़ के बीच निकलना हो रहा दूभर

शिवपुरी. नगरपालिका परिसर में गुरुवार को शहर के चार पार्षद टैंट लगाकर धरने पर बैठ गए। पार्षदों का आरोप है कि हमारे वार्ड में सडक़ों की हालत बेहद खराब है तथा आमजन का वहां से निकलना दूभर हो रहा है। वार्ड की जनता हमसे सवाल कर रही है और यहां नगरपालिका में हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसलिए मजबूरी में हमें धरने पर बैठना पड़ा। उधर नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह का कहना है कि जब इतने दिन इंतजार किया तो थोड़े दिन और रुक जाएं, परिषद की बैठक करके सभी समस्याओं का निराकरण कर देंगे।
गुरुवार की सुबह लगभग 11 बजे नगरपालिका परिसर में टैंट लगाकर सबसे पहले दो पार्षद संजय परिहार व लालजीत आदिवासी धरने पर बैठ गए। इसके बाद दो अन्य पार्षदों के पति अशोक राठौर व सुधीर आर्य भी उनके साथ अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर धरने में शामिल हो गए। धरने पर बैठे पार्षदों का कहना है कि हमें हर बार आश्वासन देकर टरका दिया जाता है, जबकि हमारे वार्ड की जनता गड्ढे व कीचडय़ुक्त सडक़ों से निकल नहीं पा रही। जनता हमसे पूछती है कि हमने तुम्हे वोट क्या इन परेशानियों को झेलने के लिए दिए थे। उनका यह भी कहना है कि कुछ वार्डों में सडक़ों के काम हो रहे हैं, तो फिर हमारे वार्ड में विकास कार्य क्यों नहीं कराए जा रहे?। साथ ही उनका यह भी कहना है कि नपाध्यक्ष से लेकर सीएमओ व इंजीनियर तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हमारी सुनवाई कोई नहीं कर रहा। जब तक हमारे वार्ड की समस्याओं का निराकरण नहीं होगा, तब तक हम धरना खत्म नहीं करेंगे।

यह भी हैं कारण
नगरपालिका परिषद का कार्यकाल अब खत्म होने में महज दो माह ही शेष रह गए हैं। पार्षदों को अगली पारी भी खेलनी है, लेकिन वे तभी चुनाव लड़ पाएंगे, जब जनता को सुविधाएं देंगे। मड़ीखेड़ा व सीवर प्रोजेक्ट के फेर में पुरानी सडक़ें खोद दी गईं तथा उन्हें बनाया इसलिए नहीं जा रहा, क्योंकि अभी नल कनेक्शन व सीवर के कनेक्शन नहीं हुए। पिछले दिनों परिषद की बैठक होम कनेक्शन के लिए बुलाई गई, लेकिन पार्षद ही दो फाड़ हो गए तो कोई निर्णय ही नहीं हो सका। नपाध्यक्ष यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि कनेक्शन से पहले सडक़ डालेंगे तो फिर उन्हें दुबारा खोदना पड़ेगा। ऐसे में सडक़ निर्माण अधर में लटका है, ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर गिरते-उठते चल रही जनता पार्षद को कोस रही है और पार्षद धरने पर बैठ गए।


कुछ ऐसे बताई पार्षदों ने समस्या

जब से मड़ीखेड़ा की लाइन डाली है, तब से ही सडक़ की हालत बदहाल हो गई है। स्कूल जाने वाले बच्चे तक इन सडक़ों से नहीं निकल पा रहे। लाइट जाते ही लोग सडक़ों पर हुए गड्ढों में गिर रहे हैं। नपा के जिम्मेदारों के घरों तक तो अच्छी सडक़ डली है, इसलिए उन्हें शहर के दूसरे वार्डों की चिंता नहीं है। हमें हर बार आश्वासन ही मिल रहा है, लेकिन अब हमें वार्ड में काम चाहिए।
लालजीत आदिवासी, पार्षद वार्ड 16

मेरे वार्ड में हालत बहुत ज्यादा खराब है, सडक़ के नाम पर दलदल व गड्ढे हो गए, जिसके चलते बच्चों को लोग कंधे पर उठाकर ले जाने को विवश हैं। मैं तो समस्याओं को लेकर पूर्व में भी धरने पर बैठ चुका हूं, लेकिन तब आश्वासन देकर मुझे उठा दिया था। डेढ़ साल से ठेकेदार वर्क ऑर्डर लेकर बैठा है, लेकिन काम नहीं कर रहा। नपा के जिम्मेदार भी सुनवाई नहीं कर रहे।
संजय परिहार, पार्षद वार्ड 13

हमारे वार्ड में पानी व सडक़ की विकराल समस्या है और जनता हमसे सवाल कर रही है। क्योंकि जनता ने हमें वोट इसलिए दिए, ताकि हम उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। अब हम जनता को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। सडक़ों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिसमें मुरम तक नहीं डलवाई गई। वर्क ऑर्डर लेने के बाद भी ठेकेदार काम नहीं कर रहे, इंजीनियर से कहो तो वो कहते हैं कि हमारा ट्रांसफर करवा दो।
अशोक राठौर, पार्षद पति वार्ड 18