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अवैध रूप से संचालित ईंट भट्टे कर रहे पर्यावरण को दूषित

Rakesh shukla

Publish: Oct 08, 2019 23:04 PM | Updated: Oct 08, 2019 23:04 PM

Shivpuri

करैरा क्षेत्र में कई स्थानों पर धड़ल्ले से संचालित हैं अवैध ईंट भट्टे

 

शिवपुरी/करैरा. जिले के करैरा अनुविभाग अंतर्गत कई स्थानों पर अवैध रूप से ईंट भट्टों का व्यवसाय किया जा रहा है। यह भट्टे न केवल पर्यावरण प्रदूषित कर रहे है, बल्कि इससे मिट्टी का अवैध उत्खनन भी हो रहा है।जहां भट्टे हैं वहां आसपास रहने वाले लोग भी धुआं निकलने के कारण काफी परेशान होते हैं। इधर जिम्मेदार इस तरफ कोई ध्यान नही देते और लगातार इन ईंट भट्टों की संख्या बढ़ती जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक इन अवैध ईंट भट्टों का संचालन करन वाले लोगो ने करैरा के कुम्हारपुरा, खेराघाट क्षेत्र में वन भूमि, गणेश घाट मुक्तिधाम, राजस्व भूमि सहित महुअर नदी के नाले किनारे स्थित मिट्टी की खदानों में मशीनों से इस कदर खुदाई कर दी गई है कि जगह-जगह गहरी खाईयां साफ दिखाई दे रही हैं। करैरा की महुअर नदी किनारे मशीनें लगाकर खुदाई करने से नदी के तटों का अस्तित्व समाप्त हो गया है। खेराघाट, बघेदरी, ईद घाट पर भी बहुत बुरी हालत हैं। यहां जानना जरूरी होगा कि भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 के तहत अवैध रूप से ईंट भट्टे लगाना गंभीर अपराध है तथा भू.राजस्व संहिता का भी उल्लंघन है।

ईट.भट्टा संचालन के लिए यह हैं जरूरी शर्तें
- ईट भट्टा लगाने के लिए स्थान नगरीय क्षेत्र तथा ग्रामीण बस्ती से दूर होना चाहिए।
-पर्यावरण विभाग की मंजूरी होना आवश्यक है।
-मिट्टी उत्खनन के लिए खनिज, राजस्व तथा वन विभाग की स्वीकृति लेना पड़ती है।


अगर कोई भी लिखित रूप से शिकायत करे तो हम जरूर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो3 में लगे ईंट भट्टा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। क्षेत्र में जो भी ईंट भट्टे संचालित हैं यदि उन्होंने वन, राजस्व तथा खनिज विभाग से अनुमति नहीं ली है तो नियम विरुद्ध है। इनकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
एके बाजपेयी, एसडीएम करैरा