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विज्ञप्ति जारी किए बिना कर दी ऑपरेटरों की नियुक्ति

Rakesh shukla

Publish: Oct 01, 2019 23:04 PM | Updated: Oct 01, 2019 23:04 PM

Shivpuri

बाहर ही बाहर कुटेशन मंगाकर कर जिलेभर में की 88 संविदा डाटा एंट्री की पोस्टिंग

 

शिवपुरी. शिक्षा विभाग में हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में जैम पोर्टल के माध्यम से संविदा आधार पर डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्तियां की जानी थीं, परंतु महकमे ने जैम पोर्टल पर रिक्वेस्ट डाले बिना ही बाला-बाला ऐशकॉम मीडिया इंडिया प्रायवेट लिमिटेड से सांठगांठ कर जिले भर में संविदा आधार पर डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की नियुक्तियां कर दीं।


उल्लेखनीय है कि डीपीआई ने वर्ष 2012 के बाद उन्नत हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में जैम पोर्टल के माध्यम से संविदा आधार पर डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति करने के आदेश जारी किए थे। इन आदेशों के पालन में बीईओ को जैम पोर्टल पर इस नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी कर आउट सोर्स के आधार पर डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रदान करने वाली कंपनियों के कुटेशन मंगवाने थे। इसके बाद ऑपरेटर्स की नियुक्ति पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए किया जाना था। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बीईओ को अधिकार दिए गए थे। शिवपुरी में किसी भी बीईओ ने जैम पोर्टल पर न तो नियुक्ति के संदर्भ में विज्ञप्ति जारी की और न ही पोर्टल पर कुटेशन आए। चूंकि भर्ती की जानी थी तो भोपाल की कंपनी ऐशकॉम मीडिया इंडिया प्रायवेट लिमिटेड से गुपचुप में कुटेशन मंगवा कर उसे स्कूलों में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति करने के अधिकार प्रदान कर दिए। इसी क्रम में इस कंपनी के कर्ताधर्ता लखन शर्मा शिवपुरी आए और एक होटल में बैठ कर अगस्त 2019 में 88 डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति कर दी।


बिना प्रैक्टिकल 88 ऑपरेटरों की भर्ती
विभाग के विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि शिवपुरी जिले के सभी ब्लॉक में इस तरह से नियम विरूद्ध तरीके से जिन 88 डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति की गई है, उनकी नियुक्ति से पहले उनका न तो कोई प्रेक्टिकल लिया गया और न ही उनसे काम करवा कर देखा गया। सूत्रों के अनुसार कई ऑपरेटर तो ऐसे हैं जो उस काम को कर ही नहीं पा रहे हैं, जिसके लिए उनकी नियुक्ति की गई।
डीईओ ने निरस्ती के दिए थे आदेश
यहां बताना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी ने इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को नियम विरूद्ध मानते हुए सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भी जारी किया था। उन्होंने इस संबंध में सभी को आदेशित किया था कि इन सभी ऑपरेटरों की नियुक्ति को निरस्त किया जाए। इसके बाबजूद हालात यह हैं कि सभी ब्लॉकों में ऑपरेटर काम कर रहे हैं और उन्हें वेतन भी दिया जा रहा है। इससे शासन को लाखों रुपए महीने का नुकसान हो रहा है।


न लाइट, न कम्प्यूटर, बिना काम भुगतान
खास बात यह है कि जिन स्कूलों में इन डाटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती की गई है, उन स्कूलों में न तो लाइट है और न ही कम्प्यूटर है। ऐसे में इन नियुक्तियों का कोई औचित्य ही नहीं है। विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि बिना किसी काम के विभाग द्वारा भुगतान किया जा रहा है।

कंपनी के कर्ताधर्ता ने काटी कन्नी
इस पूरे मामले में जब शिवपुरी में डाटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती करने आए, कंपनी के कर्ताधर्ता लखन शर्मा को फोन लगाया गया तो, उन्होंने कहा कि नियुक्ति पूरी तरह सही है, उन्होंने अपने पूरे डॉक्यूमेंट लगाए हैं। उनसे जब जैम पोर्टल पर ऑन लाइन विज्ञप्ति और कुटेशन के संंबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि नया बीईओ आता है तो अपना नया कानून बताता है। लखन शर्मा से जब पूछा गया कि उन्होंने जिले में कितने ऑपरेटर्स की नियुक्ति की है तो वह यह नहीं बता पाए। उन्होंने आधा घंटे बाद फोन पर जानकारी देने की बात कही, लेकिन बाद में उन्हें कई फोन लगाए गए, उन्होंने फोन ही नहीं उठाए।


यहां अधिकतर ऑपरेटर काम कर रहे हैं, कुछ जगहों पर जहां कम्प्यूटर और बिजली नहीं हैं वहां पर ऑपरेटर बाजार से काम करवा कर ला रहे हैं।
मोती लाल परिहार, बीईओ पोहरी