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दूषित पानी पीकर सीहोरा गांव में 60 लोग बीमार

Rakesh shukla

Publish: Aug 29, 2019 06:00 AM | Updated: Aug 28, 2019 22:53 PM

Shivpuri

खेतों में डाली कीटनाशक दवा बारिश में बहकर पहुंची कुआं-बावड़ी में
आदिवासियों के बनाए 5 रुपए लेकर पर्चे, डॉक्टर नहीं आया तो प्राइवेट में करा रहे इलाज

शिवपुरी/बदरवास. जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रामपुरी के ग्राम सीहोरा में रहने वाले लगभग 40 बच्चे व 20 वयस्क दूषित पानी से बीमार हो गए। एक दर्जन बच्चों को लेकर उनके परिजन बुधवार को बदरवास अस्पताल पहुंचे तो वहां पर नियमविरुद्ध आदिवासी होने के बावजूद 5 रुपए लेकर पर्चा बनाया गया। इसके बाद वहां डॉक्टर न मिलने के कारण यह आदिवासी अपने बीमार बच्चों को लेकर प्राइवेट झोलाछाप डॉक्टरों ंके पास इलाज कराने चले गए। बताया जाता है कि खेतों में छिडक़ी गई कीटनाशक दवा बारिश के पानी के साथ बहकर कुओं व बावड़ी में आ गई, जिसे पीने के बाद गांव के लोग बीमार हो गए।
सात सौ की आबादी वाले सीहोरा गांव में पिछले तीन दिन से पेट दर्द, बुखार व उल्टी-दस्त ने ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले लिया है। पहले तो ग्रामीण अपने स्तर पर उपचार करवाते रहे, लेकिन जब स्थिति अधिक बिगडऩे लगी तो बुधवार को एक दर्जन बच्चों को लेकर उनके परिजन बदरवास अस्पताल आ गए। चूंकि यह सभी आदिवासी परिवार हैं तथा शासन के नियम हैं कि आदिवासियों से अस्पताल में लगने वाली पर्चे की फीस न ली जाए, बावजूद इसके अस्पताल में 5 रुपए लेकर उनका पर्चा बनाया गया। पर्चा बनवाने के बाद यह बच्चे अस्पताल के अंदर फर्श पर लाइन लगाकर बैठे थे, कि शायद उन्हें देखने व इलाज करने कोई आएगा, लेकिन जब काफी देर तक डॉक्टर नहीं आया तो यह आदिवासी अपने बीमार बच्चों को लेकर प्राइवेट डॉक्टरों के पास चले गए।

यह बोले बच्चों के परिजन
हमारे बच्चे को बुखार सर्दी के बाद अचानक उसकी हालत बिगडऩे लगी तो हम यहां पर उसका इलाज कराने आए हैं। लेकिन यहां पर तो हमारे बच्चों को देखने के लिए कोई डॉक्टर ही नहीं है। हम सुबह से डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब कोई नहीं आया प्राइवेट इलाज कराया।
गायत्री बाई, रहवासी ग्राम सीहोरा
हमारे गांव के एक दर्जन से अधिक बच्चे तो अस्पताल आ गए तथा इससे अधिक गांव में बीमार हैं। लगभग 20 तो बड़े लोग भी बीमार हैं। यहां पर इलाज कराने के लिए आए हैं और हमसे 5-5 रुपए पर्चा बनवाने के बदले में ले लिए, लेकिन इलाज करने के लिए वहां डॉक्टर मौजूद नहीं था।
पवन, ग्राम सीहोरा

पता करते हैं किसने बनाया पैसे लेकर पर्चा
आज मैं मीटिंग में शिवपुरी आ गया हूं। पर्चा किसने बनाया, इस बारे में पता करवाता हूं। हम प्रयास करते हैं कि जल्दी से जल्दी बच्चों को उपचार मिल सके।
डॉ.सुधीर कश्यप, बीएमओ बदरवास