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Shamli: अनजान मुस्लिम युवती को खून देकर सिपाही ने बचाई उसकी जान

sharad asthana

Publish: Sep 20, 2019 12:41 PM | Updated: Sep 20, 2019 16:47 PM

Shamli

Highlights

  • बुखार की वजह से कई दिन से अस्‍पताल में भर्ती है युवती
  • अस्‍पताल में मांगा गया था तीन यूनिट बी पॉजिटिव ग्रुप का ब्‍लड
  • व्‍यापारी ने मदद के लिए Whatsapp ग्रुप का लिया सहारा

शामली। उत्‍तर प्रदेश पुलिस की आजकल कई अच्‍छी खबरें भी आती है, जिससे जनता के बीच उनकी छवि बदल रही है। ताजा मामला उत्‍तर प्रदेश के शामली (Shamli) में सामने आया। यहां सोशल मीडिया पर एक मैसेज देखकर सिपाही (UP Police Constable) और व्‍यापारी एक अनजान मुस्लिम युवती की जान बचाने पहुंच गए।

Whatsapp Group पर डाला मैसेज

दरअसल, व्‍हाट्सऐप (Whatsapp) ग्रुप पर एक युवती की जान खतरे में बताकर ब्‍लड डोनेट करने की अपील की गई थी। इस मैसेज को देखकर सिपाही और व्‍यापारी ने अस्‍पताल में ब्‍लड देकर उसकी जान बचाई। अनीस हाजीपुरा मोहल्‍ले में रहते हैं। उनक 20 साल की बेटी निशा सैफी कई दिन से बीमार थी। उसको बुखार आ रहा था। उसको अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उसको तीन यूनिट बी पॉजिटिव ग्रुप की आवश्‍यकता बताई गई।

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कैराना एसडीएम के यहां तैनात हैं सिपाही संदीप

इसकी जानकारी जैसे ही व्‍यापाी आबिद सैफी को मिली तो उन्‍होंने व्‍हाट्स ऐप ग्रुप का सहारा लिया। उन्‍होंने ग्रुप पर एक मैसेज डालकर लोगों से ब्‍लड डोनेशन की अपील की। जब यह मैसेज सिपाही संदीप कुमार ने पढ़ा तो वह मदद के लिए आगे आए। संदीप कुमार कैराना एसडीएम के य हां तैनात हैं। सिपाही संदीप कुमार और व्‍यापारी आबिद सैफी ने ब्‍लड देकर युवती की जान बचा ई। एक यूनिट ब्‍लड अनीस के रिश्‍तेदार ने दिया। सोशल मीड‍िया पर सिपाही और व्‍यापारी की जमकर तारीफ हो रही है।

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