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Shamli: Triple Talaq के बाद बर्बाद हो गई खुशनसीब- देखें Video

sharad asthana

Publish: Dec 09, 2019 15:56 PM | Updated: Dec 09, 2019 15:57 PM

Shamli

Highlights

  • Kairana कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अफगान में रहती हैं खुशनसीब
  • करीब चार साल पहले पड़ोस के ही इसरार के साथ हुआ था निकाह
  • Triple Talaq का मामला दर्ज होने के बाद भी नहीं हुई आरोपी की गिरफ्तारी

शामली। उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शामली (Shamli) निवासी खुशनसीब की जिंदगी तीन तलाक (Triple Talaq) के बाद बदल गई। कैराना (Kairana) कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अफगान (Afghan) में रहने वाली पीड़ि‍ता अब अपने दो बच्‍चों के साथ मायके में जीवन गुजार रही है। गरीबी में बच्‍चों को अच्‍छे स्‍कूलों में नहीं पढ़ा पाने की टीस उसके चेहरे पर साफ देखी जा सकती है।

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पति पर 2 लाख रुपये मांगने का आरोप

खुशनसीब का निकाह करीब चार साल पहले पड़ोस के ही इसरार के साथ हुआ था। इसके बाद पीड़िता के दो बच्चे हुए। परिवार में सब कुछ हंसी-खुशी चल रहा था, लेकिन अचानक उसके पति ने उससे दो लाख रुपए की मांग करनी शुरू कर दी। इसको लेकर पति और पत्‍नी में मनमुटाव शुरू हो गया। बात बढ़ने पर खुशनसीब अपने मायके चली गई। फिर समाज के गणमान्‍य लोगों ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। इस पर पत्नी फिर अपने ससुराल में जाकर रहने लगी।

पत्‍नी के साथ की मारपीट

आरोप है कि कुछ दिन बाद इसरार ने फिर से अपनी पत्नी खुशनसीब के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। खुशनसीब ने इसरार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, जो इस समय कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बाद एक दिन पति ने उसको तीन तलाक बोल दिया। इसको लेकर खुशनसीब में फिर से पुलिस का दरवाजा खटखटाया। उसने इसरार के खिलाफ कैराना कोतवाली में तीन तलाक का केस दर्ज कराया। आरोप है कि मामला दर्ज होने के बाद अभी तक इसरार की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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माता-पिता के सहारे पाल रही हैं बच्‍चों को

तीन तलाक पीड़िता खुशनसीब ने कहा कि अब उसकी दुनिया पूरी तरह बदल चुकी है। पहले परिवार में हंसी-खुशी का मौहैल था लेकन अब जिंदगी गमजदां हो गई है। जिंदगी बहुत समस्‍याओं में गुजर रही है। अब वह न तो रिश्तेदारी में होने वाली विवाह-शादियों में शरीक हो पाती हैं और ना ही उस तरह की अब खुशियां उसके जीवन में रही हैं। वह अब अपने माता-पिता के सहारे अपने बच्चों का भरण पोषण कर रही हैं। बच्‍चों के अच्‍छे स्‍कूल में पढ़ाने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं।

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