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CAB के विरोध में जुमे की नमाज के बाद कैराना की सड़कों पर उतरे मुस्लिम, देखें Video

lokesh verma

Publish: Dec 13, 2019 17:21 PM | Updated: Dec 13, 2019 17:21 PM

Shamli

Highlights

- जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेतृत्व में किया विरोध प्रदर्शन

- कोतवाली प्रभारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा

- कहा- नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 प्रत्यक्ष सांप्रदायिकता से प्रेरित

शामली. कैराना (Kairana) में मुस्लिमों ने जुमे की नमाज के बाद नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) को लेकर के विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiat Ulema-e-Hind) के नेतृत्व में एकत्रित होकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) के नाम कोतवाली प्रभारी को एक ज्ञापन भी सौंपा।

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बता दें कि शामली (Shamli) के कैराना में स्थित जामा मस्जिद (Jama Masjid) में शुक्रवार को पहले नमाज अदा की गई। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में एकत्रित मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के बैनर तले मस्जिद के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मुस्लिमों का कहना है कि लोकसभा में राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास किया गया है, जो मुस्लिमों के खिलाफ है। जमीयत के नायब सदर मौलाना ताहिर ने कहा कि इस बिल को लेकर के हमारे देश के राष्ट्रपति को ध्यान देना चाहिए। लोकसभा में पारित हुए नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 प्रत्यक्ष सांप्रदायिकता से प्रेरित हैं। हम इस कानून की निंदा करते हैं। क्योंकि यह विधेयक भारत की नागरिकता के लिए धर्म को कानूनी आधार बनाता है।

उन्होंन कहा कि बिल का उद्देश्य 3 पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले उत्पीड़ित अल्पसंख्यक शरणार्थियों को नागरिकता देना बताया गया, लेकिन यह विधेयक धर्म के आधार पर उनमें भेदभाव करता है। इससे धर्म के आधार पर नागरिकता को विभाजित करने की मंशा स्पष्ट प्रतीत होती है। इस तरह यह बिल देश के बहुलवादी ताने-बाने का उल्लंघन करता है। उन्होंने कहा कि हम भारत के माननीय उच्च न्यायालय से भी अपील करते हैं कि वह निंदनीय कानून का स्वयं संज्ञान लें। उन्होंने कहा कि नहीं तो नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के लागू हो जाने से संविधान की मूल संरचना नष्ट हो जाएगी।

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