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बारिश से तरबतर हुआ जिला, मानसून फिर हुआ मेहरबान

Brijesh Chandra Sirmour

Publish: Aug 21, 2019 07:10 AM | Updated: Aug 20, 2019 21:24 PM

Shahdol

नहीं हुए सूर्यदेव के दर्शन, 24 घंटे में हो गई 188 मिलीमीटर बारिश

शहडोल. पिछले दो दिनों से जिले में एक बार फिर मानसून फिर मेहरबान हुआ है। खेतों में पानी एकत्र हो गया है और ग्रामीण और शहरी क्षेत्र बारिश के पानी से तरबतर हो गए हैं। जहां एक ओर एक दिन पहले सोमवार को जिले की ब्यौहारी तहसील में 103 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को जिले की सभी तहसील क्षेत्रों में कुल 188 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जिले में बारिश का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। हालात यह रहे कि सुबह से शाम तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और लोगों ने दिन भर बारिश का लुत्फ उठाया। जानकारों के अनुसार जिले में जिस प्रकार से बारिश हुई है, वह खरीफ फसल के लिए बहुत ही लाभकारी है, क्योंकि इस बारिश का पानी बहा नहीं है अपितु जमीन के भीतर समाया है। जो खेती-किसानी में काफी लाभप्रद है और क्षेत्र का जल स्तर भी सुधरेगा। बताया गया है कि बारिश का यह सिलसिला आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।
गत वर्ष से 148 मिमी पीछे है इस सीजन की औसत बारिश
जिले में बारिश के आंकड़ों पर यदि नजर दौड़ाई जाए तो इस सीजन की औसत बारिश पिछले वर्ष की औसत बारिश से 148 मिलीमीटर पीछे है। इस सीजन में अब तक जिले में 549.7 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज हुई है, जबकि गत वर्ष एक जून से 20 अगस्त तक 697.7 मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी थी। गत वर्ष सर्वाधिक 829 मिलीमीटर बारिश जैतपुर तहसील क्षेत्र में थी, जबकि इस वर्ष सर्वाधिक 725 मिलीमीटर बारिश ब्यौहारी तहसील क्षेत्र में हुई है।
हर घंटे बढ़ रहा है बाणसागर डेम का पानी
जिले के सबसे बड़े बाणसागर डेम में पिछले दस दिनों से जल का स्तर बढ़ रहा है। दस दिन पहले 11 अगस्त को डेम में जल का भराव 336.18 मीटर था, जो वर्तमान में 20 अगस्त को शाम चार बजे तक 337.55 मीटर हो गया है। यानि डेम के भराव की कुल क्षमता 341.64 से करीब तीन मीटर पानी का भराव अभी कम है। बताया गया है कि जब डेम में 341.64 मीटर पानी का भराव हो जाता है, तब डेम के गेट खोलने की नौबत आती है।
बाणसागर डेम ऐसे हुआ पानी का भराव
दिनांक जल का भराव
11अगस्त 336.18
12अगस्त 336.21
13अगस्त 336.21
14अगस्त 336.30
15अगस्त 336.48
16अगस्त 336.98
17अगस्त 337.19
18अगस्त 337.29
19अगस्त 337.36
20अगस्त 337.45
खरीफ फसलों के लिए काफी फायदेमंद है बारिश
वर्तमान में जिस तरह से बारिश का दौर चल रहा है। वह खरीफ फसल के लिए काफी फायदेमंद है। धान के रोपा के लिए इसी प्रकार की बारिश की आवश्यकता है। इस बारिश का पानी बहा नहीं है, अपितु जमीन के अंदर गया है। जिससे खेतों की जमीन काफी हद तक गीली हो गई है और कृषकों को रोपा लगाने में यह काफी मददगार है। यह बारिश धान की फसल के अलावा मक्का, सोयाबीन व तिलहन फसलों यानि अरहर, तिल, उड़द और मूंग के लिए भी काफी लाभकारी बताई गई है।
फसलों में कम होगी रोग व्याधियां
जानकारों के अनुसार वर्तमान बारिश खरीफ फसलों को रोग व्याधियों से भी बचाएगी, क्योंकि वातावरण में यदि नमी होती है तो बारिश का होना अत्यन्त आवश्यक होता है। यदि नमी में बारिश नहीं होती तो फसलों में कीट व्याधियां बढ़ जाती है। इस बारिश से तिलहन फसलों को सफेद मख्खी के प्रकोप से बचाव होगा और सफेद मोजेक रोग भी नही फैलेगा। इसके अलावा तापमान में गिरावट आने से लोगो को गरमी की उमस से भी राहत मिली है।
फसलों की सतत निगरानी करे कृषक
जिन किसानों ने आठ-दस दिन पहले धान का रोपा लगा दिया है, उनके लिए अब नत्रजन उर्वरक के देने का समय आ गया है। वह धान की फसल को संतुलित पोषण देने की व्यवस्था करें और खेतों में खर पतवार का नियंत्रण करें। इसके अलावा दलहनी फसलों की सतत निगरानी करते रहे और यदि कीट व्याधि या अन्य किसी भी प्रकार के फसल नुकसान के लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल समीपी कृषि विज्ञान केन्द्र में सम्पर्क कर लक्षण बताकर फसल सुरक्षा के उपाय करें।
डॉ. पीएन त्रिपाठी, मृदा वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, शहडोल