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जिला चिकित्सालय में 12 घंटे में छह बच्चों की मौत, कटघरे में स्वास्थ्य व्यवस्था, स्वास्थ्य मंत्री व संभागायुक्त ने दिए जांच के निर्देश

Shubham Singh

Publish: Jan 14, 2020 21:19 PM | Updated: Jan 14, 2020 21:19 PM

Shahdol

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने सीएमएचओ व सीएस से पूछा कैसे हुई बच्चों की मौत

शहडोल. जिला चिकित्सालय में 12 घंटे के अंदर छह बच्चों की मौत की घटना के बाद हडकंप मचा हुआ है। जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में भर्ती दो बच्चे, पीआईसीयू में इलाजरत दो बच्चे व बच्चा वार्ड में भर्ती दो बच्चों की मौत हो गई है। इस घटना ने जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को कटघरे पर खड़ा कर दिया है। बच्चों की मौत को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों के साथ ही एक दिवसीय प्रवास पर शहडोल पहुंचे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल जिला चिकित्सालय पहुंच गए। जहां उन्होने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की बात कही है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को हिदायत दी है ऐसी कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए जिससे कि अस्पताल आने वाले मरीज बिना इलाज के वापस लौटे या फिर शासन की योजनाओं से वंचित रहे।


दो बच्चों की एसएनसीयू में मौत
चैतकुमारी पति बालक दास का प्रसव 30 दिसम्बर को बिरुहली में हुआ था। जहां बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। जिसके चलते उसी दिन उसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। भर्ती के दौरान बच्चे को सांस लेने के साथ ही संक्रमण भी था। एसएनसीयू में उपचार के दौरान ही 13 जनवरी की रात्रि 10.50 बजे बच्चे की मौत हो गई। वहीं फूलमति पति लाल सिंह का प्रसव 7 जनवरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जयसिंहनगर में हुआ था। कम समय में बच्चा हुआ था जिस वजह से उसका वजन महज 1 किलो 10 ग्राम था। उसे जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। बच्चे का वजन कम होने के साथ ही पीलिया भी था। उपचार के दौरान 14 जनवरी की सुबह 7.50 बजे उसकी मौत हो गई।


पीआईसीयू में थे भर्ती
सूरज पिता संतलाल बैगा निवासी पडमनिया कला उपचार के लिए 14 जनवरी को सुबह 4 बजे जिला अस्पताल लाया गया था। बच्चे को सांस लेने में मुश्किल हो रही थी। बच्चे को निमोनिया हो गया था। उपचार के दौरान 14 जनवरी को सुबह 5.45 बजे उसकी मौत हो गई। वहीं श्यामनारायण पिता नर्मदा कोल निवासी अमिलिहा जिला अनूपपुर को 13 जनवरी को पीआईसीयू वार्ड में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। जिसे वेङ्क्षटलेटर पर रखकर उपचार किया जा रहा था। इसी दौरान उसकी भी मौत हो गई।


इलाज के दौरान दो की मौत
हर्राटोला सोहागपुर निवासी सुभाष पिता झम्मू बैगा निमोनिया से ग्रसित था। जिसे 13 जनवरी को बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया था। जहां 14 जनवरी को उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार अंजलि पिता मझलू बैगा निवासी कोटमा सोहागपुर को भी 13 जनवरी को बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया था। उसकी भी14 जनवरी की सुबह मौत हो गई।


मंत्री ने लगाई फटकार, कहा प्रतिदिन करें निरीक्षण
छह बच्चों की मौत की सूचना पर जिला चिकित्सालय पहुंचे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने एसएनसीयु के साथ ही अन्य वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान जगह-जगह गंदगी देख प्रबंधन को फटकार लगाते हुए समुचित सफाई व्यवस्था के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होने अस्पताल प्रबंधन से बच्चो की मौत का कारण पूछा और संभागायुक्त को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होने अस्पताल प्रबंधन को कहा है कि वह प्रतिदिन राउण्ड करें व अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करें। अस्पताल से कोई भी मरीज लौटना नहीं चाहिए। सभी को शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिले।
कमिश्नर ने मांगी रिपोर्ट
संभागायुक्त आर बी प्रजापति घटना की सूचना पर जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां उन्होने वस्तुस्थिति जाना। इसके बाद बच्चों के भर्ती होने से लेकर इलाज सहित उनकी बच्चों की मौत के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन से मांगी है।


स्वास्थ मंत्री ने दिए जांच के निर्देश
जिला चिकित्सालय में छह बच्चों की मौत के मामले को स्वास्थ मंत्री ने गंभीरता से लिया है। बच्चों की मौत कैसे हुई, किसकी लापरवाही से हुई इस संबंध में विधिवत जांच के निर्देश स्वास्थ मंत्री द्वारा दिए गए हैं।


बाल कल्याण समिति ने लिया संज्ञान
बच्चों की मौत के मामले को बाल कल्याण समिति ने भी संज्ञान में लिया है। घटना की सूचना पर बाल कल्याण समिति सदस्य राखी शर्मा व विनोद तिवारी जिला चिकित्सालय पहुंचे। जहां उन्होने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश पाण्डेय से बच्चों की मौत के कारणों को लेकर सवाल जवाब किया। सदस्य राखी शर्मा ने बच्चों के भर्ती का समय, किए गए उपचार सहित अन्य आवश्यक जानकारियों के संबंध में सवाल किए। बाल कल्याण समिति सदस्य द्वय ने बच्चों के विस्तृत रिकार्ड अस्पताल से लिए हैं।


एसएनसीयू में 279 बच्चों की मौत
जिला चिकित्सालय में बच्चों की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले नौ माह में हुई बच्चों की मौत के आंकड़े जिला चिकित्सालय की स्वास्थ सुविधाओं की कलई खोल रहे हैं। बताया जा रहा है कि अप्रैल से अब तक जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में 279 बच्चों की मौत हो चुकी है।


जांच हेतु समिति गठित
प्रभारी कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पार्थ जायसवाल ने जिला चिकित्सालय शहडोल में हुई बच्चो की मौत मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया है। जांच टीम में डिप्टी कलेक्टर शहडोल के के पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश पाण्डेय एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास मनोज लारोलकर को शामिल किया गया है। जांच टीम को निर्देशित किया गया है कि तत्काल जांच कर विस्तृत जांच प्रतिवेदन स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत करें।

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