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विदेशों में जा रही शहडोल की कालीन

Lav Kush Tiwari

Publish: Oct 20, 2019 08:00 AM | Updated: Oct 19, 2019 20:47 PM

Shahdol

कलेक्टर ने हस्त शिल्प विकास निगम छतवई का किया निरीक्षण

शहडोल. संभागीय मुख्यालय से लगभग 5 किलो मीटर दूर स्थित हस्त सिल्प विकास निगम द्वारा संचालित कालीन बुनाई केन्द्र से यहां निर्मित कालीनें देश ही नहीं विदेशों में भी जा रही हैं। विदेशों में बढ़ती कालीन की मांग को लेकर विभाग द्वारा यहां बुनकरों को प्रशिक्षित कर आदिवासी और बैगाओं को रोजगार के अवसर उपलव्ध कराए जारहे हैं। यहां अब तक लगभग तीन सैकड़ा से अधिक कारीगरों को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से अब तक तीन कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर और प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया है। यहां की कालीन स्थानीय स्तर पर अमरकंटक में लगने वाले शिवरात्रि मेले और शहडोल स्थित मकर संक्राति पर्व पर लगने वाले विराट मंदिर मेले तथा विन्ध्य उत्सव और बांधवगढ़ में लगाने वालेे मेले में बिक्री के लिए उपलव्ध कराया जाता है। शुक्रवार को अचानक कलेक्टर ललित दाहिमा ने छतवई में स्थित हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा बनाई जाने वाली कालीनों एवं आदिवासी कला संस्कृति से ओतप्रोत लकड़ी एवं लोहे से निर्मित चित्रकलाओं का अवलोकन किया साथ ही निगम द्वारा बनाई जाने वाले विभिन्न साइज के कालीनों का भी अवलोकन किया। इस मौके पर बताया गया कि यहां पर बनाए जाने वाले गालिचे एंव कालीने देश के अलावा विदेशों में भी भेजी जाती है। कलेक्टर ने गालिचों के निर्माण करने वाली मशीनें एवं रा मटेरियल का भी अवलोकन किया।