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साम्राज्यवाद ताकतों की देन है पाकिस्तान

Brijesh Chandra Sirmour

Publish: Oct 21, 2019 07:05 AM | Updated: Oct 20, 2019 21:17 PM

Shahdol

बापू कथा पर गांधीवादी विचारक कुमार प्रशांत के विचार, मानस भवन आडिटोरियम में हुआ आयोजन

शहडोल. साम्राज्यवादियों की सोच थी कि यदि भारत आजाद हो जाएगा तो उस पर उनका नियंत्रण कैसे होगाïï? भारत के नजदीक अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए उन्होने भारत को दो हिस्सोंं में बांट कर पाकिस्तान को बनाया। यह विचार स्थानीय मानस भवन आडिटोरियम में रविवार को राष्ट्रीय युवा संगठन द्वारा आयोजित बापू कथा पीर पराई का जाने में प्रख्यात गांधीवादी विचारक, लेखक, चिंतक व पत्रकार और गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमार प्रशांत ने व्यक्त किया। उन्होने बताया कि सत्ता और गुलाम मंच के बीच सेतु का कार्य करने के लिए लार्ड ह्यूम ने 1885 मेंं कांग्रेस की स्थापना की थी। इसके बाद आपसी खींचातानी के बीच 1915 तक पांच संगठनों का जनम हुआ। जिसमें आरएसएस भी शामिल है। इन पांच संगठनों में समानता यही रही कि इनका कोई भी सदस्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल नहीं हुआ। कार्यक्रम में संतोष द्विवेदी व भास्कर राव रोकड़े ने भी अपने विचार व्यक्त किए। तीनों अतिथियों का सुभाष गुप्ता, अजय अवस्थी व अनुज मिश्रा द्वारा सॉल व श्रीफल से सम्मान किया गया। बालिका सानिया ने देशभक्ति गीत और दो बच्चों ने बापू के भजन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन रवीन्द्र तिवारी ने किया।